{"_id":"683a024b69ef2f602105415d","slug":"doga-gun-pellets-and-coins-found-in-student-dixits-stomach-hisar-news-c-21-hsr1020-637064-2025-05-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: छात्र दीक्षित के पेट में मिले डोगा बंदूक की गोली के छर्रे और सिक्के","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: छात्र दीक्षित के पेट में मिले डोगा बंदूक की गोली के छर्रे और सिक्के
विज्ञापन
हिसार। न्यू मस्तनाथ कॉलोनी निवासी 10वीं के छात्र दीक्षित का शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया। दीक्षित के पेट में डोगा बंदूक की गोली के छर्रे व छोटे-छोटे सिक्के मिले। दीक्षित को बेहद करीब से गोली मारी गई थी। गोली ने पेट में बहुत बड़ा हिस्सा फाड़ते हुए अंदर के अंगों को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया था।
वहीं, शरीर के अंदर गोली के सिक्के ढंढूने के लिए चिकित्सकों को दोबारा से एक्सरे करना पड़ा, जिस कारण पोस्टमार्टम में करीब चार घंटे का समय लगा। दोपहर बाद करीब दो बजे शव परिजनों को सौंप दिया। उधर, राजकीय रेलवे पुलिस हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी डोगा बंदूक के मालिक आरोपी के दादा की गिरफ्तारी के लिए हांसी में छापे मार रही है। दीक्षित के पिता प्रकाश व अन्य परिजन शव के अंतिम संस्कार के लिए अपने पैतृक गांव चरखी दादरी के झींझर गांव गए हैं।
राजकीय रेलवे पुलिस के एसएचओ विनोद कुमार ने बताया कि नाबालिग ने हत्या के लिए अपने दादा की लाइसेंसी बंदूक का प्रयोग किया था। लाइसेंसी हथियार से अपराध होने पर मालिक पर भी कार्रवाई बनती है। आरोपी को तीन साल तक की सजा का प्रावधान है। अभी आरोपी भूमिगत है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
विज्ञापन
यह था मामला
29 मई सुबह करीब 7:30 बजे एक नाबालिग ने अपने पूर्व सहपाठी साढ़े 14 वर्षीय दीक्षित की गोली मार कर हत्या कर दी थी। दीक्षित सुबह करीब 6 बजे स्कूटी पर सवार होकर डेयरी से दूध लाने के लिए निकला था। इसी बीच उसके पूर्व सहपाठी ने उसे बुला लिया। इसके बाद वह उसे सातरोड के पास रेलवे स्टेशन एरिया की झाड़ियों में ले गया और अपने दादा की लाइसेंसी डोगा बंदूक से पहले एक हवाई फायर किया फिर करीब से दीक्षित की पीठ में गोली मारकर भाग गया। पुलिस ने मृतक के पिता प्रकाश के बान पर आरोपी नाबालिग, उसकी मां व पिता के खिलाफ केस दर्ज किया था।
विज्ञापन
वहीं, शरीर के अंदर गोली के सिक्के ढंढूने के लिए चिकित्सकों को दोबारा से एक्सरे करना पड़ा, जिस कारण पोस्टमार्टम में करीब चार घंटे का समय लगा। दोपहर बाद करीब दो बजे शव परिजनों को सौंप दिया। उधर, राजकीय रेलवे पुलिस हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी डोगा बंदूक के मालिक आरोपी के दादा की गिरफ्तारी के लिए हांसी में छापे मार रही है। दीक्षित के पिता प्रकाश व अन्य परिजन शव के अंतिम संस्कार के लिए अपने पैतृक गांव चरखी दादरी के झींझर गांव गए हैं।
विज्ञापन
राजकीय रेलवे पुलिस के एसएचओ विनोद कुमार ने बताया कि नाबालिग ने हत्या के लिए अपने दादा की लाइसेंसी बंदूक का प्रयोग किया था। लाइसेंसी हथियार से अपराध होने पर मालिक पर भी कार्रवाई बनती है। आरोपी को तीन साल तक की सजा का प्रावधान है। अभी आरोपी भूमिगत है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
विज्ञापन
यह था मामला
29 मई सुबह करीब 7:30 बजे एक नाबालिग ने अपने पूर्व सहपाठी साढ़े 14 वर्षीय दीक्षित की गोली मार कर हत्या कर दी थी। दीक्षित सुबह करीब 6 बजे स्कूटी पर सवार होकर डेयरी से दूध लाने के लिए निकला था। इसी बीच उसके पूर्व सहपाठी ने उसे बुला लिया। इसके बाद वह उसे सातरोड के पास रेलवे स्टेशन एरिया की झाड़ियों में ले गया और अपने दादा की लाइसेंसी डोगा बंदूक से पहले एक हवाई फायर किया फिर करीब से दीक्षित की पीठ में गोली मारकर भाग गया। पुलिस ने मृतक के पिता प्रकाश के बान पर आरोपी नाबालिग, उसकी मां व पिता के खिलाफ केस दर्ज किया था।