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Hisar News: कृषि उद्यम लगाने के लिए 25 लाख तक की ग्रांट, 21 सितंबर तक करें आवेदन
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हिसार। कृषि क्षेत्र की समस्याओं के नए और उपयोगी समाधान को व्यवसाय में बदलने के इच्छुक लोगों के लिए अच्छी खबर है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) स्थित एग्री-बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर (एबिक) ने पीएम-आरकेवीवाई नवाचार एवं कृषि उद्यमिता कार्यक्रम के कोहार्ट 8.0 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 21 सितंबर 2026 कर दी है।
हरियाणा के निवासी नवाचारी किसान, विद्यार्थी, शोधकर्ता, स्टार्टअप और उद्यमी आवेदन कर सकते हैं। चयनित और पात्र प्रतिभागियों को स्वीकृत प्रस्ताव और कार्यक्रम के प्रावधानों के अनुसार 25 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता अनुदान के तौर पर दी जाएगी।
एचएयू के कुलपति प्रो. बीआर कांबोज ने कहा कि हरियाणा में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में नवाचार व उद्यमिता की अपार संभावनाएं हैं। युवाओं को कृषि समस्याओं को चुनौती के साथ नए समाधान और व्यवसाय के अवसर के रूप में देखना चाहिए। ऐसे प्रयास किसानों की समस्याओं का समाधान करने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी पैदा कर सकते हैं।
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कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे नवीन विचारों और तकनीकों को बढ़ावा देना है, जिन्हें हरियाणा में व्यावसायिक उद्यम के रूप में स्थापित किया जा सके। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप की शुरुआत हमेशा किसी बड़े आविष्कार से नहीं होती। किसान की रोजमर्रा की समस्या का सरल, उपयोगी और बड़े स्तर पर अपनाया जा सकने वाला समाधान भी सफल कृषि उद्यम की नींव बन सकता है। इसलिए ऐसे विचार रखने वाले युवाओं और किसानों को इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए।
एक माह का विशेष प्रशिक्षण मिलेगा
कोहार्ट 8.0 में चयनित प्रतिभागियों को एक माह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें एचएयू के वैज्ञानिकों के साथ उद्योग विशेषज्ञों और निवेशकों से मार्गदर्शन लेने का अवसर मिलेगा। प्रतिभागियों को तकनीक एवं उत्पाद विकास, व्यवसाय मॉडल तैयार करने, बाजार की समझ, निवेश की तैयारी और उद्यम संचालन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कौन कर सकता है आवेदन
हरियाणा के निवासी नवाचारी किसान, विद्यार्थी, शोधकर्ता, स्टार्टअप और उद्यमी आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के दौरान आवेदक को अपने विचार, तकनीक, उत्पाद या सेवा, संबंधित कृषि समस्या और उसके समाधान की जानकारी देनी होगी। प्राप्त आवेदनों की निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्क्रीनिंग और मूल्यांकन किया जाएगा। आवेदन और विस्तृत जानकारी के लिए एचएयू की वेबसाइट hau.ac.in या दिए गए ऑनलाइन आवेदन लिंक के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।
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हरियाणा के निवासी नवाचारी किसान, विद्यार्थी, शोधकर्ता, स्टार्टअप और उद्यमी आवेदन कर सकते हैं। चयनित और पात्र प्रतिभागियों को स्वीकृत प्रस्ताव और कार्यक्रम के प्रावधानों के अनुसार 25 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता अनुदान के तौर पर दी जाएगी।
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एचएयू के कुलपति प्रो. बीआर कांबोज ने कहा कि हरियाणा में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में नवाचार व उद्यमिता की अपार संभावनाएं हैं। युवाओं को कृषि समस्याओं को चुनौती के साथ नए समाधान और व्यवसाय के अवसर के रूप में देखना चाहिए। ऐसे प्रयास किसानों की समस्याओं का समाधान करने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी पैदा कर सकते हैं।
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कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे नवीन विचारों और तकनीकों को बढ़ावा देना है, जिन्हें हरियाणा में व्यावसायिक उद्यम के रूप में स्थापित किया जा सके। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप की शुरुआत हमेशा किसी बड़े आविष्कार से नहीं होती। किसान की रोजमर्रा की समस्या का सरल, उपयोगी और बड़े स्तर पर अपनाया जा सकने वाला समाधान भी सफल कृषि उद्यम की नींव बन सकता है। इसलिए ऐसे विचार रखने वाले युवाओं और किसानों को इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए।
एक माह का विशेष प्रशिक्षण मिलेगा
कोहार्ट 8.0 में चयनित प्रतिभागियों को एक माह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें एचएयू के वैज्ञानिकों के साथ उद्योग विशेषज्ञों और निवेशकों से मार्गदर्शन लेने का अवसर मिलेगा। प्रतिभागियों को तकनीक एवं उत्पाद विकास, व्यवसाय मॉडल तैयार करने, बाजार की समझ, निवेश की तैयारी और उद्यम संचालन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कौन कर सकता है आवेदन
हरियाणा के निवासी नवाचारी किसान, विद्यार्थी, शोधकर्ता, स्टार्टअप और उद्यमी आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के दौरान आवेदक को अपने विचार, तकनीक, उत्पाद या सेवा, संबंधित कृषि समस्या और उसके समाधान की जानकारी देनी होगी। प्राप्त आवेदनों की निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्क्रीनिंग और मूल्यांकन किया जाएगा। आवेदन और विस्तृत जानकारी के लिए एचएयू की वेबसाइट hau.ac.in या दिए गए ऑनलाइन आवेदन लिंक के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।