{"_id":"6a26f2e69fada5f7e609a033","slug":"hit-by-the-strike-people-who-came-from-miles-away-returned-disappointed-work-was-stalled-due-to-the-statewide-strike-of-family-identity-card-employees-hisar-news-c-128-1-svns1027-159720-2026-06-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: हड़ताल की मार, कोसों दूर से आए लोग मायूस लाैटे, परिवार पहचान पत्र कर्मचारियों की राज्यव्यापी हड़ताल से कामकाज रहा ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: हड़ताल की मार, कोसों दूर से आए लोग मायूस लाैटे, परिवार पहचान पत्र कर्मचारियों की राज्यव्यापी हड़ताल से कामकाज रहा ठप
Mon, 08 Jun 2026 10:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Mon, 08 Jun 2026 10:20 PM IST
विज्ञापन
सिरसा। नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रीड) के अंतर्गत परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) परियोजना में कार्यरत कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों के समाधान के लिए सोमवार को राज्यव्यापी हड़ताल की। हड़ताल का जिले में व्यापक असर देखने को मिला। पीपीपी से जुड़ी विभिन्न सेवाएं, डेटा सत्यापन, शिकायत निवारण और डेटा प्रबंधन सहित तमाम महत्वपूर्ण गतिविधियां पूरी तरह प्रभावित रहीं।
लघु सचिवालय में एडीसी कार्यालय के समीप स्थित परिवार पहचान पत्र कार्यालय में दिनभर लोग चक्कर काटते नजर आए। पीपीपी कार्यों के लिए निर्धारित कक्ष संख्या-53 पर ताला लटका होने के कारण नागरिक निराश दिखे। कोई पीपीपी में अपनी दर्ज आय कम करवाना चाहता था, तो कोई अन्य तकनीकी त्रुटियों को दुरुस्त करवाने आया था। इस दौरान उन्हें महज यही जानकारी मिल रही थी कि हड़ताल के कारण आज काम नहीं होगा, वे अगले दिन आएं। कई नागरिक 30 से 40 किलोमीटर दूर ग्रामीण क्षेत्रों से जरूरी कार्य करवाने के लिए पहुंचे थे जिन्हें बिना काम करवाए ही वापस लौटना पड़ा।
ग्रामीणों ने बयां किया अपना दर्द
गांव नेपालपुर निवासी हैप्पी ने बताया कि वह अपने मामा की बुढ़ापा पेंशन बनवाने और पीपीपी में कुछ जरूरी सुधार करवाने के लिए सिरसा आया था लेकिन यहां कार्यालय में ताला लटका मिला। इतनी दूर से आने के बावजूद कोई काम नहीं हो पाया, अब दोबारा चक्कर काटना पड़ेगा।
विज्ञापन
गांव मखोसरानी निवासी किसान कृष्ण ने कहा कि वह अपनी वृद्धावस्था पेंशन और पीपीपी में दर्ज आय संबंधी त्रुटि को ठीक करवाने आए थे। पीपीपी में उनकी पारिवारिक आय वास्तविक स्थिति से कहीं अधिक दर्ज दिखाई जा रही है। कर्मचारियों की हड़ताल से दिन खराब हो गया।
-- -
ये हैं प्रमुख मांगें
हरियाणा सरकार की आईटी नीति के अनुरूप वेतन संशोधन और नियमितीकरण।
पिछले तीन वर्षों की लंबित वार्षिक वेतनवृद्धि का एरियर सहित भुगतान।
त्रैमासिक प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन योजना को प्रभावी रूप से लागू करना।
सीआरआईडी कर्मचारियों को यात्रा भत्ता और मोबाइल/संचार भत्ता प्रदान करना।
विज्ञापन
लघु सचिवालय में एडीसी कार्यालय के समीप स्थित परिवार पहचान पत्र कार्यालय में दिनभर लोग चक्कर काटते नजर आए। पीपीपी कार्यों के लिए निर्धारित कक्ष संख्या-53 पर ताला लटका होने के कारण नागरिक निराश दिखे। कोई पीपीपी में अपनी दर्ज आय कम करवाना चाहता था, तो कोई अन्य तकनीकी त्रुटियों को दुरुस्त करवाने आया था। इस दौरान उन्हें महज यही जानकारी मिल रही थी कि हड़ताल के कारण आज काम नहीं होगा, वे अगले दिन आएं। कई नागरिक 30 से 40 किलोमीटर दूर ग्रामीण क्षेत्रों से जरूरी कार्य करवाने के लिए पहुंचे थे जिन्हें बिना काम करवाए ही वापस लौटना पड़ा।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बयां किया अपना दर्द
गांव नेपालपुर निवासी हैप्पी ने बताया कि वह अपने मामा की बुढ़ापा पेंशन बनवाने और पीपीपी में कुछ जरूरी सुधार करवाने के लिए सिरसा आया था लेकिन यहां कार्यालय में ताला लटका मिला। इतनी दूर से आने के बावजूद कोई काम नहीं हो पाया, अब दोबारा चक्कर काटना पड़ेगा।
विज्ञापन
गांव मखोसरानी निवासी किसान कृष्ण ने कहा कि वह अपनी वृद्धावस्था पेंशन और पीपीपी में दर्ज आय संबंधी त्रुटि को ठीक करवाने आए थे। पीपीपी में उनकी पारिवारिक आय वास्तविक स्थिति से कहीं अधिक दर्ज दिखाई जा रही है। कर्मचारियों की हड़ताल से दिन खराब हो गया।
ये हैं प्रमुख मांगें
हरियाणा सरकार की आईटी नीति के अनुरूप वेतन संशोधन और नियमितीकरण।
पिछले तीन वर्षों की लंबित वार्षिक वेतनवृद्धि का एरियर सहित भुगतान।
त्रैमासिक प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन योजना को प्रभावी रूप से लागू करना।
सीआरआईडी कर्मचारियों को यात्रा भत्ता और मोबाइल/संचार भत्ता प्रदान करना।