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बॉक्सिंग में आदमपुर की किरण ने गाड़ा कामयाबी का झंडा, नेशनल में पहली बार में ही जीता गोल्ड

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 30 Apr 2022 12:06 AM IST
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In boxing, Kiran of Adampur raised the flag of success, won gold in the national for the first time.
अश्वनी कुमार
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हिसार। तीन साल पहले आदमपुर निवासी किरण बॉक्सिंग में कॅरिअर बनाने रिंग में उतरी तो पड़ोसियों ने उसे खेलने से मना कर दिया। पड़ोसी की बात सुनकर मां संतरो देवी ने बेटी को खेलने नहीं भेजा। बेटी किरण एक माह तक खेल से दूर रही। इस बीच कोच ने उसके घर आकर उसकी मां को समझाया तो वह वापस रिंग में उतर आई। हाल ही में किरण ने बंगलूरू में हुई खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के बॉक्सिंग इवेंट में 70 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीता है। किरण ने फाइनल में जीजेयू की खिलाड़ी कुसुम को 5-0 से हराकर पदक पर कब्जा किया है। यह किरण का नेशनल में पहला गोल्ड है। उसने बॉक्सिंग में कामयाबी का झंडा गाड़कर देश में पूरे हरियाणा का नाम रोशन किया है।
आदमपुर के सुभाष नगर की इंदिरा कॉलोनी निवासी किरण के पिता रामसिंह गोदारा किसान हैं। माता संतरो देवी गृहिणी हैं। वह आदमपुर में सुभाष चंद्रा बॉक्सिंग ट्रेनिंग सेंटर में खेल इंचार्ज सूबे सिंह बेनीवाल और कोच लक्ष्मण रावत के पास प्रशिक्षण ले रही है। किरण बताती है कि जब वह ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ती थी, तो एक दिन स्कूल में खेल इंचार्ज सूबे सिंह बैनीवाल और कोच लक्ष्मण रावत आए। इस दौरान उन्होंने मेरी हाइट को देखते हुए बॉक्सिंग खेलने की बात कही। उसके बाद किरण रिंग में उतर गई और पीछे मुड़कर नहीं देखा। संवाद
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जो खेलने से मना करते थे, आज वही दे रहे सम्मान
शुरू में किरण ने बॉक्सिंग का प्रशिक्षण लेना शुरू किया तो पड़ोसियों ने उसे खेलने से मना कर दिया था। किरण की मां को पड़ोसी कहते थे कि बेटी खेलने अकेले जाती है। शाम को भी लेट आती है। इसे खेलने मत भेजो। आज जब वह पदक ला रही है, तो खेलने से मना करने वाले पड़ोसी भी उसे सम्मान दे रहे हैं। किरण ने वर्ष 2021 में रोहतक की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी में हुई सीनियर स्टेट बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था।
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ओलंपिक में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना लक्ष्य
किरण बताती है कि उसका सपना ओलंपिक में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने का है। इसके लिए उसने अभी से तैयारी करनी शुरू कर दी है। किरण सुबह-शाम पांच घंटे बॉक्सिंग का प्रशिक्षण ले रही है। उसने बताया कि पिता रामसिंह गोदारा आज भी मुझे खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते है।
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