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दूसरे की जमीन पर लिया ऋण, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित आठ के खिलाफ केस दर्ज
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हांसी (हिसार)। हांसी सदर थाना पुलिस ने दूसरे की जमीन पर लोन लेने के आरोप में हांसी के तत्कालीन तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो, बैंक मैनेजर और ढंढेरी गांव के नंबरदार समेत 8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इस संबंध में ढंढेरी गांव निवासी बुजुर्ग सुलतान सिंह पुत्र मनोहर लाल ने पुलिस को शिकायत दी थी।
पुलिस को दी शिकायत में सुलतान सिंह ने बताया था कि उसकी जमीन के हिस्सेदार रामनिवास का एक बेटा सतपाल बैंक में डायरेक्टर था। उन्होंने दूसरे बेटे जोगिंद्र के नाम से उमरा स्थित एक बैंक की शाखा से 15 लाख रुपये का लोन ले लिया। पिता व बैंक डायरेक्टर पुत्र ने बैंक अधिकारियों व तहसील के अधिकारियों के साथ मिलकर उसकी जमीन पर लोन लिया। यह परिवार कुल जमीन का 1/6 का हिस्सेदार है। उन्होंने सब्जबाग करके आधा हिस्सेदार दिखाकर ऋण ले लिया। उन्होंने उसके हिस्से की जमीन भी उमरा गांव की बैंक शाखा में गिरवी रख दी, जबकि जमीन उसके नाम है और वह 40 साल से इस जमीन पर बिजाई कर रहा है। इस मामले में पुलिस ने तत्कालीन तहसीलदार सुखबीर सिंह बूरा (फिलहाल चरखी दादरी में डीआरओ), तत्कालीन नायब तहसीलदार अनिल कुमार परुथी (फिलहाल बरवाला में तहसीलदार), कानूनगो राजेंद्र सिंह जाखड़, उमरा बैंक शाखा के तत्कालीन मैनेजर ओमप्रकाश जांगड़ा और लोन लेने वाले जोगिंद्र सिंह, जोगिंद्र सिंह के भाई सतपाल व उनके पिता रामनिवास तथा ढंढेरी गांव के नंबरदार रतन सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 34, 420, 467, 468 व 471 के खिलाफ केस दर्ज किया है। इस मामले में 8 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
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पुलिस को दी शिकायत में सुलतान सिंह ने बताया था कि उसकी जमीन के हिस्सेदार रामनिवास का एक बेटा सतपाल बैंक में डायरेक्टर था। उन्होंने दूसरे बेटे जोगिंद्र के नाम से उमरा स्थित एक बैंक की शाखा से 15 लाख रुपये का लोन ले लिया। पिता व बैंक डायरेक्टर पुत्र ने बैंक अधिकारियों व तहसील के अधिकारियों के साथ मिलकर उसकी जमीन पर लोन लिया। यह परिवार कुल जमीन का 1/6 का हिस्सेदार है। उन्होंने सब्जबाग करके आधा हिस्सेदार दिखाकर ऋण ले लिया। उन्होंने उसके हिस्से की जमीन भी उमरा गांव की बैंक शाखा में गिरवी रख दी, जबकि जमीन उसके नाम है और वह 40 साल से इस जमीन पर बिजाई कर रहा है। इस मामले में पुलिस ने तत्कालीन तहसीलदार सुखबीर सिंह बूरा (फिलहाल चरखी दादरी में डीआरओ), तत्कालीन नायब तहसीलदार अनिल कुमार परुथी (फिलहाल बरवाला में तहसीलदार), कानूनगो राजेंद्र सिंह जाखड़, उमरा बैंक शाखा के तत्कालीन मैनेजर ओमप्रकाश जांगड़ा और लोन लेने वाले जोगिंद्र सिंह, जोगिंद्र सिंह के भाई सतपाल व उनके पिता रामनिवास तथा ढंढेरी गांव के नंबरदार रतन सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 34, 420, 467, 468 व 471 के खिलाफ केस दर्ज किया है। इस मामले में 8 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
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