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चाह थी मां-बाप के सपने को पूरा करना, बेटी ने विपरीत परिस्थितियों में पा लिया मुकाम

Fri, 22 Jan 2021 12:35 AM IST
रोहतक ब्यूरो अश्वनी कुमार, हिसार (हरियाणा)
अश्वनी कुमार, हिसार (हरियाणा) Published by: रोहतक ब्यूरो Updated Fri, 22 Jan 2021 12:35 AM IST
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Haryana footballer Kajal has been selected in Indian team for Under-17 Football World Cup camp
हिसार की फुटबॉलर काजल। - फोटो : फाइल फोटो

हरियाणा की फुटबॉल खिलाड़ी काजल का अंडर-17 फुटबॉल विश्व कप शिविर के लिए भारतीय टीम में चयन हुआ है। 2015 में जब काजल ने खेलना शुरू किया था तो लोगों ने उन पर ताने कसे। इसके बावजूद काजल ने हार नहीं मानी और यह मुकाम हासिल किया। 

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हरियाणा के हिसार के गांव मंगाली की बेटी काजल के माता-पिता का सपना था कि बेटी नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर अपना नाम रोशन करे। इसी सपने को पूरा करने के लिए काजल ने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी। पिता रामभूल ने दूसरों के खेतों में काम कर बेटी को नेशनल फुटबॉलर बनाया और बेटी पदक जीतकर नाम रोशन करने लगी। अब काजल का अंडर-17 फुटबाल विश्व कप शिविर के लिए भारतीय टीम में चयन हुआ है। 
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काजल सुबह-शाम मंगाली के गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में प्रशिक्षण ले रही है। काजल की बड़ी बहन ज्योति भी नेशनल मेडलिस्ट फुटबॉलर हैं। कैंप में चुने जाने पर फिजिकल लेक्चरर सुखविंद्र कौर, सेवानिवृत्त कोच अश्वनी कुमार, कोच नरेंद्र कुमार ने काजल को बधाई दी। अंडर-17 फुटबाल विश्व कप वर्ष 2022 में होगा। इस शिविर के लिए प्रदेश की चार खिलाड़ियों का चयन हुआ है। इनमें काजल के अलावा दो भिवानी की वर्षिका व सैलजा और कुरुक्षेत्र की खिलाड़ी नेहा शामिल हैं।

मैदान में लड़कियों को फुटबॉल खेलता देख मिली प्रेरणा

काजल ने बताया कि उन्होंने छठी कक्षा से फुटबॉल की शुरुआत की थी। काजल बताती हैं कि जब वह स्कूल में पढ़ने जाती थी तो सुबह-शाम स्कूल के मैदान में लड़कियों को फुटबॉल खेलता देखती थी। इस दौरान काजल के मन में भी ख्याल आया कि क्या वह भी फुटबॉल में अपना भविष्य बना सकती है। फिर काजल ने फुटबॉल खेलने की इच्छा अपने माता-पिता को बताई तो उन्होंने बेटी को फुटबॉल खेलने के लिए स्कूल मैदान में भेजना शुरू कर दिया।

पिता ने बड़ी बेटी को भी बनाया नेशनल मेडलिस्ट फुटबॉलर
काजल के परिवार की आर्थिक हालत दयनीय है। पिता रामभूल ने दूसरों के खेतों में काम कर दोनों बेटियों को नेशनल फुटबॉलर बना दिया है। काजल ने बताया कि जब भी उन्हें समय मिलता है तो वह खेत के काम में अपने माता-पिता के साथ हाथ बंटवाती है। वहीं माता रानी गृहिणी हैं। काजल का कहना है कि उनका सपना फुटबॉल विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतना है। इसके लिए वह शिविर में दिनरात मेहनत करेगी। 

काजल की उपलब्धियां

  • अंडर-17 खेलो इंडिया में स्वर्ण पदक
  • अंडर-17 स्कूली नेशनल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक
  • अंडर-14 में स्कूली नेशनल में स्वर्ण पदक
  • अंडर-17 में नेशनल ऊर्जा कप में रजत पदक
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