फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   March 2024 target for TB-free Hisar, will get victory plan

टीबी मुक्त हिसार के लिए मार्च 2024 का लक्ष्य,जीत योजना दिलाएगी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 23 Mar 2022 11:27 PM IST
विज्ञापन
March 2024 target for TB-free Hisar, will get victory plan
टीबी अस्पताल - फोटो : Hisar
हिसार। जिले को टीबी मुक्त भारत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 2025 का लक्ष्य रखा है। इस अभियान को जिले में पूरा करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत (ज्वाइंट इफर्ट फॉर इलीमिनेशन ऑफ टीबी) जीत अभियान शुरू को मार्च 2024 तक का टारगेट तय किया गया है, जिसमें सुप्त टीबी यानी छिपा टीबी की पहचान की जाती है। जिसमें जिले के हर एक टीबी मरीज के परिजनों की जांच की जाएगी। अब तक करीब 1450 लोगों के सैंपल की जांच की जा चुकी है।
विज्ञापन

प्रदेश में सबसे पहले जीत योजना की शुरुआत हिसार से की गई थी। जिले में टीबी के 3600 मरीज हैं। जीत योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग इन मरीजों के परिजनों के टेस्ट कराएगा। मरीज के परिवार के 5 साल से अधिक आयु के सभी सदस्यों के सैंपल लेगा। ऐसे लोगों में छिपा हुआ टीबी हो सकता है। इसका पता लगाने के लिए इगरा टेस्ट होगा। सबसे पहले विभाग का टीबी मरीजों के परिवार वालों पर फोकस रहेगा। उन सभी का इगरा टेस्ट किया जाएगा। अगर कोई पॉजिटिव मिलता है तो उसी समय इलाज शुरू कर दिया जाएगा। जीत स्कीम में 12 सदस्यों को टीम में शामिल किया गया है। हर ब्लॉक पर टीम रहेगी। जीत स्कीम के तहत लगातार जागरूकता कार्यक्रम भी किए जा रहे हैं।
विज्ञापन

निशुल्क करा रहे टेस्ट -
इगरा टेस्ट निजी अस्पताल में कराने पर 2500 रुपये शुल्क देना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर इस योजना के तहत यह जांच निशुल्क कराई जा रही है। बिना पॉजिटिव भी इलाज अनिवार्य हर टीबी मरीज के परिवार वालों के इगरा टेस्ट किए जाएंगे। चाहे लक्षण हो या ना। पॉजिटिव होने पर भी इलाज अनिवार्य होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

लक्षण न होने पर भी पता लग सकेगा -
संदिग्ध लक्षण के आधार पर मरीजों के टीबी जांच के लिए सीबी नॉट टेस्ट किए जाते हैं। अब मरीज में लक्षण न हो तब भी बीमारी की पहचान की जा सकेगी। इसके लिए इगरा टेस्ट शुरू किया गया है। भविष्य में टीबी की आशंका की जानकारी भी पहले ही मिल जाएगी।
ऐसे होगा उपचार....
जिले में टीबी मरीजों के परिवार में शामिल 5 साल आयु से कम के बच्चों को 6 महीने तक आईएनएच की गोली दी जाएगी। इससे अधिक आयु के सदस्यों का इगरा टेस्ट किया जाएगा। जिसमें पॉजिटिव मिलने पर छाती के एक्सरे किए जाते हैं। अगर एक्सरे में सामान्य पाया जाता है तो भी मरीज को 6 महीने तक आईएनएच की गोली खिलाई जाएगी।

वर्जन...
24 मार्च विश्व टीबी दिवस पर थ्रीएचपी मेडिसन का शुभारंभ किया जाएगा, जिसमें 14 साल आयु से बड़े मरीजों को साप्ताहिक खुराक लेनी होगी। यह खुराक तीन महीने तक लेनी पड़ेगी। अब तक मरीजों को छह महीने खुराक लेनी पड़ती थी।
- जितेंद्र गौतम, जीत योजना, हिसार।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed