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Hisar News: पेपर अच्छा न होने से परेशान छठी कक्षा के छात्र ने फंदा लगा दी जान
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हिसार। गांव सदलपुर में रहने वाले 12 वर्षीय छठी कक्षा के छात्र ने पेपर अच्छा न होने पर बुधवार शाम फंदा लगा लगा लिया। चौबारे में पंखे के हुुक पर चुन्नी के जरिये उसका शव लटकता मिला। सूचना मिलने पर आदमपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। वीरवार को शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मृतक के पिता धर्मपाल के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई की है।
पुलिस को दिए गए बयान में गांव ठसका निवासी धर्मपाल ने बताया कि प्रबल अपनी नानी कृष्णा देवी के पास सदलपुर गांव में रहता था। पत्नी भी मायके में ही रहती है। बेटा छठी कक्षा में निजी स्कूल में पढ़ता था। बुधवार को बेटा साइंस विषय की परीक्षा देकर घर लौटा। घर लौटने के बाद बेटे ने फोन पर बात की और कहा कि उसका पेपर अच्छा नहीं हुआ, जिस कारण वह परेशान है। बेटे को समझाया कि कोई बात नहीं, अगली बार अच्छा हो जाएगा। इसके बाद शाम को पत्नी ने बताया कि प्रबल ने फंदा लगा लिया है। वे उसे नागरिक अस्पताल लेकर गए हैं। अस्पताल में जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जांच अधिकारी एएसआई संजीव कुमार ने बताया कि पिता धर्मपाल के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई की है।
छोटी कक्षाओं के बच्चे भी नहीं सह पा रहे पढ़ाई का दबाव
मंडी आदमपुर। बोर्ड कक्षाओं के ही नहीं छोटी कक्षाओं के नंबर भी बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। शिक्षा विभाग में एबीआरसी धर्मपाल ने बताया कि उसकी शादी वर्ष 2003 में गांव सदलपुर निवासी सुमन के साथ हुई थी। उसके 2 लड़के हैं। बड़ा लड़का अर्पित हिसार स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ता है वहीं, दूसरा बेटा प्रबल आदमपुर के एक निजी स्कूल में छठीं कक्षा का छात्र था। प्रबल का 20 मार्च को आखिरी पेपर विज्ञान विषय का था जो बढ़िया नहीं हुआ था। इसके चलते वह तनाव में था। शाम करीब साढ़े 5 बजे प्रबल ने घर के ऊपर बने कमरे में गले में चुन्नी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
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प्रबल आदमपुर के एक निजी स्कूल में छठीं कक्षा में पढ़ता था व उसकी मां सुमन उसी स्कूल में अध्यापिका थी। प्रबल यूट्यूब पर ब्लॉग बनाता था और फोन पर अधिक समय बिताता था। इसके चलते उसका ध्यान पढ़ाई पर बहुत कम था। 20 मार्च को प्रबल का अंतिम पेपर विज्ञान विषय का था। पेपर समाप्त होने के बाद उसकी मां सुमन ने उसके पेपर देख लिए थे। सुमन ने घर आकर प्रबल को डांट लगाते हुए मोबाइल देने से मना कर दिया था। इसी से आहत होकर प्रबल ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। प्रबल की मां सुमन अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। सुमन के पिता का निधन हो चुका है और पिछले करीब 2 सालों से वह अपनी मां की देखभाल के लिए उनके पास गांव सदलपुर में अपने बेटे प्रबल सहित रह रही थी।
परीक्षा के दौरान बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। परीक्षा के दिनों में बच्चे तनाव में चले जाते हैं। ऐसे में अभिभावक बच्चों से बातचीत करते रहें और उन पर पढ़ाई करने के लिए ज्यादा दबाव न डाले। परीक्षा के दौरान, अगर बच्चा गुमसुम दिखे तो उससे बातचीत जरूर करें। उसे समझाएं की यह परीक्षा आखरी परीक्षा नहीं है। अगर इस बार परीक्षा बेहतर नहीं हुई तो अगली बार अच्छी तैयारी के साथ परीक्षा दें। पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को खेलने का भी मौका दें ताकि उनका मन शांत हो सकें। -डॉ. प्रशांत, मनोचिकित्सक, नागरिक अस्पताल, हिसार
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पुलिस को दिए गए बयान में गांव ठसका निवासी धर्मपाल ने बताया कि प्रबल अपनी नानी कृष्णा देवी के पास सदलपुर गांव में रहता था। पत्नी भी मायके में ही रहती है। बेटा छठी कक्षा में निजी स्कूल में पढ़ता था। बुधवार को बेटा साइंस विषय की परीक्षा देकर घर लौटा। घर लौटने के बाद बेटे ने फोन पर बात की और कहा कि उसका पेपर अच्छा नहीं हुआ, जिस कारण वह परेशान है। बेटे को समझाया कि कोई बात नहीं, अगली बार अच्छा हो जाएगा। इसके बाद शाम को पत्नी ने बताया कि प्रबल ने फंदा लगा लिया है। वे उसे नागरिक अस्पताल लेकर गए हैं। अस्पताल में जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जांच अधिकारी एएसआई संजीव कुमार ने बताया कि पिता धर्मपाल के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई की है।
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छोटी कक्षाओं के बच्चे भी नहीं सह पा रहे पढ़ाई का दबाव
मंडी आदमपुर। बोर्ड कक्षाओं के ही नहीं छोटी कक्षाओं के नंबर भी बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। शिक्षा विभाग में एबीआरसी धर्मपाल ने बताया कि उसकी शादी वर्ष 2003 में गांव सदलपुर निवासी सुमन के साथ हुई थी। उसके 2 लड़के हैं। बड़ा लड़का अर्पित हिसार स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ता है वहीं, दूसरा बेटा प्रबल आदमपुर के एक निजी स्कूल में छठीं कक्षा का छात्र था। प्रबल का 20 मार्च को आखिरी पेपर विज्ञान विषय का था जो बढ़िया नहीं हुआ था। इसके चलते वह तनाव में था। शाम करीब साढ़े 5 बजे प्रबल ने घर के ऊपर बने कमरे में गले में चुन्नी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
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प्रबल आदमपुर के एक निजी स्कूल में छठीं कक्षा में पढ़ता था व उसकी मां सुमन उसी स्कूल में अध्यापिका थी। प्रबल यूट्यूब पर ब्लॉग बनाता था और फोन पर अधिक समय बिताता था। इसके चलते उसका ध्यान पढ़ाई पर बहुत कम था। 20 मार्च को प्रबल का अंतिम पेपर विज्ञान विषय का था। पेपर समाप्त होने के बाद उसकी मां सुमन ने उसके पेपर देख लिए थे। सुमन ने घर आकर प्रबल को डांट लगाते हुए मोबाइल देने से मना कर दिया था। इसी से आहत होकर प्रबल ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। प्रबल की मां सुमन अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। सुमन के पिता का निधन हो चुका है और पिछले करीब 2 सालों से वह अपनी मां की देखभाल के लिए उनके पास गांव सदलपुर में अपने बेटे प्रबल सहित रह रही थी।
परीक्षा के दौरान बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। परीक्षा के दिनों में बच्चे तनाव में चले जाते हैं। ऐसे में अभिभावक बच्चों से बातचीत करते रहें और उन पर पढ़ाई करने के लिए ज्यादा दबाव न डाले। परीक्षा के दौरान, अगर बच्चा गुमसुम दिखे तो उससे बातचीत जरूर करें। उसे समझाएं की यह परीक्षा आखरी परीक्षा नहीं है। अगर इस बार परीक्षा बेहतर नहीं हुई तो अगली बार अच्छी तैयारी के साथ परीक्षा दें। पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को खेलने का भी मौका दें ताकि उनका मन शांत हो सकें। -डॉ. प्रशांत, मनोचिकित्सक, नागरिक अस्पताल, हिसार