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Hisar News: कृषि संबंधी समस्याओं पर चर्चा कर फसल प्रबंधन के लिए दिए सुझाव
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हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (सीसीएस एचएयू) के हिसार जोन की क्षेत्रीय अनुसंधान एवं विस्तार सलाहकार समिति की बैठक शनिवार को हुई।
इसमें खरीफ फसलों की स्थिति पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर रहने और धान में विषाणु जनित बौना रोग का प्रकोप नियंत्रित रहने पर संतोष जताया गया।
किसानों की कृषि संबंधी समस्याओं पर चर्चा कर वैज्ञानिकों ने समाधान और फसल प्रबंधन संबंधी सुझाव दिए। अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग की अध्यक्षता में हुई बैठक में भिवानी, हिसार, जींद, फतेहाबाद और सिरसा जिलों के कृषि अधिकारियों व वैज्ञानिकों ने रबी की गेहूं, चना, सरसों, जौ, जई, बरसीम तथा खरीफ की कपास, धान, बाजरा और मूंग की स्थिति बताई।
डॉ. गर्ग ने पौध रोग विभाग की निरंतर निगरानी की सराहना की। अधिकारियों ने बताया कि कपास में गुलाबी सुंडी का प्रकोप कम रहा। हालांकि कुछ क्षेत्रों में धान में पत्ता लपेट सुंडी तथा कपास में सफेद मक्खी, तेले और चुरड़े का प्रकोप देखा गया।
छात्र कल्याण निदेशक डॉ. मदन लाल खीचड़ ने बताया कि प्रदेश के 23 में से करीब 16-17 जिलों में वर्षा सामान्य से कम हुई है और 2 सितंबर तक बारिश की संभावना नहीं है। डॉ. ओपी बिश्नोई ने डब्ल्यूएच 1270, डीबीडब्ल्यू 303, डीबीडब्ल्यू 327, पीबीडब्ल्यू 872 तथा कम पानी वाली डब्ल्यूएच 1142 और डब्ल्यूएच 1402 गेहूं की जानकारी दी।
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डॉ. रामअवतार ने सरसों की बुआई, सिंचाई और रोग-कीट प्रबंधन के सुझाव दिए। बैठक में किसान खेत परीक्षणों के परिणाम प्रस्तुत किए गए। डॉ. भूपेंद्र सिंह ने आगामी वर्ष के नए परीक्षणों की जानकारी दी।
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इसमें खरीफ फसलों की स्थिति पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर रहने और धान में विषाणु जनित बौना रोग का प्रकोप नियंत्रित रहने पर संतोष जताया गया।
किसानों की कृषि संबंधी समस्याओं पर चर्चा कर वैज्ञानिकों ने समाधान और फसल प्रबंधन संबंधी सुझाव दिए। अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग की अध्यक्षता में हुई बैठक में भिवानी, हिसार, जींद, फतेहाबाद और सिरसा जिलों के कृषि अधिकारियों व वैज्ञानिकों ने रबी की गेहूं, चना, सरसों, जौ, जई, बरसीम तथा खरीफ की कपास, धान, बाजरा और मूंग की स्थिति बताई।
डॉ. गर्ग ने पौध रोग विभाग की निरंतर निगरानी की सराहना की। अधिकारियों ने बताया कि कपास में गुलाबी सुंडी का प्रकोप कम रहा। हालांकि कुछ क्षेत्रों में धान में पत्ता लपेट सुंडी तथा कपास में सफेद मक्खी, तेले और चुरड़े का प्रकोप देखा गया।
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छात्र कल्याण निदेशक डॉ. मदन लाल खीचड़ ने बताया कि प्रदेश के 23 में से करीब 16-17 जिलों में वर्षा सामान्य से कम हुई है और 2 सितंबर तक बारिश की संभावना नहीं है। डॉ. ओपी बिश्नोई ने डब्ल्यूएच 1270, डीबीडब्ल्यू 303, डीबीडब्ल्यू 327, पीबीडब्ल्यू 872 तथा कम पानी वाली डब्ल्यूएच 1142 और डब्ल्यूएच 1402 गेहूं की जानकारी दी।
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डॉ. रामअवतार ने सरसों की बुआई, सिंचाई और रोग-कीट प्रबंधन के सुझाव दिए। बैठक में किसान खेत परीक्षणों के परिणाम प्रस्तुत किए गए। डॉ. भूपेंद्र सिंह ने आगामी वर्ष के नए परीक्षणों की जानकारी दी।