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अपहरण के दोषियों को सात-सात साल कैद
भिवानी/ब्यूरो।
Updated Thu, 19 Dec 2013 09:37 PM IST
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हरियाणा के भिवानी में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. अब्दुल माजिद की अदालत ने एक निजी वाहन चालक के अपहरण और उसके साथ मारपीट मामले में आठ लोगों को सात-सात साल कैद की सजा सुनाई है।
दोषियों पर 11-11 हजार का जुर्माना भी किया गया है।
अदालत में पेश पुलिस चालान के अनुसार गांव पिलाना निवासी अनिल ने दो सितंबर 2012 को बौंदकलां थाना में दी गई शिकायत में बताया था कि वह क्रूजर गाड़ी चलाता है।
गांव रानीला निवासी सेवानंद उसे बुकिंग पर भिवानी लेकर गया था। रात आठ बजे जब वे वापस लौट रहे थे तो गांव सांजरवास के पास माइनर पर मोटरसाइकिल और गाड़ी खड़ी हुई थी।
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गाड़ी चालक ने डिपर देकर साइड मांगी तो उसने गाड़ी धीरे कर साइड दे दी। उसके बाद गाड़ी चालक ने गाड़ी उसके आगे लगाकर उसका रास्ता रोक लिया।
गाड़ी में से करीब छह युवक उतरे। उनके हाथ में लोहे की रॉड और डंडे थे। उन्होंने उसके साथ मारपीट की और गाड़ी में डालकर गांव सांजरवास के शमशान घाट के पास ले गए।
बाद में उसकी गाड़ी में चार पेटी शराब रख दी और कलानौर थाने के पास छोड़कर फरार हो गए। घायल अनिल को सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया।
बौंदकलां थाना पुलिस ने घायल अनिल की शिकायत पर गांव सांजरवास निवासी सुरेंद्र, वेदप्रकाश, शमशेर, हरबंस, मदनपाल, जयकरण व गांव पिलाना निवासी सुंदर और प्रदीप कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. अब्दुल माजिद की अदालत ने आरोपियों को दोषी करार दिया।
अदालत ने उनको सात-सात साल कैद और 11-11 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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दोषियों पर 11-11 हजार का जुर्माना भी किया गया है।
अदालत में पेश पुलिस चालान के अनुसार गांव पिलाना निवासी अनिल ने दो सितंबर 2012 को बौंदकलां थाना में दी गई शिकायत में बताया था कि वह क्रूजर गाड़ी चलाता है।
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गांव रानीला निवासी सेवानंद उसे बुकिंग पर भिवानी लेकर गया था। रात आठ बजे जब वे वापस लौट रहे थे तो गांव सांजरवास के पास माइनर पर मोटरसाइकिल और गाड़ी खड़ी हुई थी।
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गाड़ी चालक ने डिपर देकर साइड मांगी तो उसने गाड़ी धीरे कर साइड दे दी। उसके बाद गाड़ी चालक ने गाड़ी उसके आगे लगाकर उसका रास्ता रोक लिया।
गाड़ी में से करीब छह युवक उतरे। उनके हाथ में लोहे की रॉड और डंडे थे। उन्होंने उसके साथ मारपीट की और गाड़ी में डालकर गांव सांजरवास के शमशान घाट के पास ले गए।
बाद में उसकी गाड़ी में चार पेटी शराब रख दी और कलानौर थाने के पास छोड़कर फरार हो गए। घायल अनिल को सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया।
बौंदकलां थाना पुलिस ने घायल अनिल की शिकायत पर गांव सांजरवास निवासी सुरेंद्र, वेदप्रकाश, शमशेर, हरबंस, मदनपाल, जयकरण व गांव पिलाना निवासी सुंदर और प्रदीप कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. अब्दुल माजिद की अदालत ने आरोपियों को दोषी करार दिया।
अदालत ने उनको सात-सात साल कैद और 11-11 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।