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जेल अधीक्षक बोले- दोनों डोज लगवा चुके कैदी परिजनों से महीने में एक बार मिल सकेंगे
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हिसार। जल्द ही जेल में बंद कैदियों से उनके परिवार के सदस्यों की मुलाकात हो सकेगी। मुलाकात के लिए कैदियों व मिलने आने वाले परिवार के सदस्यों को कोरोनारोधी वैक्सीन की दोनों डोज लगी होनी अनिवार्य होगी। मुलाकात महीने में सिर्फ एक बार ही हो सकेगी। परिवार के दो सदस्य ही कैदी से मिल सकते हैं। बुधवार को अमर उजाला समाचार पत्र के कार्यालय में पहुंचे हिसार सेंट्रल जेल-1 के अधीक्षक दीपक शर्मा ने खास बातचीत में यह जानकारी दी। बातचीत के कुछ अंश इस तरह हैं...
सवाल : जेल में कैदियों के लिए आपने रेडियो जोकी की योजना शुरू की, यह क्या है?
जवाब : जेल में रेडियो जोकी की शुरुआत अप्रैल 2021 में हुई थी। उस दौरान उसके लिए चार जोकी नियुक्त किए गए थे। उनमें एक सदस्य मंगलमुखी था। अब तीन सदस्य रह गए हैं। कैदी जेल में अपने आप को व्यस्त रखें। इसके लिए रेडियो जोकी की शुरुआत की गई। प्रत्येक बैरेक में माइक लगे हैं। सुबह-शाम भजन संगीत चलाए जाते हैं। बीच-बीच में गाने भी बजते हैं। इसके अलावा जेल में योग व सांस्कृतिक कार्यक्रम करवाए जाते हैं।
सवाल : कैदियों को कोरोना से बचाने के लिए कितना टीकाकरण हो चुुका?
जवाब : कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र व प्रदेश सरकार के निर्देश अनुसार कैदियों को पैरोल पर भेजा गया था। अब 19 सितंबर से पैरोल पर गए कैदियों की जेल वापसी शुरू होगी। जेल में सभी कैदियों को पहली डोज लग चुकी है। 280 कैदियों को कोरोनारोधी वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी हैं। 16 सितंबर को जेल में वैक्सीनेशन कैंप लगाया जाएगा। पैरोल पर गए कैदियों को भी वैक्सीन समय-समय पर लगवाने के लिए कहा गया था। एक भी कैदी की कोरोना के कारण मौत नहीं हुई है।
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सवाल : जेल में कैदियों के लिए फैक्टरी कब शुरू होगी?
जवाब :जेल में कैदियों को कई तरह के काम सिखाए जाते हैं। कैदियों से टैंट बनवाए जा रहे हैं। यह टैंट काफी उच्च किस्म का है। एक टैंट को बनाने में 33 हजार रुपये का खर्च आता है। हरियाणा पुलिस ने कुछ समय पहले करीब 400 टैंट का ऑर्डर दिया था। उम्मीद है कि टैंट का जल्द ही बड़ा ऑर्डर आ सकता है। जेल में खेती भी की जा रही है। जेल में फैक्टरी शुरू हो चुकी है।
सवाल : जेल की सुरक्षा को किस तरह से पुख्ता किया जा रहा है?
जवाब : जेल में बाहर की तरफ से किसी प्रकार की कोई संदिग्ध गतिविधि न हो इसके लिए जेल के बाहर की तरफ सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। जिला पुलिस की ओर से जेल के बाहर एक जिप्सी लगातार गश्त पर रहती है। हमारे जेल वार्डर भी लगातार निगरानी रखते हैं। कुछ वार्डर हमने सुरक्षा के लिए बाहर भी लगाए हैं। जेल में कैमरों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार है।
सवाल : जेल में कैदियों के खाने की गुणवत्ता के सवाल पर क्या कहेंगे?
जवाब : कैदियों को नियमों और मानकों के अनुसार भोजन दिया जाता है। मैं खुद भोजन को जांचता हूं। कैदियों के परिवार के लोगों को 8 हजार रुपये जमा कराने की अनुमति है। इस पैसे के बदले कैदी जेल कैंटीन से जरूरत का सामान लेते हैं। जेल में नकदी को पूरी तरह से बंद किया जा चुका है। सभी तरह का भुगतान ऑनलाइन होता है।
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सवाल : जेल में कैदियों के लिए आपने रेडियो जोकी की योजना शुरू की, यह क्या है?
जवाब : जेल में रेडियो जोकी की शुरुआत अप्रैल 2021 में हुई थी। उस दौरान उसके लिए चार जोकी नियुक्त किए गए थे। उनमें एक सदस्य मंगलमुखी था। अब तीन सदस्य रह गए हैं। कैदी जेल में अपने आप को व्यस्त रखें। इसके लिए रेडियो जोकी की शुरुआत की गई। प्रत्येक बैरेक में माइक लगे हैं। सुबह-शाम भजन संगीत चलाए जाते हैं। बीच-बीच में गाने भी बजते हैं। इसके अलावा जेल में योग व सांस्कृतिक कार्यक्रम करवाए जाते हैं।
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सवाल : कैदियों को कोरोना से बचाने के लिए कितना टीकाकरण हो चुुका?
जवाब : कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र व प्रदेश सरकार के निर्देश अनुसार कैदियों को पैरोल पर भेजा गया था। अब 19 सितंबर से पैरोल पर गए कैदियों की जेल वापसी शुरू होगी। जेल में सभी कैदियों को पहली डोज लग चुकी है। 280 कैदियों को कोरोनारोधी वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी हैं। 16 सितंबर को जेल में वैक्सीनेशन कैंप लगाया जाएगा। पैरोल पर गए कैदियों को भी वैक्सीन समय-समय पर लगवाने के लिए कहा गया था। एक भी कैदी की कोरोना के कारण मौत नहीं हुई है।
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सवाल : जेल में कैदियों के लिए फैक्टरी कब शुरू होगी?
जवाब :जेल में कैदियों को कई तरह के काम सिखाए जाते हैं। कैदियों से टैंट बनवाए जा रहे हैं। यह टैंट काफी उच्च किस्म का है। एक टैंट को बनाने में 33 हजार रुपये का खर्च आता है। हरियाणा पुलिस ने कुछ समय पहले करीब 400 टैंट का ऑर्डर दिया था। उम्मीद है कि टैंट का जल्द ही बड़ा ऑर्डर आ सकता है। जेल में खेती भी की जा रही है। जेल में फैक्टरी शुरू हो चुकी है।
सवाल : जेल की सुरक्षा को किस तरह से पुख्ता किया जा रहा है?
जवाब : जेल में बाहर की तरफ से किसी प्रकार की कोई संदिग्ध गतिविधि न हो इसके लिए जेल के बाहर की तरफ सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। जिला पुलिस की ओर से जेल के बाहर एक जिप्सी लगातार गश्त पर रहती है। हमारे जेल वार्डर भी लगातार निगरानी रखते हैं। कुछ वार्डर हमने सुरक्षा के लिए बाहर भी लगाए हैं। जेल में कैमरों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार है।
सवाल : जेल में कैदियों के खाने की गुणवत्ता के सवाल पर क्या कहेंगे?
जवाब : कैदियों को नियमों और मानकों के अनुसार भोजन दिया जाता है। मैं खुद भोजन को जांचता हूं। कैदियों के परिवार के लोगों को 8 हजार रुपये जमा कराने की अनुमति है। इस पैसे के बदले कैदी जेल कैंटीन से जरूरत का सामान लेते हैं। जेल में नकदी को पूरी तरह से बंद किया जा चुका है। सभी तरह का भुगतान ऑनलाइन होता है।