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मेधा का सम्मान: राष्ट्रपति के हाथों मिली सपनों को उड़ान

Mon, 10 Mar 2025 11:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Mon, 10 Mar 2025 11:19 PM IST
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Dreams got wings from the hands of the President
हिसार में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से डिग्री लेतीं पलक नारंग। 
हिसार। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय का चौधरी रणवीर सिंह सभागार सोमवार दोपहर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज रहा था। सभागार में मौजूद मेधावियों के चेहरों पर अलग ही रौनक थी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों सम्मानित होने के अवसर पाकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। कोई विद्यार्थी मोबाइल से अपने परिजनों को इस अवसर से रूबरू करवा रहा था तो कोई इन ऐतिहासिक पलों को सदा के लिए संजो लेना चाहता था। मंच पर सम्मानित होने के लिए नाम की घोषणा के साथ ही मेधावियों के चेहरों पर खुशी छा रही थी। समारोह में राष्ट्रपति ने 2,090 विद्यार्थियों को डिग्रियां और 564 मेधावियों को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सभी को एक-एक डिग्रियां और मेडल देकर सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा, पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में आधे से अधिक बेटियों का होना हरियाणा ही नहीं बल्कि समूचे भारत के विकास का प्रमाण है। आज बेटियां पूरी दक्षता के साथ शिक्षा व अन्य क्षेत्रों में नाम रोशन कर रही हैं। स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में भी 75 प्रतिशत से अधिक छात्राएं होना गर्व का विषय है। राष्ट्रपति सोमवार को गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के चौधरी रणवीर सिंह सभागार में आयोजित छठे दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहीं थीं।
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राष्ट्रपति ने कहा, हमारी बेटियां कृषि एवं विज्ञान सहित अनेक क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं। आपकी जिम्मेदारी है कि अपने ज्ञान की रोशनी से समाज व देश को भी रोशन करें। हरियाणा ही नहीं बल्कि देश के विकास और समाज में महिलाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा, गुरु जम्भेश्वर एक महान संत और दार्शनिक थे। वे वैज्ञानिक सोच, बेहतरीन जीवनशैली और पर्यावरण संरक्षण के समर्थक थे। उनका मानना था कि प्रकृति की रक्षा करना सभी जीवों के प्रति करुणा और दया का भाव रखना तथा उन्हें संरक्षण प्रदान करना मानव का नैतिक दायित्व है। इससे पहले महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट पर राज्यपाल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का पुष्प गुच्छ भेंटकर स्वागत किया। विश्वविद्यालय में पहुंचने पर राष्ट्रपति ने सबसे पहले पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। समारोह में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को शैक्षणिक शोभायात्रा के माध्यम से मंच तक लाया गया। राष्ट्रपति व अन्य अतिथियों ने मां शारदा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त प्रतिष्ठित रैंकिंग का हवाला देते हुए बताया कि यह विश्वविद्यालय अपनी पहचान को निरंतर मजबूत कर रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय की स्थापना, विकास यात्रा, आधारभूत ढांचे तथा नियमित दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से तथा ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से संचालित किए जाने वाले कोर्स बारे में बताया।
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चुनौतियों को अवसर में बदलें
राष्ट्रपति डिग्रियां और उपाधियां लेने वाले विद्यार्थियों से कहहा, आज के दिन आपके जीवन की नई यात्रा शुरू हो रही है। इस यात्रा में चुनौतियां भी होंगी। अवसर भी होंगे। निरंतर सीखते हुए और अपने कौशल को बेहतर करते हुए आप चुनौतियों को अवसर में बदल सकते हैं। यहां शिक्षा हासिल कर चुके विद्यार्थी अपने गांव और शहर के लोगों को शिक्षा का महत्व बताएं, उन्हें अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित करें। इस विश्वविद्यालय की 30 वर्षों की यात्रा में यहां के विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों ने विभिन्न शोध और अनुसंधान परियोजनाओं में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। इन्क्यूबेशन, स्टार्ट-अप, पेटेंट फाइलिंग अनुसंधान परियोजनाएं विद्यार्थियों में नवाचार और उद्यमिता की भावना को विकसित करेंगे।
हमेशा नवीनतम तकनीकों और रुझानों से अवगत रहना: राज्यपाल
हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा छात्रों को तेजी से बदलते हुए परिवेश में अपने आप को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए हमेशा नवीनतम तकनीकों और रुझानों से अवगत रहना होगा। उन्होंने कहा शिक्षा केवल ज्ञान और कौशल प्राप्त करने का साधन नहीं है। शिक्षा मनुष्य के भीतर नैतिकता, करुणा और सहिष्णुता जैसे जीवन-मूल्यों को विकसित करने का माध्यम भी है। उन्होंने, यह दिन केवल एक डिग्री प्राप्त करने का नहीं, बल्कि नई यात्रा के प्रारंभ का प्रतीक है। यह क्षण आपके जीवन की उस मेहनत और संघर्ष की स्वीकृति है जो आपने वर्षों तक अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए की है। हमें एक ऐसे समय में हैं, जहां जलवायु परिवर्तन, तकनीकी क्रांति और आर्थिक परिवर्तन जैसी चुनौतियां हमारे सामने हैं। आपके ज्ञान और नवाचार की शक्ति इन चुनौतियों को अवसरों में बदल सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि उन्हें नौकरी ढूंढने वाला नहीं, नौकरी देने वाला बनना चाहिए।
इंद्रेश कुमार राष्ट्र निर्माण में दे रहे योगदान

कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सक्रिय सदस्य के रूप में इंद्रेश कुमार लगभग आधी शताब्दी से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उनके महत्वपूर्ण कार्यों में चार लाख कश्मीरी विस्थापितों का पुनर्वास, हिंदू-मुस्लिम समरसता के प्रति राष्ट्रीय मुस्लिम मंच की स्थापना, गरीब व आम आदमी के उपचार के लिए विवेकानंद अस्पताल की स्थापना, बालिका निकेतन की स्थापना, सैनिकों व उनके परिवारों को सहायता दिलवाना, गंगा स्वच्छता जनजागरण अभियान चलाना आदि शामिल हैं।
यह रहे मौजूद: समारोह में कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा, हिसार विधायक सावित्री जिंदल, नलवा विधायक रणधीर पनिहार, भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक सैनी, पूर्व मंत्री डॉ. कमल गुप्ता, सतबीर वर्मा, रणधीर धीरु, प्रवीण पोपली उपस्थित रहे।


टॉपर बोले..आज का दिन हमेशा याद रहेगा
बेचलर इन बायोटक्नोलॉजी से डिग्री हासिल की। मेरी मेहनत आज सफल हो गई। राष्ट्रपति से डिग्री मिलना मेरे लिए ख्वाब पूरा होने जैसा है। मेरे अभिभावकों को भी आज बेहद खुशी हुई। उनका सिर गर्व से ऊंचा हुआ। - गरिमा, हिसार

मैं हांसी की रहने वाली हूं। मैं इस सफलता के लिए अपने सभी शिक्षकों का आभार जताना चाहूंगी, जिनके कारण आज मुझे इस मंच पर राष्ट्रपति के हाथों डिग्री व मेडल लेने का गौरव हासिल हुआ। मेरे अभिभावकों ने हमेशा मेरा साथ दिया।- पल्लवी

यह दिन मेरे लिए बेहद महत्वपूर्ण है। जीवन में इस दिन का विशेष महत्व रहेगा। मैंने मैथ्स में मास्टर डिग्री की थी। जिसमें मैंने अपने विश्वविद्यालय को टॉप किया। राष्ट्रपति के हाथों अपनी डिग्री व मेडल लेकर मुझे काफी खुशी है। - प्रतिभा, हिसार

हर एक विद्यार्थी के जीवन में कुछ खास पल होते हैं। आज का यह दिन मेरे लिए ऐतिहासिक है। राष्ट्रपति के हाथों कुछ चुनिंदा विद्यार्थियों को ही डिग्री - मेडल मिलते हैं। मुझे बेहद गर्व है कि मुझे यह सम्मान मिला। - पलक नारंग, हिसार


ऐसा पल जीवन में कभी कभार आता है। राष्ट्रपति के हाथों डिग्री लेने का सपना पूरा हुआ। मेरे लिए बेहद गौरव भरे पल हैं। जीजेयू के 5 विद्यार्थियों को राष्ट्रपति ने डिग्री व मेडल देकर सम्मानित किया। इनमें से मैं एक हूं। - नीतेश, हिसार
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