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Hisar News: पुण्य पड़ा भारी...हलवा-पूरी खिलाने से 4 गायों की मौत, तीन गंभीर
Tue, 13 Oct 2026 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Tue, 13 Oct 2026 12:42 AM IST
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हिसार। श्राद्ध पक्ष के दौरान श्रद्धालुओं ने गायों को तेल-घी में बनी पूड़ी, हलवा, सब्जी इत्यादि खिला दी। अफारा होने से 4 गाय की मौत हो गई। तीन गाय अब भी गंभीर हालत में श्री कुरुक्षेत्र गोशाला में उपचाराधीन हैं।
श्री कुरुक्षेत्र गोशाला के सचिव सत्य प्रकाश राजलीवाला के अनुसार श्राद्ध पक्ष में लोग पुण्य कमाने के लिए गायों को पूड़ी-सब्जी खिला देते हैं। घी और तेल से बनी पूड़ियां गायों के लिए जहर के समान हैं जिससे उनका पाचन तंत्र खराब हो जाता है और अफारा आने से उनकी मृत्यु हो जाती है।
उन्होंने सभी से अपील की है कि गोमाता को हलवा-पूरी या तली हुई वस्तुएं न खिलाएं। पिछले साल श्राद्ध अमावस्थ्या के मौके पर 20 गोवंश की मौत हो गई थी।
50 पशु चिकित्सा अधिकारी कर रहे थे निगरानी
श्राद्ध व नवरात्र पक्ष में गोवंश को तला हुआ भोजन खिलाए जाने से गोवंश की जान बचाने के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने तीन दिन के लिए 10 से 12 अक्तूबर तक पशु चिकित्सकों की छुट्टियां रद कर दी थी। पशुपालन विभाग ने डॉ. संदीप को नोडल अधिकारी नियुक्त कर संस्थाओं में कार्यरत 45 पशु चिकित्सकों की स्पेशल ड्यूटी लगाई थी।
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जिले की सभी 45 गोशालाओं के लिए एक एक पशु चिकित्सा अधिकारी को नियुक्त किया गया था। इसके अलावा 5 अतिरिक्त टीमों का गठन किया गया था। होर्डिंग व अन्य प्रचार सामग्री के माध्यम से लोगों को गायों को तला हुआ भोजन ना खिलाने की अपील की थी।
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मैं चंडीगढ़ मीटिंग में गई थी। गाय की मौत को लेकर मैंने रिपोर्ट तलब की है। इस बारे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट लेंगे। मौत के कारणों की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - डाॅ. संगीता दलाल, उपनिदेशक पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हिसार।
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श्री कुरुक्षेत्र गोशाला के सचिव सत्य प्रकाश राजलीवाला के अनुसार श्राद्ध पक्ष में लोग पुण्य कमाने के लिए गायों को पूड़ी-सब्जी खिला देते हैं। घी और तेल से बनी पूड़ियां गायों के लिए जहर के समान हैं जिससे उनका पाचन तंत्र खराब हो जाता है और अफारा आने से उनकी मृत्यु हो जाती है।
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उन्होंने सभी से अपील की है कि गोमाता को हलवा-पूरी या तली हुई वस्तुएं न खिलाएं। पिछले साल श्राद्ध अमावस्थ्या के मौके पर 20 गोवंश की मौत हो गई थी।
50 पशु चिकित्सा अधिकारी कर रहे थे निगरानी
श्राद्ध व नवरात्र पक्ष में गोवंश को तला हुआ भोजन खिलाए जाने से गोवंश की जान बचाने के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने तीन दिन के लिए 10 से 12 अक्तूबर तक पशु चिकित्सकों की छुट्टियां रद कर दी थी। पशुपालन विभाग ने डॉ. संदीप को नोडल अधिकारी नियुक्त कर संस्थाओं में कार्यरत 45 पशु चिकित्सकों की स्पेशल ड्यूटी लगाई थी।
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जिले की सभी 45 गोशालाओं के लिए एक एक पशु चिकित्सा अधिकारी को नियुक्त किया गया था। इसके अलावा 5 अतिरिक्त टीमों का गठन किया गया था। होर्डिंग व अन्य प्रचार सामग्री के माध्यम से लोगों को गायों को तला हुआ भोजन ना खिलाने की अपील की थी।
मैं चंडीगढ़ मीटिंग में गई थी। गाय की मौत को लेकर मैंने रिपोर्ट तलब की है। इस बारे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट लेंगे। मौत के कारणों की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - डाॅ. संगीता दलाल, उपनिदेशक पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हिसार।