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संक्रमित तीन गर्भवती महिलाओं की सुरक्षित डिलिवरी करना था चुनौती, महिला चिकित्सक ने जीती जंग

Thu, 29 Apr 2021 12:31 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 29 Apr 2021 12:31 AM IST
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Femele doctor won the battle
कोरोना काल के बीच नागरिक अस्पताल में तीन संक्रमित गर्भवती महिलाओं की सुरक्षित डिलिवरी कराई। तीनों बच्चों को स्वस्थ रखा गया। महिला चिकित्सक बच्चों को कोरोना से बचाने में सफल रहीं।
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महिलाओं के परिजन बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए प्रार्थना कर रहे थे। प्रसूति के समय गर्भवती महिला और उसके परिजनों से लेकर महिला चिकित्सक और स्टाफ भी काफी चिंतित था। यह पल महिला चिकित्सक एवं वार्ड की स्टाफ के लिए भी काफी चुनौतीपूर्ण रहा, क्योंकि हर किसी के मन में यही सवाल था कि किस तरह बच्चों को संक्रमण से बचाया जाए। डिलीवरी के बाद तीनों बच्चों का टेस्ट किया गया था, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव रही। फिर भी एहतियात के तौर पर बच्चों को नर्सरी में रखवाया गया है।
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इसमें गायनी वार्ड की महिला चिकित्सक एवं वार्ड की स्टाफ की अहम भूमिका रही, जिन्होंने सावधानी रखते हुए महिलाओं को सहानुभूति देने के साथ-साथ सफल डिलिवरी करवाई। जिला नागरिक अस्पताल में संक्रमित महिलाओं की डिलिवरी के लिए अलग से आइसोलेशन वार्ड बनाया हुआ है, जहां पर कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत डिलिवरी के समय पीपीई किट, मास्क, ग्लव्स जैसी सावधानी रखी जाती है। इसके चलते सामान्य प्रसूति वार्ड को वार्ड 13 में शिफ्ट किया है, ताकि अन्य जच्चे-बच्चे में संक्रमण न फैले।
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पहले करते हैं काउंसलिंग
ऐसे केस में गर्भवती को घबराहट रहती है कि उसका बच्चा संक्रमित न हो जाए। इसलिए पहले गर्भवती की काउंसलिंग करते हैं। उसको बताया जाता है कि बच्चे को सही तरह से हाथ धोकर दूध पिलाना है। मास्क हमेशा लगाए रखना है। पूरी एहतियात बरतने पर ही बच्चे को साथ रख सकती हैं। कोरोना इलाज से ठीक हो सकती है। हमारे लिए चुनौतीपूर्ण यूं था कि हम मरीज के संपर्क में काफी समय रहते हैं। ऐसे में उनको शारीरिक और मानसिक रूप से भी मजबूत रखना पड़ता है।
- डॉ. मनीषा शर्मा, महिला चिकित्सक, नागरिक अस्पताल, हिसार।
स्वस्थ हैं बच्चे
तीन संक्रमित गर्भवती महिलाओं की डिलिवरी हुई है। अभी तीनों बच्चे स्वस्थ हैं। प्रोटोकॉल के तहत महिला और बच्चों का ध्यान रखा जा रहा है। हमारी चिकित्सक एवं स्टाफ नेे भी काफी सराहनीय काम किया है।
-डॉ. अनीता बंसल, एसएमओ, गायनी वार्ड प्रभारी, नागरिक अस्पताल, हिसार।
पोती ठीक मिली तो हुई खुशी
मैं, मेरा बेटा और मेरी पुत्रवधू तीनों ही मजदूरी का काम करते हैं। हो सकता है कि वहीं से संक्रमण फैला हो। फिलहाल कुछ दिन से वह घर पर ही थी। पॉजिटिव होने के कारण एक बार घबराहट हुई थी। जब पोती ठीक मिली तो मन को खुशी हुई। अभी पुत्रवधू की हालत भी ठीक है। -चंपा देवी, पातन गांव निवासी।

स्टाफ का मदद के लिए हूं आभारी
डिलिवरी के समय चिकित्सकों ने रैपिड टेस्ट किया था, जिसकी कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई थी। अभी बेटा संक्रमण से बाहर है। चिकित्सक एवं वार्ड के स्टाफ का भी आभारी हूं, जिन्होंने काफी मदद की। बुधवार दोपहर को मेरी पत्नी को छुट्टी भी मिल गई है। मगर बेटे को नर्सरी में रखा है। -अजय, दुर्जनपुर गांव निवासी।
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