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Hisar News: बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक मानकों का किया मूल्यांकन
Fri, 18 Sep 2026 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Fri, 18 Sep 2026 01:02 AM IST
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हांसी। गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) की उटीम ने सत्र 2026-27 के लिए सेल्फ फाइनेंस स्कीम (एसएफएस) के तहत संचालित पाठ्यक्रमों की अस्थायी संबद्धता की मंजूरी के लिए सनातन धर्म महिला महाविद्यालय का निरीक्षण किया।
टीम ने कॉलेज के शैक्षणिक मानकों, शिक्षण गुणवत्ता और बुनियादी ढांचे का गहन मूल्यांकन करने के बाद व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।महाविद्यालय पहुंचने पर प्राचार्य डॉ. सुरेश कुमार गुप्ता और स्टाफ सदस्यों ने निरीक्षण टीम का स्वागत किया। इस विशेषज्ञ टीम में भौतिकी विभाग से प्रोफेसर सुजाता सांघी, अंग्रेजी एवं फॉरेन लैंग्वेज विभाग से डॉ. प्रियंका सिंह, सीएसई विभाग से डॉ. मनोज और भूगोल विभाग से सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. राम सिंह शामिल रहे।
टीम ने कॉलेज के विभिन्न विभागों, स्मार्ट क्लासरूम, कंप्यूटर व विज्ञान प्रयोगशालाओं और पुस्तकालय का बारीकी से अवलोकन किया। इसके बाद विशेषज्ञों ने प्राध्यापकों के साथ बैठक कर शिक्षण पद्धतियों, छात्राओं के परीक्षा परिणामों, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ की गतिविधियों, कौशल विकास कार्यक्रमों और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की समीक्षा की। टीम ने शिक्षा स्तर को और बेहतर बनाने तथा भविष्य में नए रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू करने के संबंध में रचनात्मक सुझाव व दिशा-निर्देश भी दिए।
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इस दौरान निरीक्षण टीम के सदस्यों ने प्रोफेसर गीता दहिया, डॉ. सविता मलिक और शीलू के साथ विभिन्न शैक्षणिक विषयों पर विचार-विमर्श किया। प्राचार्य ने विशेषज्ञों के मार्गदर्शन को उच्च शिक्षा में नए आयाम स्थापित करने में सहायक बताया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है और सरकार की यह पहल शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है।
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टीम ने कॉलेज के शैक्षणिक मानकों, शिक्षण गुणवत्ता और बुनियादी ढांचे का गहन मूल्यांकन करने के बाद व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।महाविद्यालय पहुंचने पर प्राचार्य डॉ. सुरेश कुमार गुप्ता और स्टाफ सदस्यों ने निरीक्षण टीम का स्वागत किया। इस विशेषज्ञ टीम में भौतिकी विभाग से प्रोफेसर सुजाता सांघी, अंग्रेजी एवं फॉरेन लैंग्वेज विभाग से डॉ. प्रियंका सिंह, सीएसई विभाग से डॉ. मनोज और भूगोल विभाग से सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. राम सिंह शामिल रहे।
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टीम ने कॉलेज के विभिन्न विभागों, स्मार्ट क्लासरूम, कंप्यूटर व विज्ञान प्रयोगशालाओं और पुस्तकालय का बारीकी से अवलोकन किया। इसके बाद विशेषज्ञों ने प्राध्यापकों के साथ बैठक कर शिक्षण पद्धतियों, छात्राओं के परीक्षा परिणामों, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ की गतिविधियों, कौशल विकास कार्यक्रमों और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की समीक्षा की। टीम ने शिक्षा स्तर को और बेहतर बनाने तथा भविष्य में नए रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू करने के संबंध में रचनात्मक सुझाव व दिशा-निर्देश भी दिए।
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इस दौरान निरीक्षण टीम के सदस्यों ने प्रोफेसर गीता दहिया, डॉ. सविता मलिक और शीलू के साथ विभिन्न शैक्षणिक विषयों पर विचार-विमर्श किया। प्राचार्य ने विशेषज्ञों के मार्गदर्शन को उच्च शिक्षा में नए आयाम स्थापित करने में सहायक बताया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है और सरकार की यह पहल शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है।