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Hisar News: 53 किलो भारवर्ग में हिसार की ओलंपियन अंतिम पंघाल बनी चैंपियन
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हिसार की अंतिम पंघाल जीत का दांव लगाती हुई।
हिसार। एचएयू में दो दिवसीय आईआईएस हरियाणा दंगल चैंपियनशिप में प्रदेशभर से करीब 350 महिला और पुरुष पहलवान दमखम दिखा रहे हैं। पहले दिन मुख्य अतिथि के रूप में एचएयू के कुलपति प्रो. बीआर कांबोज, कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा के बेटे संजीव गंगवा, आईआईएस (इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स) की प्रधान मनीषा मल्होत्रा और समाजसेवी जगदीश जिंदल ने शिरकत की। 53 किलोग्राम भारवर्ग में हिसार की ओलंपियन अंतिम पंघाल चैंपियन बनी। अंतिम ने हिसार की ही ज्योति को 5-0 से हराया। वहीं, हिसार की हर्षिता तीसरे स्थान पर रही।
इसके अलावा 62 किलोग्राम भारवर्ग में चरखी दादरी की नेहा सांगवान ने हिसार की कल्पना को 15-8 से हराया। भिवानी की पुष्पा तृतीय स्थान पर रही। 68 किलोग्राम भारवर्ग में जींद की मानसी लाठर प्रथम, रोहतक की कृर्ति कुंडू द्वितीय और हिसार की स्वाति बेरवाल तृतीय, 68 से ऊपर किलोग्राम भारवर्ग में सोनीपत की काजल प्रथम, हिसार की हर्षिता द्वितीय और हिसार की तनु शर्मा तृतीय रही।
लड़कों के वर्ग में हिसार के साहिल ने सोनीपत के सुमित मलिक को 18-15 से हराया। तीसरे स्थान पर झज्जर का निशांत रहा। 65 किलोग्राम भारवर्ग में चरखी दादरी के सुजीत ने आर्मी के संदीप रंगा को 8-2 से हराया। रोहतक से अश्वनी तृतीय रहे। वीरवार को चैंपियनशिप का अंतिम दिन रहेगा। दो दिवसीय चैंपियनशिप के लिए 350 पहलवानों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था। चैंपियनशिप का आयोजन इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स की ओर से किया जा रहा है। उधर, चैंपियनशिप के दौरान एक मुकाबले के परिणाम के लिए कुछ समय तक फाइट रुकी रही। इस दौरान लाइव रिकॉडिंग देखने के बाद जीत का फैसला हो सका।
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फोटो: एचआई 46 से 48
कोच की बेटी को अभ्यास करते देखा तो मैट पर उतरी पुष्पा
आईआईएस हरियाणा दंगल चैंपियनशिप में दमखम दिखाने पहुंची रोहतक की पुष्पा बताती हैं कि उन्होंने सात साल पहले कुश्ती से कॅरिअर की शुरुआत की थी। वह महादेव अखाड़ा में अभ्यास कर रही हैं। उन्होंने कोच रमेश श्योराण की बेटी प्रियंका को अभ्यास करते हुए देखा था तो उसने भी पहलवानी सीखने की ठान ली। पुष्पा नेशनल स्तर पर तीन पदक जीत चुकी हैं। वह बताती है कि उसका सपना ओलंपिक में देश को पदक दिलाना है। इसके लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी है। पिता जयवीर सिंह किसान है। माता शर्मिला गृहिणी है।
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भाई-बहन को सम्मान मिला तो पिंकी ने शुरू की पहलवानी
2023 में कुश्ती के दम पर सीआरपीएफ में कार्यरत हेड कांस्टेबल के पद पर कार्यरत भिवानी के गांव नंगल की रहने वाली पहलवान पिंकी बताती है कि 2013 में उन्होंने कुश्ती की शुरुआत की थी। जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में एक स्वर्ण और दो कांस्य पदक जीत चुकी हैं। पिंकी बताती है कि बड़े भाई अनिल और छोटी बहन मंजू ने पहले कुश्ती शुरू की थी। जब उनके पदक आए तो काफी खुशी हुई। उन्हें मान-सम्मान मिला और गांव में स्वागत किया। उनसे प्रेरित होकर मैंने भी कुश्ती में नाम रोशन करने की ठान ली और मैट पर उतर गई।
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पहलवान साक्षी मलिक की फाइट देख स्वाति ने दिखा ओलंपिक का सपना
आईआईएस हरियाणा दंगल चैंपियनशिप के टाइटल आईआईएस हरियाणा वीर में सिसाय की बेटी स्वाति ने कांस्य पदक जीता है। पहलवान स्वाति ने बताया कि वह पांच साल से अभ्यास कर रही हैं। नेशनल गेम्स में कांस्य और खेलो इंडिया में रजत पदक हासिल कर चुकी हैं। पहलवान स्वाति ने बताया कि ओलंपियन साक्षी मलिक की फाइट देखकर वह मोटिवेट हुई और उसने कुश्ती शुरू कर दी। वह सुबह-शाम सिसाय स्थित अल्टीयस पब्लिक स्कूल में कोच संजय सिहाग के पास प्रशिक्षण ले रही हैं। कोच के साथ पिता सुखबीर बेरवाल का भी काफी सहयोग रहा है। उसका सपना ओलंपिक में पदक जीतने का है।
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इसके अलावा 62 किलोग्राम भारवर्ग में चरखी दादरी की नेहा सांगवान ने हिसार की कल्पना को 15-8 से हराया। भिवानी की पुष्पा तृतीय स्थान पर रही। 68 किलोग्राम भारवर्ग में जींद की मानसी लाठर प्रथम, रोहतक की कृर्ति कुंडू द्वितीय और हिसार की स्वाति बेरवाल तृतीय, 68 से ऊपर किलोग्राम भारवर्ग में सोनीपत की काजल प्रथम, हिसार की हर्षिता द्वितीय और हिसार की तनु शर्मा तृतीय रही।
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लड़कों के वर्ग में हिसार के साहिल ने सोनीपत के सुमित मलिक को 18-15 से हराया। तीसरे स्थान पर झज्जर का निशांत रहा। 65 किलोग्राम भारवर्ग में चरखी दादरी के सुजीत ने आर्मी के संदीप रंगा को 8-2 से हराया। रोहतक से अश्वनी तृतीय रहे। वीरवार को चैंपियनशिप का अंतिम दिन रहेगा। दो दिवसीय चैंपियनशिप के लिए 350 पहलवानों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था। चैंपियनशिप का आयोजन इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स की ओर से किया जा रहा है। उधर, चैंपियनशिप के दौरान एक मुकाबले के परिणाम के लिए कुछ समय तक फाइट रुकी रही। इस दौरान लाइव रिकॉडिंग देखने के बाद जीत का फैसला हो सका।
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फोटो: एचआई 46 से 48
कोच की बेटी को अभ्यास करते देखा तो मैट पर उतरी पुष्पा
आईआईएस हरियाणा दंगल चैंपियनशिप में दमखम दिखाने पहुंची रोहतक की पुष्पा बताती हैं कि उन्होंने सात साल पहले कुश्ती से कॅरिअर की शुरुआत की थी। वह महादेव अखाड़ा में अभ्यास कर रही हैं। उन्होंने कोच रमेश श्योराण की बेटी प्रियंका को अभ्यास करते हुए देखा था तो उसने भी पहलवानी सीखने की ठान ली। पुष्पा नेशनल स्तर पर तीन पदक जीत चुकी हैं। वह बताती है कि उसका सपना ओलंपिक में देश को पदक दिलाना है। इसके लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी है। पिता जयवीर सिंह किसान है। माता शर्मिला गृहिणी है।
भाई-बहन को सम्मान मिला तो पिंकी ने शुरू की पहलवानी
2023 में कुश्ती के दम पर सीआरपीएफ में कार्यरत हेड कांस्टेबल के पद पर कार्यरत भिवानी के गांव नंगल की रहने वाली पहलवान पिंकी बताती है कि 2013 में उन्होंने कुश्ती की शुरुआत की थी। जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में एक स्वर्ण और दो कांस्य पदक जीत चुकी हैं। पिंकी बताती है कि बड़े भाई अनिल और छोटी बहन मंजू ने पहले कुश्ती शुरू की थी। जब उनके पदक आए तो काफी खुशी हुई। उन्हें मान-सम्मान मिला और गांव में स्वागत किया। उनसे प्रेरित होकर मैंने भी कुश्ती में नाम रोशन करने की ठान ली और मैट पर उतर गई।
पहलवान साक्षी मलिक की फाइट देख स्वाति ने दिखा ओलंपिक का सपना
आईआईएस हरियाणा दंगल चैंपियनशिप के टाइटल आईआईएस हरियाणा वीर में सिसाय की बेटी स्वाति ने कांस्य पदक जीता है। पहलवान स्वाति ने बताया कि वह पांच साल से अभ्यास कर रही हैं। नेशनल गेम्स में कांस्य और खेलो इंडिया में रजत पदक हासिल कर चुकी हैं। पहलवान स्वाति ने बताया कि ओलंपियन साक्षी मलिक की फाइट देखकर वह मोटिवेट हुई और उसने कुश्ती शुरू कर दी। वह सुबह-शाम सिसाय स्थित अल्टीयस पब्लिक स्कूल में कोच संजय सिहाग के पास प्रशिक्षण ले रही हैं। कोच के साथ पिता सुखबीर बेरवाल का भी काफी सहयोग रहा है। उसका सपना ओलंपिक में पदक जीतने का है।