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Hisar News: एमएसपी से 161 से 261 रुपये कम भाव पर धान खरीदने का आरोप
Sat, 10 Oct 2026 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sat, 10 Oct 2026 11:50 PM IST
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नारनौंद में एमएसपी से 161 से 261 रुपये कम भाव पर धान खरीदने का आरोप लगाते किसान।
नारनौंद। धान की सरकारी खरीद शुरू होने के बीच किसानों को अपनी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) न मिलने का मामला तूल पकड़ने लगा है। क्षेत्र के किसानों ने जहां धान 2,100 से 2,300 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर खरीदने का आरोप लगा एसडीएम कार्यालय में शिकायत सौंपी वहीं शनिवार शाम भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के जिलाध्यक्ष सत्येंद्र कोथ लोहारी राघो अनाज मंडी पहुंचे और किसानों के साथ सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
किसानों का आरोप है कि उनकी पीआर धान 2,100 से 2,300 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर खरीदी जा रही है जबकि सरकारी खरीद भाव 2,461 रुपये प्रति क्विंटल है। भाकियू ने सोमवार को एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित न होने की स्थिति में बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
गांव बयाना खेड़ा, हैबतपुर व लोहारी राघो के किसान रामपाल, सुरेंद्र, राममेहर, अमरजीत, धर्मवीर और जितेंद्र पूनिया सहित अन्य किसानों ने एसडीएम को शिकायत देकर धान की फसल का उचित मूल्य दिलाने की मांग की है।
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किसानों ने आरोप लगाया कि व्यापारी उनकी फसल सरकारी खरीद दर से कम भाव पर खरीद रहे हैं। इससे उन्हें प्रति क्विंटल 161 से 361 रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों का कहना है कि धान की फसल तैयार करने में बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और मजदूरी पर काफी खर्च होता है।
इसके बावजूद यदि फसल का भाव सरकारी दर से कम मिलता है तो उनकी लागत निकालना मुश्किल हो जाता है। किसानों ने प्रशासन से मामले की जांच करवा उचित मूल्य दिलाने और अनियमितता मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
इस मामले में किसानों की समस्या को लेकर शनिवार शाम भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सत्येंद्र कोथ लोहारी राघो अनाज मंडी पहुंचे। यहां उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों ने उन्हें बताया कि पीआर धान की खरीद 2,100 से 2,300 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर की जा रही है।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि हैफेड के मिलर ने उनसे कहा है कि वह एमएसपी पर धान की खरीद नहीं करेगा। इसके बाद सत्येंद्र कोथ ने किसानों के साथ सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसल का निर्धारित समर्थन मूल्य मिलना चाहिए।
यदि सरकारी खरीद व्यवस्था के बावजूद किसानों को एमएसपी से कम भाव पर धान बेचने को मजबूर होना पड़ता है तो यह गंभीर मामला है। सत्येंद्र कोथ ने कहा कि भाकियू की ओर से सोमवार को आंदोलन का आह्वान किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों की पीआर धान की खरीद एमएसपी पर सुनिश्चित की जाए।
यदि ऐसा नहीं हुआ तो सोमवार को यहां बड़ा आंदोलन शुरू करने का फैसला लिया जा सकता है। किसानों का कहना है कि वे अपनी फसल लेकर मंडियों में पहुंच रहे हैं लेकिन उन्हें उचित भाव नहीं मिलने से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
अब किसानों की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। शिकायतकर्ताओं ने भी प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर धान का सरकारी भाव दिलाने की मांग की है। इस दौरान जोगीराम, सुंदर राखी, प्रदीप संधू, रमेश लोहारी राघो आदि किसान मौजूद रहे।
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किसानों का आरोप है कि उनकी पीआर धान 2,100 से 2,300 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर खरीदी जा रही है जबकि सरकारी खरीद भाव 2,461 रुपये प्रति क्विंटल है। भाकियू ने सोमवार को एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित न होने की स्थिति में बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
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गांव बयाना खेड़ा, हैबतपुर व लोहारी राघो के किसान रामपाल, सुरेंद्र, राममेहर, अमरजीत, धर्मवीर और जितेंद्र पूनिया सहित अन्य किसानों ने एसडीएम को शिकायत देकर धान की फसल का उचित मूल्य दिलाने की मांग की है।
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किसानों ने आरोप लगाया कि व्यापारी उनकी फसल सरकारी खरीद दर से कम भाव पर खरीद रहे हैं। इससे उन्हें प्रति क्विंटल 161 से 361 रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों का कहना है कि धान की फसल तैयार करने में बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और मजदूरी पर काफी खर्च होता है।
इसके बावजूद यदि फसल का भाव सरकारी दर से कम मिलता है तो उनकी लागत निकालना मुश्किल हो जाता है। किसानों ने प्रशासन से मामले की जांच करवा उचित मूल्य दिलाने और अनियमितता मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
इस मामले में किसानों की समस्या को लेकर शनिवार शाम भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सत्येंद्र कोथ लोहारी राघो अनाज मंडी पहुंचे। यहां उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों ने उन्हें बताया कि पीआर धान की खरीद 2,100 से 2,300 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर की जा रही है।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि हैफेड के मिलर ने उनसे कहा है कि वह एमएसपी पर धान की खरीद नहीं करेगा। इसके बाद सत्येंद्र कोथ ने किसानों के साथ सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसल का निर्धारित समर्थन मूल्य मिलना चाहिए।
यदि सरकारी खरीद व्यवस्था के बावजूद किसानों को एमएसपी से कम भाव पर धान बेचने को मजबूर होना पड़ता है तो यह गंभीर मामला है। सत्येंद्र कोथ ने कहा कि भाकियू की ओर से सोमवार को आंदोलन का आह्वान किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों की पीआर धान की खरीद एमएसपी पर सुनिश्चित की जाए।
यदि ऐसा नहीं हुआ तो सोमवार को यहां बड़ा आंदोलन शुरू करने का फैसला लिया जा सकता है। किसानों का कहना है कि वे अपनी फसल लेकर मंडियों में पहुंच रहे हैं लेकिन उन्हें उचित भाव नहीं मिलने से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
अब किसानों की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। शिकायतकर्ताओं ने भी प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर धान का सरकारी भाव दिलाने की मांग की है। इस दौरान जोगीराम, सुंदर राखी, प्रदीप संधू, रमेश लोहारी राघो आदि किसान मौजूद रहे।