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तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पटवारी, कानूनगो सहित 10 पर धोखाधड़ी का केस दर्ज

Wed, 09 Jun 2021 01:18 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 09 Jun 2021 01:18 AM IST
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fir against tehsilday and nayab tehsildar
हिसार। आजाद नगर थाना पुलिस ने भिवानी के हांसी रोड पर स्थित रामबाग कॉलोनी निवासी प्रेमा देवी की शिकायत पर तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पटवारी, कानूनगो सहित 10 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
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पुलिस को दी शिकायत में प्रेमा देवी ने बताया कि हिसार के आजाद नगर में स्थित साकेत कॉलोनी निवासी महेंद्र ने एक जमीन की रजिस्टरी 29 अप्रैल 2015 को उसके नाम करवाई और एक अन्य रजिस्टरी उसी दिन चरखी दादरी के गांव फतेहगढ़ निवासी रीता के नाम करवाई थी। प्रेमा देवी ने बताया कि उसने रीता के साथ मिलकर इस भूमि पर 50 लाख रुपये लगाकर दूध की डेयरी का काम शुरू किया। प्रेमा ने बताया कि रीता ने इस कारोबार में लगाए रुपये में से करीब 9-10 फीट की बाउंड्री वॉल, पिलर, सोलर पॉवर, कुआं खुदाई और 20-21 भैंसे खरीदी। पीड़िता प्रेमा ने बताया कि 28 दिसंबर 2016 को उसने इस जमीन की नीलामी के बारे में एक समाचारपत्र में नोटिस देखा तो महेंद्र से संपर्क किया। जिस पर महेंद्र उसे संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। पीड़िता ने बताया कि उस दिन वह व रीता अपने परिवार के सदस्यों के साथ बैंक में गई तो पता चला कि महेंद्र की पत्नी मंजू को बैंक ने इस जमीन को गिरवी रखकर ऋण दिया हुआ था। पीड़िता ने बताया कि इस पर दोनों आरोपियों ने उन्हें विश्वास दिलाया कि बैंक से विवादित भूमि संबंधित जरूरी दस्तावेज लेकर उन्हें दे देंगे। पीड़िता ने बताया कि इसके बाद उन्होंने 10 जनवरी 2017 को एक दिवानी दावा हिसार सिविल जज की अदालत में डाला। पीड़िता ने बताया कि इस बीच उन्हें पता चला कि ओबीसी बैंक पहले ही दोनों आरोपियों के खिलाफ खिलाफ केस डाल चुका है। पीड़िता ने बताया कि इसके बाद तहसीलदार कार्यालय में गए और पता किया कि इस विवादित जमीन का मालिक पहले सुल्तान सिंह था। बाद में सुल्तान सिंह ने एक रजिस्टरी मंजू के हक में करवाई और उसके बाद मंजू ने इस जमीन की रजिस्टरी ओबीसी बैंक के पास 24 मार्च 2011 को गिरवी रखी थी। पीड़िता का आरोप है कि महेंद्र व मंजू का हिसार के तत्कालीन तहसीलदार हाल डीआरओ सिरसा राजेंद्र प्रसाद, तत्कालीन गिरदावर हाल नायब तहसीलदार हिसार होशियार सिंह जांगड़ा, हिसार से नायब तहसीलदार मुखत्यार सिंह, गंगवा से पटवारी रामकुमार, गंगवा से कानूनगो जगदीश शर्मा, तत्कालीन ऑरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के ब्रांच मैनेजर आरके मोर्या और तत्कालीन लोन ऑफिसर अर्बन एस्टेट-2 नवासी अजीत सिंह ने आरोपियों का साथ दिया। मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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