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नगर निगम का बजट तैयार, आय कम, खर्चें ज्यादा
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हिसार। नगर निगम प्रशासन का नए वित्त वर्ष का बजट बनकर तैयार हो गया है। इस बजट की खास बात यह है कि नए वित्त वर्ष में निगम प्रशासन की आय कम होगी, जबकि खर्चे ज्यादा होंगे। राहत की बात यह है कि नए वित्त वर्ष में निगम प्रशासन को अच्छा खासा ओपनिंग बैलेंस मिल रहा है, जिसने निगम की परेशानी को कुछ हद तक कम कर दिया है। उधर, हाउस की बैठक स्थगित होने से निगम का बजट भी लटक गया है। निगम प्रशासन की मानें तो अगर जल्द इस बजट को मंजूर नहीं करवाया गया तो नई वित्त वर्ष में अस्थायी कर्मचारियों को वेतन देने में परेशानी आ सकती है। इसे देखते हुए निगम प्रशासन जल्द ही बजट पास करवाने के लिए विशेष बैठक करने की तैयारी कर रहा है।
वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में निगम प्रशासन की आय 88.16 करोड़ रुपये प्रस्तावित की गई है। इस पहले वर्ष 2021-22 के लिए 93.76 करोड़ रुपये की आय प्रस्तावित की गई थी, जबकि इस वर्ष निगम को करीब 74 करोड़ की वास्तविक आय हुई, मतलब कि करीब 19.76 करोड़ रुपये कम आय हुई। वहीं नए वित्त वर्ष में निगम के खर्चों की बात करें तो इस साल विभिन्न मदों पर निगम प्रशासन की तरफ से करीब एक अरब 24 करोड़ 99 लाख रुपये खर्च किए जाने प्रस्तावित है।
आय की इन मदों के लक्ष्य घटाए
प्रॉपर्टी टैक्स : यह निगम की आय मुख्य स्रोत है। वित्त वर्ष 2021-22 में निगम प्रशासन ने प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में 24 करोड़ की आय का लक्ष्य रखा था, जबकि निगम को आय हुई करीब 9 करोड़ रुपये। इसे देखते हुए निगम प्रशासन ने प्रॉपर्टी टैक्स से आय के लक्ष्य को घटाकर 22 करोड़ कर दिया है, जिसमें 12 करोड़ रुपये बकाया प्रॉपर्टी टैक्स के शामिल किए गए हैं।
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दुकानों का किराया : पिछले वित्त वर्ष में निगम ने दुकानों से आय का लक्ष्य 1.50 करोड़ रुपये रखा था। फरवरी तक निगम को इससे करीब 1.30 करोड़ की आय हुई। नए वित्त वर्ष में निगम ने इस मद से आय का लक्ष्य घटाकर 1 करोड़ रुपये कर दिया है। निगम का तर्क है कि कुछ दुकानों को बेच दिया गया है, जिस कारण से लक्ष्य को कम किया गया है।
स्टाम्प ड्यूटी : स्टाम्प ड्यूटी से आय का लक्ष्य घटाकर 25 करोड़ कर दिया गया है, जबकि पहले यह 31 करोड़ रुपये था। फरवरी तक निगम को इस मद से 19.14 करोड़ रुपये प्राप्त हुए चुके थे।
ट्रेड लाइसेंस फीस : ट्रेड लाइसेंस फीस के तहत आय का लक्ष्य 45 लाख रुपये से कम कर 30 लाख रुपये कर दिया गया है।
नकल फीस : नकल फीस से होने वाली आय का लक्ष्य 25 लाख रुपये से घटाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है।
अग्निशमन सेवा शुल्क : अग्निशमन सेवा शुल्क के तहत आय का लक्ष्य 2 करोड़ रुपये से कम करके 1.50 करोड़ रुपये किया गया है।
इन आय की मदों का लक्ष्य बढ़ाया
- तहबाजारी फीस
- मिसलेनियस
- भूमि बिक्री से होने वाली आय
- एनडीसी
इन कार्यों में खर्च होने वाली राशि
- पार्कों का विकास : 10 लाख रुपये
- शहर से बंदर व बेसहारा पशुओं को पकड़ने पर खर्च : 30 लाख रुपये
- मेयर व पार्षदों को शहर में विकास कार्य करवाने के लिए : 6 करोड़ रुपये
- शहर के चौकों के रखरखाव पर : 5 लाख रुपये
- शहर में पौधरोपण पर : 5 लाख रुपये
- नगर निगम के कर्मचारियों का वेतन : 83.24 करोड़ रुपये
- निगम की गाड़ियों के पेट्रोल व डीजल पर खर्च : 2 करोड़ रुपये
- गोअभयारण्य व नंदीशाला पर खर्च : 1 करोड़ रुपये
- अमरूत योजना के तहत सीवर व पेयजल लाइन के रखरखाव पर : 80 लाख रुपये
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वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में निगम प्रशासन की आय 88.16 करोड़ रुपये प्रस्तावित की गई है। इस पहले वर्ष 2021-22 के लिए 93.76 करोड़ रुपये की आय प्रस्तावित की गई थी, जबकि इस वर्ष निगम को करीब 74 करोड़ की वास्तविक आय हुई, मतलब कि करीब 19.76 करोड़ रुपये कम आय हुई। वहीं नए वित्त वर्ष में निगम के खर्चों की बात करें तो इस साल विभिन्न मदों पर निगम प्रशासन की तरफ से करीब एक अरब 24 करोड़ 99 लाख रुपये खर्च किए जाने प्रस्तावित है।
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आय की इन मदों के लक्ष्य घटाए
प्रॉपर्टी टैक्स : यह निगम की आय मुख्य स्रोत है। वित्त वर्ष 2021-22 में निगम प्रशासन ने प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में 24 करोड़ की आय का लक्ष्य रखा था, जबकि निगम को आय हुई करीब 9 करोड़ रुपये। इसे देखते हुए निगम प्रशासन ने प्रॉपर्टी टैक्स से आय के लक्ष्य को घटाकर 22 करोड़ कर दिया है, जिसमें 12 करोड़ रुपये बकाया प्रॉपर्टी टैक्स के शामिल किए गए हैं।
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दुकानों का किराया : पिछले वित्त वर्ष में निगम ने दुकानों से आय का लक्ष्य 1.50 करोड़ रुपये रखा था। फरवरी तक निगम को इससे करीब 1.30 करोड़ की आय हुई। नए वित्त वर्ष में निगम ने इस मद से आय का लक्ष्य घटाकर 1 करोड़ रुपये कर दिया है। निगम का तर्क है कि कुछ दुकानों को बेच दिया गया है, जिस कारण से लक्ष्य को कम किया गया है।
स्टाम्प ड्यूटी : स्टाम्प ड्यूटी से आय का लक्ष्य घटाकर 25 करोड़ कर दिया गया है, जबकि पहले यह 31 करोड़ रुपये था। फरवरी तक निगम को इस मद से 19.14 करोड़ रुपये प्राप्त हुए चुके थे।
ट्रेड लाइसेंस फीस : ट्रेड लाइसेंस फीस के तहत आय का लक्ष्य 45 लाख रुपये से कम कर 30 लाख रुपये कर दिया गया है।
नकल फीस : नकल फीस से होने वाली आय का लक्ष्य 25 लाख रुपये से घटाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है।
अग्निशमन सेवा शुल्क : अग्निशमन सेवा शुल्क के तहत आय का लक्ष्य 2 करोड़ रुपये से कम करके 1.50 करोड़ रुपये किया गया है।
इन आय की मदों का लक्ष्य बढ़ाया
- तहबाजारी फीस
- मिसलेनियस
- भूमि बिक्री से होने वाली आय
- एनडीसी
इन कार्यों में खर्च होने वाली राशि
- पार्कों का विकास : 10 लाख रुपये
- शहर से बंदर व बेसहारा पशुओं को पकड़ने पर खर्च : 30 लाख रुपये
- मेयर व पार्षदों को शहर में विकास कार्य करवाने के लिए : 6 करोड़ रुपये
- शहर के चौकों के रखरखाव पर : 5 लाख रुपये
- शहर में पौधरोपण पर : 5 लाख रुपये
- नगर निगम के कर्मचारियों का वेतन : 83.24 करोड़ रुपये
- निगम की गाड़ियों के पेट्रोल व डीजल पर खर्च : 2 करोड़ रुपये
- गोअभयारण्य व नंदीशाला पर खर्च : 1 करोड़ रुपये
- अमरूत योजना के तहत सीवर व पेयजल लाइन के रखरखाव पर : 80 लाख रुपये