हिसार में इन्फ्लुएंजा से मौत: स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप, पंजाब के लोगों की निकाली जाएगी ट्रैवल हिस्ट्री
हिसार में इन्फ्लुएंजा के मरीज की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मृतक मरीज की पंजाब तक ट्रैवल हिस्ट्री निकाली जाएगी। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मृतक पंजाब के सुनाम निवासी था।
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हिसार में इन्फ्लुएंजा के मरीज की मौत हो गई। मरीज पंजाब का रहने वाला था और हिसार में एक निजी अस्पताल में दाखिल था। जैसे ही मौत की खबर स्वास्थ्य विभाग को मिली तो डॉक्टरों में हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों की अतिरिक्त टीम बना दी है। टीम ने एक्शन लेते हुए अग्रोहा मेडीकल में भेजे गए सैंपलों की रिपोर्ट मंगवा ली है।
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मृतक पंजाब के सुनाम का निवासी
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मृतक पंजाब के सुनाम निवासी था। मृतक की उम्र 40 वर्ष थी। स्वास्थ्य विभाग का कहना है इन्फ्लुएंजा के साथ-साथ मृतक मरीज मोटापा, शुगर सहित कई अन्य बीमारियों से पीड़ित था। उसका एच3एन2 जांच के लिए सैंपल लैब में भिजवाया था, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। अस्पताल संचालक ने मृतक की डेथ समरी जिला स्वास्थ्य विभाग के पास भेजी है।
हिसार स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक करीब 30 इन्फ्लुुएंजा संदिग्धों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। जिनमें 4 सैंपलों की रिपोर्ट पॉॅॅजीटिव आई है। बाकी सैंपलों की रिपोर्ट शुक्रवार शाम को आएगी। रिपोर्ट आने से पहले स्वास्थ्य विभाग ने आगामी तैयारी पूरी कर ली है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मृतक मरीज की पंजाब तक ट्रैवल हिस्ट्री निकाली जाएगी। मरीज के संपर्क में आने वाले सभी लोगों के सैंपल लिए जाएंगे। सबसे पहले यह पता किया जा रहा है कि हिसार के कितने लोग मृतक के संपर्क मेें आ चुके हैं।
1962 के बाद इन्फ्लुएंजा(एच-3 एन-2) ने हिसार में दी दस्तक
- वर्ष 1962 में इन्फ्लुएंजा(एच-3 एन-2)वायरस का हांगकांग देश में कहर देखने को मिला था। इसके 61 साल बाद अब इस वायरस ने हिसार में भी दस्तक दे दी है। वायरस के कहर से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने भी कमर कस ली है। स्वास्थ्य विभाग ने दो दिनों में 30 संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं।
- सीएमओ गोविंद गुप्ता ने जिले के सभी सरकारी डॉक्टर व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने आदेश किए जिले के सभी सब डिवीजन के नागरिक अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी में फ्लु कॉर्नर शुरू कर दिए जाएंगे। खांसी, जुखाम, बुखार, सांस व कोडिव जैसे लक्षण वाले संदिग्ध मरीजों की सैंपलिंग की जाए और सैंपल तुंरत प्रभाव से जिला नागरिक अस्पताल हिसार में भिजवाए जाए।
डॉ. सुभाष खतरेजा के अनुसार
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुभाष खतरेजा ने बताया कि वर्ष 1962 में सबसे पहले इस वायरस ने हांगकांग देश में कहर किया था। इसके 62 साल बाद अब इसने हिसार में भी दस्तक दी है।
डॉक्टरों ने ये दी सलाह
नागरिक अस्तपताल के डिप्टी सिविल सर्जन सुभाष खतरेजा ने बताया कोरोना वायरस की तरह इन्फ्लुएंजा वायरस भी अत्यधिक संक्रामक है। यह भी संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने और निकट संपर्क से फैलता है। डॉक्टरों ने नियमित रूप से हाथ धोने और मास्क लगाने समेत कोविड जैसी सावधानियों की सलाह दी है। छींकने और खांसने के दौरान मुंह और नाक को ढंकने व पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि 65 साल से ज्यादा उम्र के बुुजुर्ग, 5 साल तक के छोटे बच्चों, गर्भवती का विशेष ध्यान रखने की बात की है।