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Hisar News: किसान बोला-जाम लगा दो, एसडीएम ने कहा-दो मिनट लगेंगे, सारी गर्मी निकल जाएगी... ...
Tue, 06 Oct 2026 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Tue, 06 Oct 2026 01:20 AM IST
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घिराय/बरवाला। बरवाला अनाज मंडी में सोमवार को जीरी की खरीद-तौलाई में ढिलाई पर किसानों और प्रशासन के बीच तीखी बहस की तस्वीर सामने आई।
किसानों ने एसडीएम अशवीर नैन के सामने जीरी की तौल शुरू करवाने की मांग रखी। इसी दौरान एक किसान ने समस्या का समाधान नहीं होने पर जाम लगाने की बात कही। एसडीएम ने गुस्से से तमतमाते हुए जवाब दिया-दो मिनट लगेंगे, सारी गर्मी निकल जाएगी। एसडीएम की ओर से ऐसा कहने के बाद मौके पर माहौल गरमा गया। किसानों और अधिकारियों के बीच बहस का वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ।
किसानों का कहना था कि मंडी में जीरी की खरीद के साथ तौल प्रक्रिया में भी परेशानी आ रही है। किसान अपनी फसल का समय पर तौल और खरीद करवाने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि तौल में देरी से किसानों को मंडी में इंतजार करना पड़ रहा है।
हालांकि बाद प्रशासन की ओर से किसानों को आश्वास्त किया गया कि मंगलवार से जीरी की तौल शुरू करवा दी जाएगी। किसानों ने उम्मीद जताई कि तौल और खरीद की व्यवस्था सुचारु होने से उन्हें राहत मिलेगी।
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धरने पर बैठे किसान ताे शुरू कराई जीरी की खरीद
इससे पहले भारतीय किसान यूनियन टिकैत के आह्वान पर जीरी की सुचारु खरीद, पंजीकरण पोर्टल खोलने, खरीद की सीमा हटाने और यूरिया-डीएपी खाद की पर्याप्त उपलब्धता की मांग को लेकर सैकड़ों किसानों व मजदूरों ने धरना-प्रदर्शन किया। करीब तीन घंटे तक प्रशासन के मौके पर नहीं पहुंचने से किसानों में रोष बढ़ गया। बाद में बरवाला के एसडीएम और मार्केट कमेटी सचिव मनदीप धरना स्थल पर पहुंचे। किसानों ने अधिकारियों के समक्ष जीरी खरीद में आ रही दिक्कतों, पंजीकरण पोर्टल, खरीद सीमा और खाद की कमी का मुद्दा उठाया। किसानों के दबाव के बाद मौके पर ही कुछ फसल की खरीद शुरू करवाई गई।
ठोस कदम न उठाने पर आंदोलन की चेतावनी:
किसान संगठनों ने प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि खरीद व्यवस्था सुचारु करने, पोर्टल की समस्या दूर करने, खरीद सीमा हटाने और यूरिया-डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। किसान नेताओं ने कहा कि फसल की निर्बाध खरीद और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना सरकार व प्रशासन की जिम्मेदारी है। धरने की संयुक्त अध्यक्षता रत्न मान, सितेंद्र कोथ, कृष्ण डाढ़, सरबत पूनिया, संदीप सिवाच और कामरेड मियां सिंह ने की। संचालन अनिल बैंदा व सरदानन्द राजली ने किया। इस मौके पर कई किसान मौजूद रहे।
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किसानों ने एसडीएम अशवीर नैन के सामने जीरी की तौल शुरू करवाने की मांग रखी। इसी दौरान एक किसान ने समस्या का समाधान नहीं होने पर जाम लगाने की बात कही। एसडीएम ने गुस्से से तमतमाते हुए जवाब दिया-दो मिनट लगेंगे, सारी गर्मी निकल जाएगी। एसडीएम की ओर से ऐसा कहने के बाद मौके पर माहौल गरमा गया। किसानों और अधिकारियों के बीच बहस का वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ।
किसानों का कहना था कि मंडी में जीरी की खरीद के साथ तौल प्रक्रिया में भी परेशानी आ रही है। किसान अपनी फसल का समय पर तौल और खरीद करवाने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि तौल में देरी से किसानों को मंडी में इंतजार करना पड़ रहा है।
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हालांकि बाद प्रशासन की ओर से किसानों को आश्वास्त किया गया कि मंगलवार से जीरी की तौल शुरू करवा दी जाएगी। किसानों ने उम्मीद जताई कि तौल और खरीद की व्यवस्था सुचारु होने से उन्हें राहत मिलेगी।
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धरने पर बैठे किसान ताे शुरू कराई जीरी की खरीद
इससे पहले भारतीय किसान यूनियन टिकैत के आह्वान पर जीरी की सुचारु खरीद, पंजीकरण पोर्टल खोलने, खरीद की सीमा हटाने और यूरिया-डीएपी खाद की पर्याप्त उपलब्धता की मांग को लेकर सैकड़ों किसानों व मजदूरों ने धरना-प्रदर्शन किया। करीब तीन घंटे तक प्रशासन के मौके पर नहीं पहुंचने से किसानों में रोष बढ़ गया। बाद में बरवाला के एसडीएम और मार्केट कमेटी सचिव मनदीप धरना स्थल पर पहुंचे। किसानों ने अधिकारियों के समक्ष जीरी खरीद में आ रही दिक्कतों, पंजीकरण पोर्टल, खरीद सीमा और खाद की कमी का मुद्दा उठाया। किसानों के दबाव के बाद मौके पर ही कुछ फसल की खरीद शुरू करवाई गई।
ठोस कदम न उठाने पर आंदोलन की चेतावनी:
किसान संगठनों ने प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि खरीद व्यवस्था सुचारु करने, पोर्टल की समस्या दूर करने, खरीद सीमा हटाने और यूरिया-डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। किसान नेताओं ने कहा कि फसल की निर्बाध खरीद और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना सरकार व प्रशासन की जिम्मेदारी है। धरने की संयुक्त अध्यक्षता रत्न मान, सितेंद्र कोथ, कृष्ण डाढ़, सरबत पूनिया, संदीप सिवाच और कामरेड मियां सिंह ने की। संचालन अनिल बैंदा व सरदानन्द राजली ने किया। इस मौके पर कई किसान मौजूद रहे।