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स्टेडियम में डटे रहे जाट, पुराने आंदोलन स्थल पर सीआरपीएफ ने गाडे़ तंबू
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
Updated Tue, 07 Jun 2016 01:14 AM IST
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जाट आरक्षण आंदोलन
- फोटो : bureau
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जाट आंदोलन के लिए प्रसिद्ध रहे स्थल पर सीआरपीएफ ने तंबू गाड़ दिए हैं। जाटों का धरना समाप्त होने तक सीआरपीएफ यहां तैनात रहेगी। जाट न्याय अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को दूसरे दिन भी शांतिपूर्वक तरीके से जारी रहा। धरने पर लोगों की सीमित संख्या को देखकर सेना की संख्या में कटौती कर दी गई है।
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जाट आरक्षण को लेकर सोमवार को भी धरना जारी रहा। धरना स्थल पर जाटों ने खट्टर सरकार मुर्दाबाद, हिसार प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए अपना विरोध जताया। खेल स्टेडियम के हॉल में धरना दे रहे जाट नेताओं ने कहा कि मांग पूरी होने तक धरना जारी रहेगा। धरने पर बैठे लोग ताश खेलकर, चाय पीकर अपना समय बिताते नजर आए।
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जाट आरक्षण आंदोलन के तहत दिए जा रहे धरने को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष सतबीर पूनिया ने कहा कि हम किसी तरह की लड़ाई नहीं चाहते। सरकार एक कदम बढ़ाएगी तो हम दो कदम बढ़ाएंगे। प्रदेश सरकार की ओर से सोनीपत में एक दो युवाओं के परिजनों को मुआवजा दिया गया है।
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इसके बाद दो जिलों से धरना समाप्त कर दिया गया है। सरकार की ओर से सकारात्मक रवैया रहा तो हम धरने सकुंचित करते जाएंगे। अगर सरकार ने मांग नहीं मानी तो एक तय समय के बाद धरनों को विस्तृत आकार दे दिया जाएगा। हिसार जिले में फिलहाल धरना जारी रखेंगे। प्रदेश सरकार कई तरह के हथकंडे अपनाकर हमें दबाने का प्रयास कर रही है। सरकार- प्रशासन की ओर से जितना दबाने का प्रयास किया जाएगा उतना ही अधिक विरोध होगा।
डीआरओ ने दिया बातचीत का प्रस्ताव
जिला राजस्व अधिकारी ने प्रशासन की ओर से अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक को फोन किया। उन्होंने धरना समाप्त कराने के लिए बातचीत का प्रस्ताव रखा। जिस पर रामभगत मलिक ने कहा कि यह मामला जिला स्तर नहीं प्रदेश स्तर का है। ऐसे में जिला स्तर पर बातचीत का कोई औचित्य नहीं है।
रैली स्थल पर सीआरपीएफ ने गाडे़ तंबू
जाट आरक्षण के लिए गांव के बाहरी हिस्से में जहां पर धरना दिया जाता रहा था उस स्थल पर सीआरपीएफ ने तंबू गाड़ दिए है। सीआरपीएफ की टुकड़ी ने यहां तीन तंबू लगाए हैं। सेना की कुछ गाड़ियां नेशनल हाइवे पर तैनात की गई है। इसके अलावा कुछ जवानों को संभावित धरना स्थल पर खेतों में लगाया गया है।
सेना की संख्या घटाई
धरने में लोगों की संख्या सीमित होने की जानकारी के बाद प्रशासन ने मय्यड़ के आसपास से सेना की संख्या में कटौती की है। पहले दिन की अपेक्षा करीब 30 से 40 प्रतिशत तक संख्या कम कर दी गई। कुछ पुलिस के जवानों को भी उनकी मूल ड्यूटी पर वापस भेजा गया।
पुलिस भी आराम की मुद्रा में
पुलिस के जवान दूसरे दिन आराम की मुद्रा में दिखे। कुछ पेड़ों के नीचे लेटकर समय बिताते नजर आए। कुछ ने ताश खेलकर समय बिताया। कुछ मोबाइल पर सोशल मीडिया में जुटे रहे। कुछ जगह पुलिस के जवान पर बातों में मशगूल रहे। पुलिस के जवानों ने गर्मी के कारण वर्दी भी उतार दी।