{"_id":"625af073174734362d56358b","slug":"dropout-girl-students-will-be-admitted-from-school-every-daughter-of-the-district-will-go-to-school-hisar-news-hsr629275430","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूल से ड्रापआउट छात्राओं के करवाए जाएंगे दाखिले, जिले की हर बेटी जाएगी स्कूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूल से ड्रापआउट छात्राओं के करवाए जाएंगे दाखिले, जिले की हर बेटी जाएगी स्कूल
विज्ञापन
हिसार। हरियाणा शिक्षा निदेशालय के आदेशानुसार फिलहाल राजकीय विद्यालयों में दाखिला प्रक्रिया चल रही है। शिक्षा विभाग का प्रयास है कि जिले की एक भी बेटी स्कूल में दाखिले से वंचित न रह जाए। इसके लिए शिक्षा विभाग की टीम फील्ड में उतर चुकी है। शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों से ड्रापआउट होने वाली छात्राओं का सर्वे किया जा रहा है। सभी की लिस्ट तैयारी जाएगी। इसके बाद उन सभी छात्राओं का नजदीक राजकीय विद्यालयों में दाखिला करवाया जाएगा। जिला शिक्षा विभाग ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, सभी स्कूल मुखियाओं, एबीआरसी, बीआरपी सहित कार्यरत सभी शिक्षकों को आदेश जारी कर दिए हैं। स्कूल मुखिया अपने-अपने स्कूल से ड्रापआउट होने वाली छात्राओं व उनके अभिभावकों से संपर्क करेंगे। अभिभावकों से छात्रा के स्कूल छोड़ने का कारण पूछेंगे। फिर उनको प्रेरित करते दाखिला करवाएंगे।
पांचवीं, आठवीं व 10वीं के बाद ड्रापआउट होती हैं छात्राएं
- शिक्षा विभाग के सर्वे के अनुसार ज्यादातर 5वीं, 8वीं व 10वीं कक्षा के बाद छात्राएं स्कूलों से ड्राप आउट हो जाती हैं। इनमें में सबसे ज्यादा फोकस 5वीं व 8वीं कक्षा के बाद ड्रापआउट होने वाली छात्राओं पर रहेगा। 10वीं कक्षा के बाद ड्रॉपआउट के आंकड़े सबसे कम हैं। सर्वे के अनुसार 10वीं कक्षा के बाद छात्राएं आईटीआई, बहुतकनीकी संस्थान सहित अन्य कॉर्स में दाखिला ले लेती है।
ऐसे में अब 5वीं व 8वीं के बाद ड्रापआउट होने वाली छात्राओं पर विभाग की विशेष नजर है। विभाग का लक्ष्य है कि पांचवीं व आठवीं कक्षा के बाद जिले की एक भी बेटी की शिक्षा अधर में न रहे।
विज्ञापन
इन कारणों से होता है छात्राओं का ड्रॉपआउट
- ग्रामीण क्षेत्रों में नजदीकी राजकीय विद्यालय न होना। अक्सर देखने में आया है सभी गांव में 10वीं व 12वीं कक्षा तक स्कूल नहीं होते। छात्राओं को दूसरे गांव में जाकर पढ़ाई जारी रखनी पड़ती है। वहीं प्राइवेट स्कूलों में भारी भरकम दाखिला व मासिक के साथ अन्य खर्चे के कारण छात्राओं को स्कूल ड्राप करना पड़ता है।
स्कूल अध्यापक कक्षा पांचवीं व आठवीं पास करने वाली बेटियों का 16 अप्रैल तक अगली कक्षा में दाखिला करना सुनिश्चित करेंगे। 17 अप्रैल को पांचवीं व आठवीं पास जिन बेटियों ने दाखिला नहीं लिया उनकी पहचान 18 व 19 अप्रैल को दाखिला न लेने वाली बेटियों के माता पिता से संपर्क कर जानकारी जुटाएंगे और 20 अप्रैल यह सूचना एमएससी कमेटी, बीईओ व बईईओ को देगें।
वर्जन:
5वीं व 8वीं कक्षा के बाद जिन छात्राओं का ड्रापआउट हो जाता है। उनका सर्वे किया जा रहा है। हमने विभाग की ओर से सभी बीईओ, बीआरसी, एबीआरसी व सभी स्कूल मुखियाओं की ड्यूटी निर्धारित कर दी है। अभिभावकों से संपर्क किया जा रहा है। सभी ड्रापआउट बेटियों का स्कूल में दाखिला करवाया जाएगा।
कुलदीप सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी हिसार।
विज्ञापन
पांचवीं, आठवीं व 10वीं के बाद ड्रापआउट होती हैं छात्राएं
- शिक्षा विभाग के सर्वे के अनुसार ज्यादातर 5वीं, 8वीं व 10वीं कक्षा के बाद छात्राएं स्कूलों से ड्राप आउट हो जाती हैं। इनमें में सबसे ज्यादा फोकस 5वीं व 8वीं कक्षा के बाद ड्रापआउट होने वाली छात्राओं पर रहेगा। 10वीं कक्षा के बाद ड्रॉपआउट के आंकड़े सबसे कम हैं। सर्वे के अनुसार 10वीं कक्षा के बाद छात्राएं आईटीआई, बहुतकनीकी संस्थान सहित अन्य कॉर्स में दाखिला ले लेती है।
विज्ञापन
ऐसे में अब 5वीं व 8वीं के बाद ड्रापआउट होने वाली छात्राओं पर विभाग की विशेष नजर है। विभाग का लक्ष्य है कि पांचवीं व आठवीं कक्षा के बाद जिले की एक भी बेटी की शिक्षा अधर में न रहे।
विज्ञापन
इन कारणों से होता है छात्राओं का ड्रॉपआउट
- ग्रामीण क्षेत्रों में नजदीकी राजकीय विद्यालय न होना। अक्सर देखने में आया है सभी गांव में 10वीं व 12वीं कक्षा तक स्कूल नहीं होते। छात्राओं को दूसरे गांव में जाकर पढ़ाई जारी रखनी पड़ती है। वहीं प्राइवेट स्कूलों में भारी भरकम दाखिला व मासिक के साथ अन्य खर्चे के कारण छात्राओं को स्कूल ड्राप करना पड़ता है।
स्कूल अध्यापक कक्षा पांचवीं व आठवीं पास करने वाली बेटियों का 16 अप्रैल तक अगली कक्षा में दाखिला करना सुनिश्चित करेंगे। 17 अप्रैल को पांचवीं व आठवीं पास जिन बेटियों ने दाखिला नहीं लिया उनकी पहचान 18 व 19 अप्रैल को दाखिला न लेने वाली बेटियों के माता पिता से संपर्क कर जानकारी जुटाएंगे और 20 अप्रैल यह सूचना एमएससी कमेटी, बीईओ व बईईओ को देगें।
वर्जन:
5वीं व 8वीं कक्षा के बाद जिन छात्राओं का ड्रापआउट हो जाता है। उनका सर्वे किया जा रहा है। हमने विभाग की ओर से सभी बीईओ, बीआरसी, एबीआरसी व सभी स्कूल मुखियाओं की ड्यूटी निर्धारित कर दी है। अभिभावकों से संपर्क किया जा रहा है। सभी ड्रापआउट बेटियों का स्कूल में दाखिला करवाया जाएगा।
कुलदीप सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी हिसार।