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Hisar News: डेंगू से कुश्ती में स्वास्थ्य महकमा चित, 6 और मरीज मिले
Sun, 17 Nov 2024 02:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 17 Nov 2024 02:18 AM IST
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हिसार शहर में फॉगिंग करता कर्मचारी।
हिसार। डेंगू बुखार से दो-दो हाथ करने में स्वास्थ्य महकमा पिछड़ता जा रहा है। डेंगू के लगातार मिल रहे मामले इसकी तस्दीक करते हैं। जिले में इस सीजन में अब तक 483 रोगी मिल चुके हैं। शनिवार को ही डेंगू पीड़ित 6 और लोग अस्पतालों में पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी प्रभावित इलाकों में फॉगिंग के नाम पर महज खानापूर्ति कर रहे हैं, वहीं डेंगू के लार्वा की संभावना वाली जगहों पर टीम पहुंच नहीं पा रही है। डेंगू पर लगाम लगने में कहीं न कहीं आम लोगों की लापरवाही भी जिम्मेदार है। घरों में पानी का ठहराव और मच्छरों से बचाव के इंतजाम न करना सबसे बड़ी समस्या है। हालांकि अधिकतर रोगी ठीक हो चुके हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी और डिप्टी सीएमओ डॉ. सुभाष खतरेजा ने बताया कि शनिवार को डेंगू बुखार के 6 मामले सामने आए हैं। जहां से भी डेंगू बुखार के मामले सामने आ रहे हैं, वहां फॉगिंग करवाई जा रही है। ग्रामीण इलाकों में भी पंचायतों द्वारा फॉगिंग करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण और शहरी इलाकों से डेंगू बुखार के मामले सामने आ रहे हैं। नागरिक अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनाया है। रोजाना 40-50 सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे जाते हैं। उन्होंने बताया कि बुखार होने पर तत्काल खून की जांच करवानी चाहिए ताकि समय रहते डेंगू बुखार का पता चल सके और उपचार शुरू किया जा सके।
लापरवाही न बरतें लोग
स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों की अपील है कि डेंगू से बचाव में सतर्कता जरूरी है। घरों के अंदर और आसपास कहीं भी साफ पानी की जमाव नहीं होनें दें। मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी, क्वाइल और बाजारों में उपलब्ध अन्य मच्छरनाशियों का इस्तेमाल कर सकते हैं। घर में किसी भी व्यक्ति को डेंग हो गया है तो विशेष सावधानी बरतें क्योंकि किसी मच्छर ने बीमार को काटकर स्वस्थ व्यक्ति को काट लिया तो उसे भी डेंगू बुखार हो सकता है।
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डेंगू के लक्षण
आमतौर पर डेंगू बुखार के लक्षणों में साधारण बुखार होता है और किशोरों एवं बच्चों में इसकी आसानी से पहचान नहीं की जा सकती। डेंगू में 104 फारेनहाइट डिग्री का बुखार होता है। सिर दर्द, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी लगना, आंखों के पीछे दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते होना डेंगू के लक्षण हैं।
डेंगू से बचाव
त्वचा को खुला न छोड़ें: अपनी त्वचा की सतहों को ढकने और मच्छर के दंश की संभावना को कम करने के लिए लंबी पैंट और पूरी बाजू की शर्ट पहनने की कोशिश करें। डेंगू के मच्छर सुबह या शाम को अत्यधिक सक्रिय होते हैं, इसलिए ऐसे समय में बाहर निकलने से बचने की कोशिश करें।
ठहरे हुए पानी को कीटाणुरहित करें:
डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ और स्थिर पानी में पनपता है। पानी के बर्तन या टंकी को हर समय ढककर रखें और यदि आवश्यक हो तो एक उचित कीटाणुनाशक का उपयोग करें। ऐसे किसी भी बर्तन या सामान को उल्टा करके रखें, जिसमें पानी इकट्ठा हो सकता है।
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जिला मलेरिया अधिकारी और डिप्टी सीएमओ डॉ. सुभाष खतरेजा ने बताया कि शनिवार को डेंगू बुखार के 6 मामले सामने आए हैं। जहां से भी डेंगू बुखार के मामले सामने आ रहे हैं, वहां फॉगिंग करवाई जा रही है। ग्रामीण इलाकों में भी पंचायतों द्वारा फॉगिंग करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण और शहरी इलाकों से डेंगू बुखार के मामले सामने आ रहे हैं। नागरिक अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनाया है। रोजाना 40-50 सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे जाते हैं। उन्होंने बताया कि बुखार होने पर तत्काल खून की जांच करवानी चाहिए ताकि समय रहते डेंगू बुखार का पता चल सके और उपचार शुरू किया जा सके।
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लापरवाही न बरतें लोग
स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों की अपील है कि डेंगू से बचाव में सतर्कता जरूरी है। घरों के अंदर और आसपास कहीं भी साफ पानी की जमाव नहीं होनें दें। मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी, क्वाइल और बाजारों में उपलब्ध अन्य मच्छरनाशियों का इस्तेमाल कर सकते हैं। घर में किसी भी व्यक्ति को डेंग हो गया है तो विशेष सावधानी बरतें क्योंकि किसी मच्छर ने बीमार को काटकर स्वस्थ व्यक्ति को काट लिया तो उसे भी डेंगू बुखार हो सकता है।
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डेंगू के लक्षण
आमतौर पर डेंगू बुखार के लक्षणों में साधारण बुखार होता है और किशोरों एवं बच्चों में इसकी आसानी से पहचान नहीं की जा सकती। डेंगू में 104 फारेनहाइट डिग्री का बुखार होता है। सिर दर्द, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी लगना, आंखों के पीछे दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते होना डेंगू के लक्षण हैं।
डेंगू से बचाव
त्वचा को खुला न छोड़ें: अपनी त्वचा की सतहों को ढकने और मच्छर के दंश की संभावना को कम करने के लिए लंबी पैंट और पूरी बाजू की शर्ट पहनने की कोशिश करें। डेंगू के मच्छर सुबह या शाम को अत्यधिक सक्रिय होते हैं, इसलिए ऐसे समय में बाहर निकलने से बचने की कोशिश करें।
ठहरे हुए पानी को कीटाणुरहित करें:
डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ और स्थिर पानी में पनपता है। पानी के बर्तन या टंकी को हर समय ढककर रखें और यदि आवश्यक हो तो एक उचित कीटाणुनाशक का उपयोग करें। ऐसे किसी भी बर्तन या सामान को उल्टा करके रखें, जिसमें पानी इकट्ठा हो सकता है।