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Hisar News: हरियाणा के पहले साहित्य उत्सव का साक्षी बनेगा जीजेयू
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हिसार। हरियाणा के पहले बड़े साहित्य उत्सव का शंखनाद गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) में होगा। विश्वविद्यालय परिसर में 3 से 5 अप्रैल तक तीन दिवसीय राष्ट्रीय साहित्य, संवाद एवं संस्कृति महोत्सव ‘अक्षरम्’ का आयोजन किया जाएगा। इस महोत्सव में देशभर से साहित्यकार, लेखक, कवि, बुद्धिजीवी, कलाकार, अभिनेता, शिक्षाविद्, शोधार्थी, विद्यार्थी और विभिन्न क्षेत्रों के विशिष्ट व्यक्तित्व भाग लेंगे।
यह आयोजन गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और ‘जिल्द’ (जेआईएलडी) संस्थान, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। महोत्सव का उद्देश्य साहित्य, संस्कृति, बौद्धिक विमर्श और भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न आयामों को एक व्यापक राष्ट्रीय मंच प्रदान करना है।
तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान साहित्य, भाषा, कला और संस्कृति से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार सत्र, संवाद गोष्ठियां, नाट्य प्रस्तुतियां, काव्य पाठ, पुस्तक विमोचन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन आयोजनों में देशभर के साहित्यकारों, विद्वानों, कलाकारों और विशिष्ट अतिथियों की भागीदारी रहेगी।
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यह महोत्सव विश्वविद्यालय के गुरु जम्भेश्वर महाराज धार्मिक अध्ययन संस्थान के समन्वय में आयोजित किया जाएगा। इसमें हिंदी विभाग, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, मनोविज्ञान विभाग, अर्थशास्त्र विभाग, विद्यार्थी कल्याण विभाग (डीएसडब्ल्यू), सांस्कृतिक विभाग, विश्वविद्यालय पुस्तकालय तथा विश्वविद्यालय के सभी छात्र क्लबों की सक्रिय सहभागिता और सहयोग रहेगा। इन सभी विभागों और इकाइयों के सहयोग से यह आयोजन बहुआयामी स्वरूप ग्रहण करेगा और विश्वविद्यालय के शैक्षणिक व सांस्कृतिक वातावरण को समृद्ध बनाएगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि यह आयोजन न केवल विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और सांस्कृतिक वातावरण को नई ऊर्जा देगा, बल्कि हरियाणा में इस तरह का साहित्य, संवाद और संस्कृति का व्यापक राष्ट्रीय स्तर का यह पहला आयोजन होगा। इससे प्रदेश को राष्ट्रीय साहित्यिक मानचित्र पर एक नई पहचान मिलेगी।
उन्होंने कहा कि ‘अक्षरम्’ महोत्सव के माध्यम से विश्वविद्यालय देशभर के साहित्यकारों, चिंतकों और रचनाकारों के बीच एक सशक्त बौद्धिक संवाद का केंद्र बनेगा। साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा, साहित्यिक सृजन और सांस्कृतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण मंच भी सिद्ध होगा।
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यह आयोजन गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और ‘जिल्द’ (जेआईएलडी) संस्थान, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। महोत्सव का उद्देश्य साहित्य, संस्कृति, बौद्धिक विमर्श और भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न आयामों को एक व्यापक राष्ट्रीय मंच प्रदान करना है।
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तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान साहित्य, भाषा, कला और संस्कृति से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार सत्र, संवाद गोष्ठियां, नाट्य प्रस्तुतियां, काव्य पाठ, पुस्तक विमोचन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन आयोजनों में देशभर के साहित्यकारों, विद्वानों, कलाकारों और विशिष्ट अतिथियों की भागीदारी रहेगी।
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यह महोत्सव विश्वविद्यालय के गुरु जम्भेश्वर महाराज धार्मिक अध्ययन संस्थान के समन्वय में आयोजित किया जाएगा। इसमें हिंदी विभाग, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, मनोविज्ञान विभाग, अर्थशास्त्र विभाग, विद्यार्थी कल्याण विभाग (डीएसडब्ल्यू), सांस्कृतिक विभाग, विश्वविद्यालय पुस्तकालय तथा विश्वविद्यालय के सभी छात्र क्लबों की सक्रिय सहभागिता और सहयोग रहेगा। इन सभी विभागों और इकाइयों के सहयोग से यह आयोजन बहुआयामी स्वरूप ग्रहण करेगा और विश्वविद्यालय के शैक्षणिक व सांस्कृतिक वातावरण को समृद्ध बनाएगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि यह आयोजन न केवल विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और सांस्कृतिक वातावरण को नई ऊर्जा देगा, बल्कि हरियाणा में इस तरह का साहित्य, संवाद और संस्कृति का व्यापक राष्ट्रीय स्तर का यह पहला आयोजन होगा। इससे प्रदेश को राष्ट्रीय साहित्यिक मानचित्र पर एक नई पहचान मिलेगी।
उन्होंने कहा कि ‘अक्षरम्’ महोत्सव के माध्यम से विश्वविद्यालय देशभर के साहित्यकारों, चिंतकों और रचनाकारों के बीच एक सशक्त बौद्धिक संवाद का केंद्र बनेगा। साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा, साहित्यिक सृजन और सांस्कृतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण मंच भी सिद्ध होगा।