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11 साल में पहली बार नौतपा में 40 डिग्री से नीचे रहा तापमान
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हिसार। प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने के साथ ही बुधवार से तापमान में हल्की बढ़ोतरी शुरू हो गई। इस दौरान रेवाड़ी जिला सबसे गर्म रहा। यहां बावल में दिन का तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बुधवार से नौतपा शुरू हो गया, लेकिन पहले दिन हरियाणा में इसका असर नहीं दिखा। नौतपा के दौरान बीच-बीच में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से भीषण गर्मी व लू आदि देखने को नहीं मिलेगी। ऋतु चक्र में बदलाव की वजह से इस बार मानसून जल्दी आने व जल्दी जाने की भी संभावना बन रही है।
नारनौल स्थित राजकीय महाविद्यालय में भूगोल विषय के एसोसिएट प्रोफेसर एवं मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार आने वाली 27 मई को एक नया कमजोर श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसकी वजह मौसम गतिशील और परिवर्तनशील रहेगा। बुधवार सुबह हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में कई जगहों पर सुबह के समय हल्की धुंध दिखाई दी। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार बीते चार दिनों से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से बारिश, ओलावृष्टि और आंधी जैसी गतिविधियां देखने को मिलीं। इस वजह से संपूर्ण इलाके में तापमान में गिरावट आई और भीषण गर्मी लू समाप्त हो गई। बारिश की गतिविधियों की वजह से सापेक्षिक आर्द्रता शत प्रतिशत होने पर हवा में जलवाष्प की मात्रा स्थिर पाई गई। तापमान के कम होने से ये जलवाष्प से संघनित छोटी पानी की बूंदे वायुमंडल में कोहरे के रूप में फैल गई, जो सुबह हल्की धुंध के रूप में नजर आई। इस दौरान हरियाणा व एनसीआर में अधिकतर स्थानों पर अधिकतम तापमान 32.0 से 38.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18.0 से 25.0 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।
पश्चिमी राजस्थान में ही होगा नौतपा का असर
डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि इस बार नौतपा में सिर्फ पश्चिमी राजस्थान के हिस्सों में ही भीषण गर्मी और लू देखने को मिलेगी। इस साल का नौतपा पहले ही आ चुका है। इससे पहले भी इस प्रकार के मौसम के अग्रिम बदलाव देखने को मिले हैं। जलवायु परिवर्तन, ग्रीन हाउस प्रभाव, ग्लोबल वार्मिंग और प्रकृति से छेड़छाड़ के कारण ऋतु चक्र में परिवर्तन आ रहा है। सभी ऋतुएं अपने समय से पहले शुरू होकर पहले ही समाप्त हो रही है। यही नहीं, इस बार मानसून जल्दी आने व जल्दी जाने की भी संभावना बन रही है। पिछले दिनों मैदानी राज्यों में तापमान 49 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो गर्मी का चरम था। इस भीषण गर्मी के चरम को ही नौतपा कहा जाता है। इस साल देश में मानसून पिछले साल से 10 से 15 दिन पहले आ पहुंचा है। आने वाले दिनों में नौतपा के तापमान में बढ़ोतरी तो जरूर देखने को मिलेगी, लेकिन तापमान 40.0 से 45.0 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
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पिछले वर्षों में नौतपा के दौरान तापमान की स्थिति
वर्ष-तिथि-तापमान
2021-30 मई-43.3
2020-27 मई-48.0
2019-31 मई-45.0
2018-30 मई-46.6
2017-27 मई-47.1
2016-22 मई-47.8
2015-23 मई-45.5
2014-30 मई-46.0
2013-25 मई-47.3
2012-31 मई-46.4
2011-19 मई-46.2
प्रदेश में अधिकतम तापमान की स्थिति
बावल, रेवाड़ी-38.5
नारनौल, महेंद्रगढ़-37.5
जगदीशपुर, सोनीपत-37.4
अंबाला एडब्ल्यूएस-36.0
हिसार एएमएफयू-35.9
सिरसा एडब्ल्यूएस-35.8
रोहतक-34.7
कुरुक्षेत्र केवीके-34.2
गुरुग्राम केवीके-34.0
भिवानी-33.6
फतेहाबाद-32.9
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नारनौल स्थित राजकीय महाविद्यालय में भूगोल विषय के एसोसिएट प्रोफेसर एवं मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार आने वाली 27 मई को एक नया कमजोर श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसकी वजह मौसम गतिशील और परिवर्तनशील रहेगा। बुधवार सुबह हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में कई जगहों पर सुबह के समय हल्की धुंध दिखाई दी। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार बीते चार दिनों से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से बारिश, ओलावृष्टि और आंधी जैसी गतिविधियां देखने को मिलीं। इस वजह से संपूर्ण इलाके में तापमान में गिरावट आई और भीषण गर्मी लू समाप्त हो गई। बारिश की गतिविधियों की वजह से सापेक्षिक आर्द्रता शत प्रतिशत होने पर हवा में जलवाष्प की मात्रा स्थिर पाई गई। तापमान के कम होने से ये जलवाष्प से संघनित छोटी पानी की बूंदे वायुमंडल में कोहरे के रूप में फैल गई, जो सुबह हल्की धुंध के रूप में नजर आई। इस दौरान हरियाणा व एनसीआर में अधिकतर स्थानों पर अधिकतम तापमान 32.0 से 38.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18.0 से 25.0 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।
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पश्चिमी राजस्थान में ही होगा नौतपा का असर
डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि इस बार नौतपा में सिर्फ पश्चिमी राजस्थान के हिस्सों में ही भीषण गर्मी और लू देखने को मिलेगी। इस साल का नौतपा पहले ही आ चुका है। इससे पहले भी इस प्रकार के मौसम के अग्रिम बदलाव देखने को मिले हैं। जलवायु परिवर्तन, ग्रीन हाउस प्रभाव, ग्लोबल वार्मिंग और प्रकृति से छेड़छाड़ के कारण ऋतु चक्र में परिवर्तन आ रहा है। सभी ऋतुएं अपने समय से पहले शुरू होकर पहले ही समाप्त हो रही है। यही नहीं, इस बार मानसून जल्दी आने व जल्दी जाने की भी संभावना बन रही है। पिछले दिनों मैदानी राज्यों में तापमान 49 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो गर्मी का चरम था। इस भीषण गर्मी के चरम को ही नौतपा कहा जाता है। इस साल देश में मानसून पिछले साल से 10 से 15 दिन पहले आ पहुंचा है। आने वाले दिनों में नौतपा के तापमान में बढ़ोतरी तो जरूर देखने को मिलेगी, लेकिन तापमान 40.0 से 45.0 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
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पिछले वर्षों में नौतपा के दौरान तापमान की स्थिति
वर्ष-तिथि-तापमान
2021-30 मई-43.3
2020-27 मई-48.0
2019-31 मई-45.0
2018-30 मई-46.6
2017-27 मई-47.1
2016-22 मई-47.8
2015-23 मई-45.5
2014-30 मई-46.0
2013-25 मई-47.3
2012-31 मई-46.4
2011-19 मई-46.2
प्रदेश में अधिकतम तापमान की स्थिति
बावल, रेवाड़ी-38.5
नारनौल, महेंद्रगढ़-37.5
जगदीशपुर, सोनीपत-37.4
अंबाला एडब्ल्यूएस-36.0
हिसार एएमएफयू-35.9
सिरसा एडब्ल्यूएस-35.8
रोहतक-34.7
कुरुक्षेत्र केवीके-34.2
गुरुग्राम केवीके-34.0
भिवानी-33.6
फतेहाबाद-32.9