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रोडवेज बसों के फर्स्ट एड बॉक्स में रखे हैं चाबी-पाने और एक्सपायरी डेट की दवा
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अश्वनी कुमार
हिसार। सड़कों पर सरपट दौड़ रही हरियाणा रोडवेज की बसें यात्रियों के सुगम सफर के लिए सुरक्षित नहीं हैं।
बसों में लगे फर्स्ट एड बॉक्स में रखी दवाइयों की डेट एक्सपायरी हो चुकी हैं। ऐसे में अगर बीच रास्ते कोई हादसा हो जाए तो यात्रियों को प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल पाएगा। कुछ बसों में बॉक्स खाली पड़े हैं। फर्स्ट एड बॉक्स में चाबी-पाने रखे हैं।
इतना ही नहीं, बसों में रखे अग्निश्मन यंत्र भी काम नहीं कर रहे हैं। हालांकि कई अग्निश्मन यंत्र ठीक है तो कई की डेट एक्सपायरी हो चुकी है। कई बसों में ड्राइवर सीट बेल्ट तक गायब है। ऐसे में ड्राइवर और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों की लापरवाही से यात्रियों की सुरक्षा रामभरोसे चल रही है।
कोरोना केस कम होने के बाद रोडवेज की पटरी से उतरी व्यवस्था लौटना शुरू हो गई है। रोडवेज अधिकारी के अनुसार हिसार डिपो में कुल 189 बसें हैं। इनमें से करीब 172 बसें लोकल से लेकर लंबे रूटों पर दौड़ रही हैं, लेकिन बसों में सुरक्षा व्यवस्था के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। हालांकि रोडवेज अधिकारियों की ओर से बसों में सुविधा देने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर ऐसा कुछ नजर नहीं आता है। (संवाद)
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सभी बसों में फस्ट एड बॉक्स चेक करवाए जाएंगे। जिनमें दवाइयां नहीं है उनमें दवाइयां रखवाई जाएगी। एक्सपायरी डेट की दवा हटवा दी जाएंगी। इसके अलावा सभी बसों में अग्निश्मन यंत्र चेक किए जाएंगे, जो भी समस्याएं बनी हुई है उसका प्राथमिक तौर पर समाधान कराया जाएगा। - सुरेंद्र कुमार, एसएस, हिसार डिपो
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हिसार। सड़कों पर सरपट दौड़ रही हरियाणा रोडवेज की बसें यात्रियों के सुगम सफर के लिए सुरक्षित नहीं हैं।
बसों में लगे फर्स्ट एड बॉक्स में रखी दवाइयों की डेट एक्सपायरी हो चुकी हैं। ऐसे में अगर बीच रास्ते कोई हादसा हो जाए तो यात्रियों को प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल पाएगा। कुछ बसों में बॉक्स खाली पड़े हैं। फर्स्ट एड बॉक्स में चाबी-पाने रखे हैं।
इतना ही नहीं, बसों में रखे अग्निश्मन यंत्र भी काम नहीं कर रहे हैं। हालांकि कई अग्निश्मन यंत्र ठीक है तो कई की डेट एक्सपायरी हो चुकी है। कई बसों में ड्राइवर सीट बेल्ट तक गायब है। ऐसे में ड्राइवर और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों की लापरवाही से यात्रियों की सुरक्षा रामभरोसे चल रही है।
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कोरोना केस कम होने के बाद रोडवेज की पटरी से उतरी व्यवस्था लौटना शुरू हो गई है। रोडवेज अधिकारी के अनुसार हिसार डिपो में कुल 189 बसें हैं। इनमें से करीब 172 बसें लोकल से लेकर लंबे रूटों पर दौड़ रही हैं, लेकिन बसों में सुरक्षा व्यवस्था के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। हालांकि रोडवेज अधिकारियों की ओर से बसों में सुविधा देने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर ऐसा कुछ नजर नहीं आता है। (संवाद)
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सभी बसों में फस्ट एड बॉक्स चेक करवाए जाएंगे। जिनमें दवाइयां नहीं है उनमें दवाइयां रखवाई जाएगी। एक्सपायरी डेट की दवा हटवा दी जाएंगी। इसके अलावा सभी बसों में अग्निश्मन यंत्र चेक किए जाएंगे, जो भी समस्याएं बनी हुई है उसका प्राथमिक तौर पर समाधान कराया जाएगा। - सुरेंद्र कुमार, एसएस, हिसार डिपो