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Hisar News: हांसी मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़ा हजारों क्विंटल धान, बारिश के आसार से किसानों की बढ़ी चिंता
Mon, 12 Oct 2026 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Mon, 12 Oct 2026 12:16 AM IST
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हांसी। स्थानीय अनाज मंडी में धान की आवक लगातार बढ़ रही है लेकिन पीआर धान की सरकारी खरीद पिछले पांच दिनों से ठप है। प्रतिदिन कई किसान फसल लेकर मंडी में पहुंच रहे हैं और उनके गेट पास भी काटे जा रहे हैं लेकिन इसके बावजूद सरकारी खरीद नहीं होने से किसानों को इंतजार करना पड़ रहा है।
मिलर्स के न पहुंचने से खरीद प्रक्रिया और धान के उठान में भी बाधा आ रही है। मंडी में करीब 26,000 क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। शुरुआती दौर में खरीदे गए पीआर धान को मिलाकर सरकारी खरीद का आंकड़ा करीब 5,200 क्विंटल ही पहुंच पाया है। रविवार को भी सरकारी खरीद नहीं हुई। वहीं मौसम में बदलाव से बारिश के आसार बने हुए हैं और खुले में धान पड़ा होने से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैँ।
पीआर धान की सरकारी खरीद में देरी से भी किसानों की परेशानी बढ़ रही है। सातरोड निवासी किसान सतबीर का कहना है कि वह अपनी फसल लेकर मंडी आया है और गेट पास कटने के बावजूद भी उसकी उपज की खरीद नहीं हो रही है। ऐसे में उसे मंडी में फसल के साथ इंतजार करना पड़ रहा है। किसानों को उम्मीद थी कि आवक बढ़ने के साथ सरकारी खरीद में तेजी आएगी लेकिन लगातार पांच दिनों से खरीद न होने से उनकी चिंता बढ़ गई है।
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मिलर्स के नहीं पहुंचने से खरीद और उठान प्रभावित :
मंडी में धान की आवक बढ़ने के बीच खरीद और उठान की व्यवस्था सुचारु नहीं हो पा रही है। मिलर्स के नहीं पहुंचने से सरकारी खरीद की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इससे किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है वहीं मंडी में धान की उठान व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।
1509 धान के भाव में 200 से 300 रुपये की गिरावट :
इसके अलावा 1509 किस्म के धान के भाव में भी गिरावट दर्ज की गई है। सर्व व्यापार मंडल के प्रधान बजरंग बंसल के अनुसार 1509 धान का भाव कुछ समय पहले 4,100 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया था लेकिन अब यह घटकर करीब 3,800 से 3,900 रुपये प्रति क्विंटल रह गया है। इस तरह भाव में करीब 300 से 400 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आई है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है।
गेट पास में कोई दिक्कत नहीं : मंडी सचिव
मंडी सचिव बसाऊ राम ने बताया कि मंडी में करीब 26,000 क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि गेट पास कटने में कोई दिक्कत नहीं है।
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मिलर्स के न पहुंचने से खरीद प्रक्रिया और धान के उठान में भी बाधा आ रही है। मंडी में करीब 26,000 क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। शुरुआती दौर में खरीदे गए पीआर धान को मिलाकर सरकारी खरीद का आंकड़ा करीब 5,200 क्विंटल ही पहुंच पाया है। रविवार को भी सरकारी खरीद नहीं हुई। वहीं मौसम में बदलाव से बारिश के आसार बने हुए हैं और खुले में धान पड़ा होने से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैँ।
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पीआर धान की सरकारी खरीद में देरी से भी किसानों की परेशानी बढ़ रही है। सातरोड निवासी किसान सतबीर का कहना है कि वह अपनी फसल लेकर मंडी आया है और गेट पास कटने के बावजूद भी उसकी उपज की खरीद नहीं हो रही है। ऐसे में उसे मंडी में फसल के साथ इंतजार करना पड़ रहा है। किसानों को उम्मीद थी कि आवक बढ़ने के साथ सरकारी खरीद में तेजी आएगी लेकिन लगातार पांच दिनों से खरीद न होने से उनकी चिंता बढ़ गई है।
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मिलर्स के नहीं पहुंचने से खरीद और उठान प्रभावित :
मंडी में धान की आवक बढ़ने के बीच खरीद और उठान की व्यवस्था सुचारु नहीं हो पा रही है। मिलर्स के नहीं पहुंचने से सरकारी खरीद की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इससे किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है वहीं मंडी में धान की उठान व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।
1509 धान के भाव में 200 से 300 रुपये की गिरावट :
इसके अलावा 1509 किस्म के धान के भाव में भी गिरावट दर्ज की गई है। सर्व व्यापार मंडल के प्रधान बजरंग बंसल के अनुसार 1509 धान का भाव कुछ समय पहले 4,100 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया था लेकिन अब यह घटकर करीब 3,800 से 3,900 रुपये प्रति क्विंटल रह गया है। इस तरह भाव में करीब 300 से 400 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आई है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है।
गेट पास में कोई दिक्कत नहीं : मंडी सचिव
मंडी सचिव बसाऊ राम ने बताया कि मंडी में करीब 26,000 क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि गेट पास कटने में कोई दिक्कत नहीं है।