{"_id":"675937c03b0425ec84095917","slug":"hisar-gaurav-turns-9celebrated-birthday-by-cutting-cake-hisar-news-c-21-hsr1005-522592-2024-12-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: 9 साल का हुआ हिसार गौरव...केक काट मनाया जन्मदिन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: 9 साल का हुआ हिसार गौरव...केक काट मनाया जन्मदिन
विज्ञापन
क्लोन झोटा हिसार गौरव
हिसार। केंद्रीय भैंस अनुंसधान फार्म (सीआईआरबी) में मंगलवार को संस्थान के पहले व देश के दूसरे क्लोन झोटे हिसार गौरव का 10वां जन्मदिन केके काटकर मनाया। फार्म के निदेशक डॉ. टीके दत्ता ने बताया कि क्लोन तकनीक की मदद से 10 दिसंबर 2015 को हिसार गौरव का जन्म हुआ था। सीआईआरबी से पहले एनडीआरआई में इस तकनीक से एक झोटे का जन्म हो चुका था।
डॉ. दत्ता ने बताया कि हिसार गौरव के सीमन से अब तक साढ़े 22 हजार डोज तैयार की जा चुकी हैं। इनमें से 3 हजार डोज प्रदेश के 9 जिलों को दी जा चुकी है, जिनकी मदद से कृत्रिम गर्भाधान करवाया जा चुका है। इनमें से 45 प्रतिशत सैंपल सफल हुए हैं, जो एक प्राकृतिक तरीके से पैदा होने झोटे के बराबर है। हिसार गौरव के एक सीमन डोज की कीमत 500 रुपये तक होती है। इस अवसर पर वैज्ञानिक डॉ. धमेंद्र, डॉ. प्रेम सिंह यादव सहित अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
सीआईआरबी में हैं हिसार गौरव के दो बेटे
फार्म में हिसार गौरव के दो बेटे भी हैं। एक बेटा 5405 के सीमन का नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड गुजरात भी इस्तेमाल करेगा। इसके सीमन की अब 90 हजार डोज बना चुके हैं, जबकि दूसरे बेटे 5414 के सीमन की एक लाख डोज बनाई जा चुकी है। करीब 49 हजार पशुपालकों को यह डोज उपलब्ध करवाई जा चुकी है। यही नहीं सिरसा डेरे में भी मौजूद भैंसों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए इनके सीमन का इस्तेमाल किया गया है, जिसके काफी अच्छे परिणाम मिले हैं।
विज्ञापन
खाने का ध्यान रखने को डाइटीशियन
हिसार गौरव की डाइट खास है। इसे वजन के हिसाब से दाना-पानी दिया जाता है। झोटे का वजन 1000 किलो है। इस हिसाब से इसे एक बार में 5 किलो दाना और हरा चारा दिया जाता है। इसके अलावा खनिज लवण की मात्रा का डाइटीशियन ध्यान रखता है। सीआईआरबी में एक न्यूट्रिशन डिपार्टमेंट है, जहां के डाइटीशियन हिसार गौरव का खास ख्याल रखते हैं। क्लोन झोटा दिन में एक बार आरओ के पानी से नहाता है।
विज्ञापन
डॉ. दत्ता ने बताया कि हिसार गौरव के सीमन से अब तक साढ़े 22 हजार डोज तैयार की जा चुकी हैं। इनमें से 3 हजार डोज प्रदेश के 9 जिलों को दी जा चुकी है, जिनकी मदद से कृत्रिम गर्भाधान करवाया जा चुका है। इनमें से 45 प्रतिशत सैंपल सफल हुए हैं, जो एक प्राकृतिक तरीके से पैदा होने झोटे के बराबर है। हिसार गौरव के एक सीमन डोज की कीमत 500 रुपये तक होती है। इस अवसर पर वैज्ञानिक डॉ. धमेंद्र, डॉ. प्रेम सिंह यादव सहित अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
सीआईआरबी में हैं हिसार गौरव के दो बेटे
फार्म में हिसार गौरव के दो बेटे भी हैं। एक बेटा 5405 के सीमन का नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड गुजरात भी इस्तेमाल करेगा। इसके सीमन की अब 90 हजार डोज बना चुके हैं, जबकि दूसरे बेटे 5414 के सीमन की एक लाख डोज बनाई जा चुकी है। करीब 49 हजार पशुपालकों को यह डोज उपलब्ध करवाई जा चुकी है। यही नहीं सिरसा डेरे में भी मौजूद भैंसों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए इनके सीमन का इस्तेमाल किया गया है, जिसके काफी अच्छे परिणाम मिले हैं।
विज्ञापन
खाने का ध्यान रखने को डाइटीशियन
हिसार गौरव की डाइट खास है। इसे वजन के हिसाब से दाना-पानी दिया जाता है। झोटे का वजन 1000 किलो है। इस हिसाब से इसे एक बार में 5 किलो दाना और हरा चारा दिया जाता है। इसके अलावा खनिज लवण की मात्रा का डाइटीशियन ध्यान रखता है। सीआईआरबी में एक न्यूट्रिशन डिपार्टमेंट है, जहां के डाइटीशियन हिसार गौरव का खास ख्याल रखते हैं। क्लोन झोटा दिन में एक बार आरओ के पानी से नहाता है।