हिसार। रेशनेलाइजेशन व सामान्य तबादलों में भेदभाव करने की मांग को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ में रोष है। इस मुद्दे को लेकर राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने सोमवार को जिला प्रधान प्रधान जयभगवान बडाला की अध्यक्षता में सीटीएम विजया मलिक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में रेशनेलाइजेशन व सामान्य तबादला और वर्ष 2017 में लगे जेबीटी के स्थायी जिले देने का विरोध किया। जिला महासचिव सुनील बास ने मांग की है वर्ष 2017 में लगे जेबीटी अध्यापकों को स्थायी जिला मिले, क्योंकि ये शिक्षक 250 से 300 किलोमीटर दूर अपने घरों से दूर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने जो 1:30 का रेशनेलाइजेशन किया है वह सरासर गलत है। क्योंकि इसमें 200 बच्चों के बाद अनुपात 1:40 का है, जो बिल्कुल गलत है। जहां विभाग पहले ये अनुपात 25:1 कर चुका है, वहीं नई शिक्षा नीति में भी अनुपात 25:1 ही रखा गया है। हर स्कूल में मुख्य शिक्षक का पद होना चाहिए। इसके साथ साथ 150 से ज्यादा छात्र संख्या वाले स्कूलों में मुख्य शिक्षक का पद वर्क लोड के बिना काउंट होना चाहिए। राज्य कोषाध्यक्ष सतीश शर्मा ने कहा कि जेबीटी अध्यापकों के तबादले पिछले पांच साल में एक बार भी नहीं हुए, जबकि टीजीटी और पीजीटी के पिछले 3 सालों में कई बार हो चुके है। इसलिए सरकार से मांग की जाती है कि तबादले जल्दी से जल्दी किए जाएं। शिक्षक नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर समय रहते इन मांगों का समाधान नहीं किया गया तो मजबूरन शिक्षकों को शिक्षा निदेशालय का घेराव करने पर मजबूर होना पड़ेगा। इस दौरान सतीश शर्मा, जितेंद्र इंदौरा, मंगत राम, भूपेंद्र यादव, धर्मसिंह सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।