{"_id":"69051555b4bfb87319000057","slug":"hiv-detection-fell-17-percent-short-of-the-target-hisar-news-c-21-hsr1020-740594-2025-11-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: लक्ष्य से 17 प्रतिशत कम रही एचआईवी मरीजों की खोज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: लक्ष्य से 17 प्रतिशत कम रही एचआईवी मरीजों की खोज
विज्ञापन
हिसार। स्वास्थ्य विभाग जिले में एचआईवी (ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस) संक्रमित मरीजों की खोज का वार्षिक लक्ष्य पूरा नहीं कर सका। मुख्यालय से मिले लक्ष्य के मुकाबले विभाग केवल 83 प्रतिशत एचआईवी संक्रमितों की ही पहचान कर पाया। लक्ष्य से करीब 17 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। अब विभाग ने निजी संस्थानों से सहयोग लेकर लक्ष्य हासिल करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
विभाग ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), निजी अस्पतालों, लैब संचालकों, नशामुक्ति केंद्रों, ब्लड बैंक संचालकों और रक्तदान शिविर आयोजकों को पत्र भेजकर एचआईवी जांच और संदिग्ध मरीजों की पहचान में सहयोग मांगा है।
डिप्टी सिविल सर्जन (एचआईवी नियंत्रण) डॉ. सुशील कुमार गर्ग ने बताया कि राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) और हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण संगठन (एचएसएसीएस) की ओर से जिले के लिए वार्षिक लक्ष्य तय किया गया था।
विज्ञापन
इसे पूरा करने के लिए अब निजी संस्थानों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है, ताकि अधिक से अधिक संक्रमितों की पहचान कर समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके। विभाग की ओर से दो लाख रुपये वार्षिक आय वाले 1,145 एचआईवी संक्रमितों को 2,250 रुपये मासिक आर्थिक सहायता दी जा रही है। मरीजों को मुफ्त इलाज, ब्लड टेस्ट और चिकित्सकीय निगरानी में दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
विज्ञापन
विभाग ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), निजी अस्पतालों, लैब संचालकों, नशामुक्ति केंद्रों, ब्लड बैंक संचालकों और रक्तदान शिविर आयोजकों को पत्र भेजकर एचआईवी जांच और संदिग्ध मरीजों की पहचान में सहयोग मांगा है।
विज्ञापन
डिप्टी सिविल सर्जन (एचआईवी नियंत्रण) डॉ. सुशील कुमार गर्ग ने बताया कि राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) और हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण संगठन (एचएसएसीएस) की ओर से जिले के लिए वार्षिक लक्ष्य तय किया गया था।
विज्ञापन
इसे पूरा करने के लिए अब निजी संस्थानों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है, ताकि अधिक से अधिक संक्रमितों की पहचान कर समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके। विभाग की ओर से दो लाख रुपये वार्षिक आय वाले 1,145 एचआईवी संक्रमितों को 2,250 रुपये मासिक आर्थिक सहायता दी जा रही है। मरीजों को मुफ्त इलाज, ब्लड टेस्ट और चिकित्सकीय निगरानी में दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।