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99 अंक हासिल करने वाले टॉपर को मिले 33 अंक
अमर उाला ब्यूरो/हिसार
Updated Sat, 18 Feb 2017 12:46 AM IST
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जीजेयू के इनवायरमेंट विभाग की पीएचडी की प्रवेश परीक्षा में 99 अंक हासिल करने वाले मनोज कुमार नेहरा को शुक्रवार को दोबारा हुई परीक्षा में 33 अंक मिले हैं। वहीं विभाग में एक भी परीक्षार्थी पीएचडी प्रवेश परीक्षा पास नहीं कर पाया है, जिससे पूर्व में हुई पीएचडी प्रवेश परीक्षा में धांधली की पोल पूरी तरह से खुल गई है। वहीं कंप्यूटर साइंस एंड टेक्नोलॉजी में इस बार अधिकतम 57 नंबर ही आए हैं। जबकि पिछली बार विश्वविद्यालय के रिजल्ट ब्रांच के अधीक्षक देवेंद्र कुमार के 82 नंबर आए थे। उन्हें इस बार परीक्षा से वंचित रखा गया था। इस बार इनवायरमेंट साइंस में 16 और कंप्यूटर साइंस विभाग में 22 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी है।
गौरतलब है कि जीजेयू में 10 जनवरी को हुई पीएचडी प्रवेश परीक्षा में विश्वविद्यालय के अधिकारियों और उनके करीबियों के टॉप करने के बाद परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए थे। कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग और एनवायरमेंट साइंस एंड इंजीनियरिंग की स्टेटिकल जांच के बाद इन विभागों में धांधली सामने आई थी। लेकिन कोई स्पष्ट सबूत नहीं मिल सका था। कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने इन दोनों विभागों की परीक्षा को दोबारा करवाने के निर्देश दिए थे। शुक्रवार को वीडियो रिकार्डिंग के बीच यह परीक्षा आयोजित हुई, जिसके लिए पेपर भी बाहर से बनवाए गए थे। शाम को रिजल्ट आया तो सब हक्के-बक्के रह गए। 99 अंक हासिल करने वाला परीक्षार्थी मात्र 33 अंक हासिल कर सका।
सीएसई विभाग के टॉपर को मिले 57 अंक
कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की 10 जनवरी को हुई परीक्षा में विश्वविद्यालय के रिजल्ट ब्रांच के अधीक्षक देवेंद्र कुमार 82 अंक लेकर टॉपर बने थे। दूसरे स्थान पर रहे मंजीत सिंह को 63 नंबर मिले थे। इतना अंतर होने के कारण धांधली की आशंका जताई गई थी। स्टेटिकल जांच में यह सामने भी आया। अब 17 फरवरी को दोबारा हुई परीक्षा में 57 अंक हासिल कर भूपेंद्र सिंह टॉपर बने हैं। दूसरे नंबर पर रही सोनिया और मिकांक्षु रानी ने 50-50 अंक हासिल किए हैं। तीसरे नंबर पर रहे मंजीत ने 46 अंक हासिल किए हैं।
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इनवायरमेंट में कोई नहीं छू पाया 50 का आंकड़ा
पीएचडी की प्रवेश परीक्षा में इस बार 99 अंक तो दूर कोई परीक्षार्थी 50 अंक भी हासिल नहीं कर पाया है। 10 जनवरी की परीक्षा में 99 अंक लेकर टॉप करने वाले मनोज कुमार नेहरा आधे अंक भी हासिल नहीं कर सके। उन्हें केवल 33 अंक मिले, जबकि पिछली बार 64 अंक हासिल कर दूसरे स्थान पर रहने वाले परमजीत ढुल को भी 35 अंक ही मिले हैं और वे चौथे नंबर पर रहे हैं। टॉप करने वाले परीक्षार्थियों का दाखिला सीटों के अनुसार होगा। परीक्षार्थी रेखा त्यागी 49 अंक लेकर टॉपर बनी हैं। दूसरे नंबर पर निशी सेठी को 48, तीसरे नंबर पर विशू चौधरी को 47 और चौथे नंबर पर निर्मल शर्मा, परमजीत ढूल व अनुभा शर्मा को 35-35 अंक मिले हैं।
कहां थी गड़बड़
रिजल्ट आने के बाद धांधली तो सामने आ गई है। पिछली बार प्रवेश परीक्षा के लिए पेपर विश्वविद्यालय में ही बनाए गए थे और परीक्षा में विश्वविद्यालय के लोगों की ड्यूटी लगी थी। कोई कैमरा रिकार्डिंग नहीं थी। इस बार बाहर से पेपर बनवाए गए और रिकॉर्डिंग हुई तो रिजल्ट सबके सामने है। अब सवाल है कि पिछली बार नकल हुई या पेपर लीक।
वर्जन
इससे हमारी जांच पुख्ता हो गई है। दोबारा परीक्षा करवाना भी जांच का एक पार्ट था। 99 से 33 अंक पर आने से हमारी जांच मजबूत हुई है। हालांकि बाकी का ग्रेड काफी हद तक सही है। दोनों विभागों की जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
- प्रो. टंकेश्वर कुमार, कुलपति, जीजेयू हिसार
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गौरतलब है कि जीजेयू में 10 जनवरी को हुई पीएचडी प्रवेश परीक्षा में विश्वविद्यालय के अधिकारियों और उनके करीबियों के टॉप करने के बाद परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए थे। कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग और एनवायरमेंट साइंस एंड इंजीनियरिंग की स्टेटिकल जांच के बाद इन विभागों में धांधली सामने आई थी। लेकिन कोई स्पष्ट सबूत नहीं मिल सका था। कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने इन दोनों विभागों की परीक्षा को दोबारा करवाने के निर्देश दिए थे। शुक्रवार को वीडियो रिकार्डिंग के बीच यह परीक्षा आयोजित हुई, जिसके लिए पेपर भी बाहर से बनवाए गए थे। शाम को रिजल्ट आया तो सब हक्के-बक्के रह गए। 99 अंक हासिल करने वाला परीक्षार्थी मात्र 33 अंक हासिल कर सका।
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सीएसई विभाग के टॉपर को मिले 57 अंक
कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की 10 जनवरी को हुई परीक्षा में विश्वविद्यालय के रिजल्ट ब्रांच के अधीक्षक देवेंद्र कुमार 82 अंक लेकर टॉपर बने थे। दूसरे स्थान पर रहे मंजीत सिंह को 63 नंबर मिले थे। इतना अंतर होने के कारण धांधली की आशंका जताई गई थी। स्टेटिकल जांच में यह सामने भी आया। अब 17 फरवरी को दोबारा हुई परीक्षा में 57 अंक हासिल कर भूपेंद्र सिंह टॉपर बने हैं। दूसरे नंबर पर रही सोनिया और मिकांक्षु रानी ने 50-50 अंक हासिल किए हैं। तीसरे नंबर पर रहे मंजीत ने 46 अंक हासिल किए हैं।
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इनवायरमेंट में कोई नहीं छू पाया 50 का आंकड़ा
पीएचडी की प्रवेश परीक्षा में इस बार 99 अंक तो दूर कोई परीक्षार्थी 50 अंक भी हासिल नहीं कर पाया है। 10 जनवरी की परीक्षा में 99 अंक लेकर टॉप करने वाले मनोज कुमार नेहरा आधे अंक भी हासिल नहीं कर सके। उन्हें केवल 33 अंक मिले, जबकि पिछली बार 64 अंक हासिल कर दूसरे स्थान पर रहने वाले परमजीत ढुल को भी 35 अंक ही मिले हैं और वे चौथे नंबर पर रहे हैं। टॉप करने वाले परीक्षार्थियों का दाखिला सीटों के अनुसार होगा। परीक्षार्थी रेखा त्यागी 49 अंक लेकर टॉपर बनी हैं। दूसरे नंबर पर निशी सेठी को 48, तीसरे नंबर पर विशू चौधरी को 47 और चौथे नंबर पर निर्मल शर्मा, परमजीत ढूल व अनुभा शर्मा को 35-35 अंक मिले हैं।
कहां थी गड़बड़
रिजल्ट आने के बाद धांधली तो सामने आ गई है। पिछली बार प्रवेश परीक्षा के लिए पेपर विश्वविद्यालय में ही बनाए गए थे और परीक्षा में विश्वविद्यालय के लोगों की ड्यूटी लगी थी। कोई कैमरा रिकार्डिंग नहीं थी। इस बार बाहर से पेपर बनवाए गए और रिकॉर्डिंग हुई तो रिजल्ट सबके सामने है। अब सवाल है कि पिछली बार नकल हुई या पेपर लीक।
वर्जन
इससे हमारी जांच पुख्ता हो गई है। दोबारा परीक्षा करवाना भी जांच का एक पार्ट था। 99 से 33 अंक पर आने से हमारी जांच मजबूत हुई है। हालांकि बाकी का ग्रेड काफी हद तक सही है। दोनों विभागों की जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
- प्रो. टंकेश्वर कुमार, कुलपति, जीजेयू हिसार