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कृषि कानून किसानों के लिए विकल्प हैं, बाध्यता नहीं : शिक्षा मंत्री
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पुष्प अर्पित कर नमन करते शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर व अन्य।
- फोटो : Hisar
शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि कृषि कानूनों के माध्यम से सरकार ने किसानों को मंडी के साथ-साथ अन्य जगह अपनी फसल बेचने के प्रभावी विकल्प दिए हैं। कृषि कानून किसानों के लिए विकल्प हैं, बाध्यता नहीं हैं। शिक्षामंत्री शनिवार को भाजपा कार्यालय में राज्यसभा सांसद जनरल डीपी वत्स व विधायक विनोद भयाना के साथ पार्टी पदाधिकारियों व प्रबुद्घजनों के साथ कृषि कानूनों को लेकर चर्चा कर रहे थे। इस मौके पर संत गुरु रविदास की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि कृषि कानून में कांट्रैक्ट फार्मिंग व अन्य प्रावधानों को लेकर कोई बाध्यता नहीं है। ऐसी परिस्थिति में यह एकदम स्पष्ट है कि कृषि कानूनों को लेकर किया जा रहा आंदोलन सीधे रूप में किसानों के ही खिलाफ है, जिसके माध्यम से मौका परस्त ताकतें अपने हित साध रही हैं। एक बड़ा भ्रम पैदा किया जा रहा है कि कांट्रैक्ट फार्मिंग जैसे प्रावधानों से किसानों की जमीन छीन ली जाएगी। शिक्षा मंत्री ने फसल भंडारण के कानूनों में बदलाव को भी सही बताते हुए कहा कि इस कानून को लेकर भी भ्रम फैलाया जा रहा है। स्टॉक लिमिट के कारण से काला बाजारी बढ़ जाएगी, यह भी गलत है। कानून में ऐसा प्रावधान किया गया है कि यदि किसी फसल के दाम निर्धारित स्तर से बढ़ते हैं तो स्टॉकिस्ट को एक सीमा के बाद अपना स्टॉक बेचना ही होगा। बैठक के दौरान बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष कैप्टन भूपेंद्र सिंह, पूर्व विधायक वेद नारंग, पूर्व चेयरमैन श्रीनिवास गोयल, पूर्व चेयरमैन कर्ण सिंह रानोलिया, मनदीप मलिक, जिला महामंत्री प्रवीण पोपली, कृष्ण बिश्नोई, कृष्ण खटान आदि मौजूद रहे।
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कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि कृषि कानून में कांट्रैक्ट फार्मिंग व अन्य प्रावधानों को लेकर कोई बाध्यता नहीं है। ऐसी परिस्थिति में यह एकदम स्पष्ट है कि कृषि कानूनों को लेकर किया जा रहा आंदोलन सीधे रूप में किसानों के ही खिलाफ है, जिसके माध्यम से मौका परस्त ताकतें अपने हित साध रही हैं। एक बड़ा भ्रम पैदा किया जा रहा है कि कांट्रैक्ट फार्मिंग जैसे प्रावधानों से किसानों की जमीन छीन ली जाएगी। शिक्षा मंत्री ने फसल भंडारण के कानूनों में बदलाव को भी सही बताते हुए कहा कि इस कानून को लेकर भी भ्रम फैलाया जा रहा है। स्टॉक लिमिट के कारण से काला बाजारी बढ़ जाएगी, यह भी गलत है। कानून में ऐसा प्रावधान किया गया है कि यदि किसी फसल के दाम निर्धारित स्तर से बढ़ते हैं तो स्टॉकिस्ट को एक सीमा के बाद अपना स्टॉक बेचना ही होगा। बैठक के दौरान बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष कैप्टन भूपेंद्र सिंह, पूर्व विधायक वेद नारंग, पूर्व चेयरमैन श्रीनिवास गोयल, पूर्व चेयरमैन कर्ण सिंह रानोलिया, मनदीप मलिक, जिला महामंत्री प्रवीण पोपली, कृष्ण बिश्नोई, कृष्ण खटान आदि मौजूद रहे।
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