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पीएचडी डिग्री जांच मामला : कॉलेजों ने जानकारी भेजी उच्चतर शिक्षा विभाग को
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हिसार। प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों में कार्यरत 160 सहायक प्रोफेसरों की पीएचडी की डिग्री की जांच प्रक्रिया ने तेजी पकड़ ली है। शिकायत मिलने के बाद उच्चतर शिक्षा विभाग ने सभी कॉलेजों को 160 सहायक प्रोफेसरों की डिग्री से संबंधित कागजात जमा कराने के लिए एक माह का समय दिया था। चूंकि यह समयावधि पूरी हो चुकी है इसलिए कॉलेजों की तरफ से इनके कागजात व अन्य जानकारी उच्चतर शिक्षा विभाग को भेजी जा चुकी है। जिन 160 सहायक प्रोफेसरों की पीएचडी की डिग्री पर सवाल उठाए गए हैं, उनमें से ज्यादातर ने पीएचडी की डिग्री ओपीजेएस विश्वविद्यालय चुरू व सिंघानिया विश्वविद्यालय झुंझुनूं राजस्थान से की है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालय में कार्यरत 160 सहायक प्रोफेसरों की पीएचडी की डिग्री पर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन शिक्षकों ने पीएचडी डिग्री लेने के लिए यूजीसी की तरफ से जारी नियमों का पालन नहीं किया।
स्कूल शिक्षकों पर भी आई आंच
जैसे ही महाविद्यालयों में कार्यरत सहायक प्रोफेसरों की पीएचडी डिग्री की जांच अभी चल रही है कि इस मामले की आंच स्कूूलों तक भी पहुंच गई। इसके बाद सरकार ने स्कूलों में कार्यरत पीएचडी धारक शिक्षकों का ब्योरा मांग लिया। खासकर उन शिक्षकों का ब्योरा मांगा गया है, जिन्होंने अन्य राज्यों में स्थित विश्वविद्यालयों से यह डिग्री हासिल की है।
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हमने जानकारी भेज दी है
हमसे विभाग ने कुछ सहायक प्रोफेसरों की पीएचडी डिग्री से संबंधित कागजात व अन्य जानकारी मांगी गई थी, जो हमने विभाग को भिजवा दी है। अब विभाग अपने स्तर पर इनकी जांच कर रहा है।
- डॉ. आशा सहारण, प्राचार्य, राजकीय महिला महाविद्यालय, हिसार।
कुछ सहायक प्रोफेसर की डिग्री फर्जी होने की शिकायत आई थी
कुछ सहायक प्रोफेसर की डिग्री फर्जी होने की शिकायत विभाग के पास आई थी। उसके आधार पर सरकारी कॉलेजों को डिग्री की जांच कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए थे, कॉलेजों से रिपोर्ट आ रही हैं। उनका अध्ययन कर आगामी निर्णय लेंगे।
- अंकुर गुप्ता, प्रधान सचिव, उच्च शिक्षा विभाग ।
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उल्लेखनीय है कि प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालय में कार्यरत 160 सहायक प्रोफेसरों की पीएचडी की डिग्री पर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन शिक्षकों ने पीएचडी डिग्री लेने के लिए यूजीसी की तरफ से जारी नियमों का पालन नहीं किया।
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स्कूल शिक्षकों पर भी आई आंच
जैसे ही महाविद्यालयों में कार्यरत सहायक प्रोफेसरों की पीएचडी डिग्री की जांच अभी चल रही है कि इस मामले की आंच स्कूूलों तक भी पहुंच गई। इसके बाद सरकार ने स्कूलों में कार्यरत पीएचडी धारक शिक्षकों का ब्योरा मांग लिया। खासकर उन शिक्षकों का ब्योरा मांगा गया है, जिन्होंने अन्य राज्यों में स्थित विश्वविद्यालयों से यह डिग्री हासिल की है।
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हमने जानकारी भेज दी है
हमसे विभाग ने कुछ सहायक प्रोफेसरों की पीएचडी डिग्री से संबंधित कागजात व अन्य जानकारी मांगी गई थी, जो हमने विभाग को भिजवा दी है। अब विभाग अपने स्तर पर इनकी जांच कर रहा है।
- डॉ. आशा सहारण, प्राचार्य, राजकीय महिला महाविद्यालय, हिसार।
कुछ सहायक प्रोफेसर की डिग्री फर्जी होने की शिकायत आई थी
कुछ सहायक प्रोफेसर की डिग्री फर्जी होने की शिकायत विभाग के पास आई थी। उसके आधार पर सरकारी कॉलेजों को डिग्री की जांच कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए थे, कॉलेजों से रिपोर्ट आ रही हैं। उनका अध्ययन कर आगामी निर्णय लेंगे।
- अंकुर गुप्ता, प्रधान सचिव, उच्च शिक्षा विभाग ।