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लंपी को लेकर लुवास अलर्ट, जल्द टास्क फोर्स का होगा गठन, हेल्पलाइन नंबर जारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 05 Aug 2022 11:00 PM IST
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Luvas alert to save animals from lumpi, recommendation to ban animal fairs
हिसार। राजस्थान समेत अन्य राज्यों में फैली लंपी बीमारी को लेकर प्रदेश में पशु मेलों पर रोक लगाने की अनुशंसा की है। लाला लाजपत राय पशुचिकित्सा एवं पशुविज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) जल्द ही इस बीमारी से बचाव को लेकर टास्क फोर्स का गठन करेगा। लंपी को लेकर लुवास ने हेल्पलाइन नंबर 01662-256102 जारी भी किया है।
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प्रदेश में पशुओं में लंपी बीमारी के खतरे को देखते हुए पशुपालन विभाग के अतिरिक्त प्रधान सचिव व लुवास के अनुसंधान अधिकारियों ने बैठक की। इसमें लुवास के अनुसंधान निदेशक डॉ. नरेश जिंदल ने लंपी की आशंका को देखते हुए फिलहाल पशु मेलों पर रोक लगाने की अनुशंसा की है। इस समय पशुओं को एक -दूसरे स्थान पर लाना ले जाना सुरक्षित नहीं है। बड़ी संख्या में पशुओं को एकत्र करना उचित नहीं है। लंपी का संदेह होने पर तुरंत चिकित्सकों से संपर्क करें। मदद के लिए लुवास की ओर से जारी नंबर 01662-256102 पर कॉल कर सकते हैं। लुवास की ओर से जल्द ही टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा, जो लंपी के केस पर काम करेगी। इस बारे में पशुपालन विभाग की ओर से प्रदेश भर में अलर्ट जारी किया जाएगा।
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डॉ. नरेश जिंदल ने कहा कि प्रदेश में इस साल कोई केस रिपोर्ट नहीं हुआ है। पिछले साल केस मिले थे। इस बीमारी में पशुओं की डेथ की संभावना कम होती है। लंपी के फैलने का खतरा अधिक रहता है। उन्होंने बताया कि गोवंश में लंपी बीमारी सबसे अधिक फैलती है।
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दूसरे प्रदेश में पशु लाने ले जाने से बचें...
यह बीमारी फिलहाल राजस्थान, गुजरात में फैली हुई है। ऐसे में इन राज्यों से पशु लाने-ले जाने से बचें। अपने पशु को इन प्रदेशों में आयोजित मेलों में भी न ले जाएं। पशु को दूसरी जगह न लेकर जाएं। बीमार पशुओं पर खास ध्यान दें।

तीन माह अधिक खतरे वाले...
लुवास के पशु वैज्ञानिकों के अनुसार बारिश के तीन महीने लंपी के लिए सबसे अधिक संवेदनशील है। इस समय वातावरण में नमी रहती है। पशुओं के बैठने का स्थान गीला रहता है। मक्खी-मच्छरों का प्रकोप अधिक रहता है। जो इस बीमारी को एक-दूसरे तक फैलाते हैं।
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