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प्रीति बोलीं- मैं उस किसान की बेटी हूं जो चार दिन से मौत से लड़ रहे हैं, मेरे पिता ठीक होकर फिर से आंदोलन में जुटेंगे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 09 Nov 2021 12:48 AM IST
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I am the daughter of a farmer who is fighting for life and death for four days, my father will recover and join the movement again
हांसी में किसानों को संबोधित करते राकेश टिकैत। - फोटो : Hisar
हांसी। जिंदल अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे किसान कुलदीप राणा की बेटी प्रीति सोमवार को किसान आंदोलन में शामिल होने पहुंची। उन्होंने दो लाइन की कविता प्रस्तुत करते हुए किसान आंदोलन में साथ होने का एलान किया। कुलदीप राणा की बेटी अपनी बात रखते हुए भावुक हो गई। प्रीति ने कहा कि मैं उस किसान की बेटी हूं जो चार दिन से जिंदगी और मौत से लड़ रहा है। मेरे पिता 11 महीने से किसान आंदोलन में थे। हम भी पूरी तरह से आंदोलन में हैं। मैं उनकी आवाज बनकर एक बात बोलूंगी कि मैं मरग्या तै, कै म्हारे हिंद के सूने डेरे हो ज्यांगे, मेरे बरगे वीर भगत सिंह और भतेरे हो ज्यांगे।
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प्रीति ने कहा कि सरकार शांतिपूर्वक करीब एक साल से सड़कों पर हैं। सरकार को किसानों को सब्र की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए। हम किसान परिवार के साथ हैं। मेरे पिता स्वस्थ होने के बाद फिर से धरने पर लौटेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे इतने किसान शहीद हो चुके। सरकार हमारी सुन नहीं रही। अगर किसानों ने खेती छोड़ दी तो लोग क्या खाएंगे। सरकार को किसानों की मांगों को पूरा करना चाहिए। कुलदीप राणा की पत्नी सरोज ने कहा कि मेरे पति के दो ऑपरेशन हो चुके हैं। जब वह स्वस्थ होकर घर आ जाएंगे तब ही भरोसा हो पाएगा। वह पिछले 11 महीने से किसानों के साथ थे। किसान ही उनका परिवार है। हमने कुलदीप को संयुक्त मोर्चा को सौंपा हुआ है। वह न्याय युद्ध में किसानों के साथ रहेंगे। किसानों के साथ आखिरी सांस तक रहेंगे। हम न्याय की मांग करते हैं।अपने लिए कुछ नहीं चाहते सरकार हमारी बात सुने तो किसानों के लिए तीनों कानूनों को रद्द करे, एमएसपी का कानून लागू करे।
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छावनी में बदला हांसी
सोमवार सुबह से ही हांसी एसपी कार्यालय को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। एसपी कार्यालय की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर बेरिकेडिंग कर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। 2 एएसपी, 7 डीएसपी, पैरामिलिट्री फोर्स की 2 कंपनियां व चार जिलों की पुलिस तैनात की गई।
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लघु सचिवालय के सामने से गुजरने वाले पुराने नेशनल हाईवे की दोनों ओर बेरिकेडिंग कर पूरी तरह से ब्लॉक किया। इस रूट को सेक्टर पांच की ओर से डायवर्ट किया।
सेक्टर-5 में वाहनों की पार्किंग
पुलिस की ओर से वकीलों के अलावा कोर्ट में जाने वाले व्यक्तियों की भी इंट्री भी बैन कर दी। किसानों के लिए सेक्टर 5 में वाहन खड़े करने की इजाजत दी गई है। हांसी की तरफ आने वाले मुख्य रास्तों काली देवी चौक, जींद चौंक, दिल्ली बाईपास चौक, बरवाला रोड़ व हिसार रोड़ पर बेरिकेडिंग कर पुलिस बल तैनात किया गया था।
किसानों पर केस दर्ज होना लोकतंत्र की हत्या
किसान नेता प्रेम सिंह मलिक ने कहा कि सरकार देश व प्रदेश में दंगा करवाकर लोगों का भाईचारा खराब कराना चाहती है। गाड़ी का शीशा टूटे तो संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया जाता है। किसानों के सिर पर लाठियों से हमला करने वालों के खिलाफ कुछ कार्रवाई नहीं की जाती। जिंदगी -मौत से लड़ रहे किसान कुलदीप पर हमला करने वालों पर कार्रवाई की बजाए किसानों पर मामला दर्ज कर लोकतंत्र की हत्या की जा रही है।
हांसी सचिवालय के गेट के आगे पक्का धरना शुरू
प्रशासन के साथ बातचीत विफल होने के बाद किसानों ने हांसी के लघुसचिवालय के मुख्य गेट के आगे धरना शुरू कर दिया है। किसानों ने सचिवालय के गेट के आगे पक्का धरना शुरू कर दिया है। नारनौंद थाने के धरने को भी हांसी शिफ्ट कर दिया गया है। प्रशासन के साथ वार्ता में अभिमन्यु कोहाड़, रवि आजाद, विकास सीसर, सतबीर पहलवान, धर्मपाल बडाला, सुमन हुड्डा, सुदेश गोयत, रणबीर फौजी, प्रहलाद सिंह, जोगेंद्र नैन, मनदीप नथवान, कुलदीप खरड़, विकास श्योराण, सदानंद सरस्वती, सुमित दलाल, बलवान लोहान शामिल रहे।
कुलदीप के स्वास्थ्य की जानकारी लेने पहुंचे किसान नेता
जिंदल अस्पताल में भर्ती किसान कुलदीप राणा के स्वास्थ्य की जानकारी लेने किसान नेता राकेश टिकैत, कामरेड इंद्रजीत, गुरप्रीत सिरसा, हरिकेश काबरछा, अनिल शर्मा पहुंचे। चिकित्सकों से बातचीत कर लौट गए। चिकित्सकों ने बताया कि कुलदीप का दूसरा ऑपरेशन किया जा चुका है। दो दिन बाद ही कुछ कह पाएंगे।
प्रशासन जांच की बात कहता रहा, अटक गई वार्ता
किसानों और प्रशासन के बीच करीब 45 मिनट तक बातचीत हुई। किसानों ने पहली मांग राज्यसभा सदस्य के गनमैन व स्टाफ पर केस दर्ज करने की मांग रखी। प्रशासन की ओर से अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में जांच के बाद ही फैसला लेंगे। किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने पर प्रशासन ने जांच के बाद ही इस पर निर्णय लेने की बात कही। जिस पर किसानों के साथ सहमति नहीं बन सकी।

वकीलों ने की निंदा
वकील हर्षदीप गिल व किसानों पर मुकदमे दर्ज करने की धरनारत वकीलों ने निंदा की। किसानों पर दर्ज मुकदमा तुरंत वापस लिया जाए व लाठीचार्ज में घायल किसान कुलदीप सातरोड़ का इलाज प्रशासन अपने खर्चे पर करवाए। वकीलों ने आज धरने पर मीटिंग करके साथी कुलदीप की आर्थिक मदद करने का प्रस्ताव पास किया। अध्यक्षता हिसार कोर्ट के सीनियर एडवोकेट जेएस मल्ही ने की।

हांसी में लघु सचिवालय का घेराव करने पहुंचे किसान।

हांसी में लघु सचिवालय का घेराव करने पहुंचे किसान।- फोटो : Hisar

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