{"_id":"68432f70ca8418904b0c3e6e","slug":"doctors-get-new-acs-patients-dont-even-get-cooler-air-hisar-news-c-21-hsr1005-642358-2025-06-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: चिकित्सक को लिए नए एसी, मरीजों को कूलर की हवा भी नसीब नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: चिकित्सक को लिए नए एसी, मरीजों को कूलर की हवा भी नसीब नहीं
Fri, 06 Jun 2025 11:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Fri, 06 Jun 2025 11:42 PM IST
विज्ञापन
नागरिक अस्पताल में एसएमओ कक्ष के बाहर रखे हुए नए एयर कंडीश्नर
हांसी। नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों के कमरों में 9 नए एयर कंडीश्नर (एसी) लगाए जा रहे हैं। पुराने एसी को कर्मचारियों के कक्षों में लगाने की योजना बनाई गई है। अस्पताल के जनरल वार्ड में मरीजों को कूलर की हवा भी नसीब नहीं हो रही है।
अस्पताल के प्रथम तल पर बने जनरल वार्ड में अमर उजाला में खबर प्रकाशित किए जाने के बाद बीते महीने चार नए कूलर लगे हैं। यहां पर दो जनरल वार्ड हैं। एक जनरल वार्ड में करीब 12 बेड हैं, ऐसे में मरीजों को मुश्किल से ही कूलर की ठंडी हवा लगती है। मरीजों को यहां गर्मी में परेशान होना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मरीजों की चिंता छोड़कर खुद के लिए ठंडी हवा में बैठने का बंदोबस्त कर रहे हैं। इसके लिए अस्पताल में नौ नए एसी मंगवाए गए हैं। इसमें से चार एसी ऑपरेशन थिएटर में लगाए गए हैं। इसके अलावा शव गृह, डेंटल ओपीडी व निजी कक्ष में एसी लगाए गए हैं। एक एसी को एसएमओ डॉ़ राहुल बुद्धिराजा के कक्ष में लगाया जाना है। यहां पर पहले से लगा हुआ एसी सही हालत में था, जबकि इसे बदल कर नया लगाया जा रहा है। अल्ट्रासाउंड कक्ष में पहले से एक एसी है, यहां पर एक अतिरिक्त एसी लगाया जा रहा है। कई कक्षों से पुराने एसी उतारे गए हैं। उन एसी को उतारकर प्रथम तल पर क्लर्कों के कमरे में लगाने की योजना है, लेकिन आमजन के लिए एसी की कोई योजना नहीं है। हालांकि ओपीडी के बाहर भी मरीजों को गर्मी में बैठकर अपनी बारी की प्रतिक्षा करनी पड़ती है।
विद्युत उपकरण नियंत्रण कक्ष में बुरा हाल
अस्पताल में नौ नए एसी लगे हैं। वहीं आगे पांच नए एसी लगाने की योजना है। अस्पताल का बिजली का लोड बढ़कर 200 किलोवॉट तक पहुंच गया है। अस्पताल में विद्युत उपकरण नियंत्रण कक्ष है। जहां से पावर सप्लाई पर नजर रखी जाती है। इस कमरे में एसी की सख्त जरूरत है। क्योंकि यहां पर गर्मी व बिजली लोड बढ़ने के चलते उपकरण गर्म हो जाते हैं, लेकिन यहां पर एक टेबल फैन से काम चलाया जा रहा है।
विज्ञापन
अस्पताल में जरूरत के हिसाब से नए एसी लगाए जा रहे हैं। कई जगह से पुराने एसी उतारे हैं। इमरजेंसी व जनरल वार्ड में एसी लगवाने को लेकर विचार किया जाएगा।- डॉ़ राजीव डाबला, एसएमओ, नागरिक अस्पताल
साहित्यकि हेडिंग दे
विज्ञापन
अस्पताल के प्रथम तल पर बने जनरल वार्ड में अमर उजाला में खबर प्रकाशित किए जाने के बाद बीते महीने चार नए कूलर लगे हैं। यहां पर दो जनरल वार्ड हैं। एक जनरल वार्ड में करीब 12 बेड हैं, ऐसे में मरीजों को मुश्किल से ही कूलर की ठंडी हवा लगती है। मरीजों को यहां गर्मी में परेशान होना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मरीजों की चिंता छोड़कर खुद के लिए ठंडी हवा में बैठने का बंदोबस्त कर रहे हैं। इसके लिए अस्पताल में नौ नए एसी मंगवाए गए हैं। इसमें से चार एसी ऑपरेशन थिएटर में लगाए गए हैं। इसके अलावा शव गृह, डेंटल ओपीडी व निजी कक्ष में एसी लगाए गए हैं। एक एसी को एसएमओ डॉ़ राहुल बुद्धिराजा के कक्ष में लगाया जाना है। यहां पर पहले से लगा हुआ एसी सही हालत में था, जबकि इसे बदल कर नया लगाया जा रहा है। अल्ट्रासाउंड कक्ष में पहले से एक एसी है, यहां पर एक अतिरिक्त एसी लगाया जा रहा है। कई कक्षों से पुराने एसी उतारे गए हैं। उन एसी को उतारकर प्रथम तल पर क्लर्कों के कमरे में लगाने की योजना है, लेकिन आमजन के लिए एसी की कोई योजना नहीं है। हालांकि ओपीडी के बाहर भी मरीजों को गर्मी में बैठकर अपनी बारी की प्रतिक्षा करनी पड़ती है।
विज्ञापन
विद्युत उपकरण नियंत्रण कक्ष में बुरा हाल
अस्पताल में नौ नए एसी लगे हैं। वहीं आगे पांच नए एसी लगाने की योजना है। अस्पताल का बिजली का लोड बढ़कर 200 किलोवॉट तक पहुंच गया है। अस्पताल में विद्युत उपकरण नियंत्रण कक्ष है। जहां से पावर सप्लाई पर नजर रखी जाती है। इस कमरे में एसी की सख्त जरूरत है। क्योंकि यहां पर गर्मी व बिजली लोड बढ़ने के चलते उपकरण गर्म हो जाते हैं, लेकिन यहां पर एक टेबल फैन से काम चलाया जा रहा है।
विज्ञापन
अस्पताल में जरूरत के हिसाब से नए एसी लगाए जा रहे हैं। कई जगह से पुराने एसी उतारे हैं। इमरजेंसी व जनरल वार्ड में एसी लगवाने को लेकर विचार किया जाएगा।- डॉ़ राजीव डाबला, एसएमओ, नागरिक अस्पताल
साहित्यकि हेडिंग दे