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Hisar News: लगातार बढ़ रहा धरती का तापमान, प्रकृति को बचाने के लिए लगाएं पौधे
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हिसार। अधिक से अधिक पौधे लगाकर और सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग न करके हम पर्यावरण को संरक्षित कर सकते हैं। धरती का लगातार तापमान बढ़ रहा हैं, ऐसे में हमें अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिए। मंगलवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में राइट टू एयर क्लीन ग्रुप के सदस्यों ने अपने विचार रखे।
ग्रुप की प्रधान सुनीता श्योकंद, सुनीता महतानी, सुषमा, वीना, सोनू, नवीन, सतीश कालरा, वीके प्रभाकर व सुदेश कालरा ने कहा कि पर्यावरण के साथ-साथ जल संरक्षण भी करना होगा, इसके बिना पर्यावरण संरक्षण नहीं किया जा सकता है। यह कार्य केवल सरकार पर नहीं छोड़ना चाहिए। इसके लिए प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह पर्यावरण को बचाने में अपना सहयोग दे। ग्रुप की प्रधान सुनीता श्योकंद, सुनीता महतानी और सुनीता जैन ने कहा कि लगातार बढ़ रही गर्मी पेड़-पौधों की कटाई के कारण है। सतीश कालरा ने कहा कि अभी भी लोग जागरूक नहीं हुए तो आने वाले समय में तापमान और अधिक बढ़ेगा।
हर तीन माह में करें सेमीनार का आयोजन
सोनू ने कहा कि अभिभावकों को पर्यावरण बचाने के लिए खुद से कदम उठाने होंगे, तभी उनके बच्चे जागरूक होंगे, बच्चों को गार्डनिंग करनी सिखाएं। सरकार को भी हर तीन महीने में पर्यावरण संरक्षण को लेकर सेमीनार का आयोजन करना चाहिए, जिसके माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जा सके। पर्यावरण को हानि पहुंचाने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। दुकानों के बाहर कूड़ादान रखा जाए ताकि सड़कों पर कचरा न फैले।
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ग्रुप द्वारा ठोस कचरा प्रबंधन के सर्वे की रिपोर्ट
- 90 प्रतिशत लोग गीला और सूखा कचरा अगल-अलग करते हैं।
-75 प्रतिशत लोग घर में ही गीले कचरे से खाद बना रहे थे।
सर्वे में शामिल कुछ लोगों ने बताया कि जगह की कमी के कारण पेड़ों, झाड़ियों के पत्तों से खाद बनाने में असमर्थ थे, इसलिए प्रति घर खाद बनाने का स्तर 50 से 100 प्रतिशत अलग था। इसके अलावा बहुत कम लोग घर का गीला कचरा आवारा जानवरों को खिला रहे हैं।
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ग्रुप की प्रधान सुनीता श्योकंद, सुनीता महतानी, सुषमा, वीना, सोनू, नवीन, सतीश कालरा, वीके प्रभाकर व सुदेश कालरा ने कहा कि पर्यावरण के साथ-साथ जल संरक्षण भी करना होगा, इसके बिना पर्यावरण संरक्षण नहीं किया जा सकता है। यह कार्य केवल सरकार पर नहीं छोड़ना चाहिए। इसके लिए प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह पर्यावरण को बचाने में अपना सहयोग दे। ग्रुप की प्रधान सुनीता श्योकंद, सुनीता महतानी और सुनीता जैन ने कहा कि लगातार बढ़ रही गर्मी पेड़-पौधों की कटाई के कारण है। सतीश कालरा ने कहा कि अभी भी लोग जागरूक नहीं हुए तो आने वाले समय में तापमान और अधिक बढ़ेगा।
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हर तीन माह में करें सेमीनार का आयोजन
सोनू ने कहा कि अभिभावकों को पर्यावरण बचाने के लिए खुद से कदम उठाने होंगे, तभी उनके बच्चे जागरूक होंगे, बच्चों को गार्डनिंग करनी सिखाएं। सरकार को भी हर तीन महीने में पर्यावरण संरक्षण को लेकर सेमीनार का आयोजन करना चाहिए, जिसके माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जा सके। पर्यावरण को हानि पहुंचाने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। दुकानों के बाहर कूड़ादान रखा जाए ताकि सड़कों पर कचरा न फैले।
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ग्रुप द्वारा ठोस कचरा प्रबंधन के सर्वे की रिपोर्ट
- 90 प्रतिशत लोग गीला और सूखा कचरा अगल-अलग करते हैं।
-75 प्रतिशत लोग घर में ही गीले कचरे से खाद बना रहे थे।
सर्वे में शामिल कुछ लोगों ने बताया कि जगह की कमी के कारण पेड़ों, झाड़ियों के पत्तों से खाद बनाने में असमर्थ थे, इसलिए प्रति घर खाद बनाने का स्तर 50 से 100 प्रतिशत अलग था। इसके अलावा बहुत कम लोग घर का गीला कचरा आवारा जानवरों को खिला रहे हैं।