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Hisar News: साइप्रस से खैरमपुर के दिनेश ने जंगी एप के जरिये कॉल करके व्यापारी नेता बजरंग गर्ग से मांगी थी रंगदारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jun 2026 03:32 AM IST
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Dinesh from Khairampur, currently in Cyprus, demanded extortion money from trader leader Bajrang Garg by calling him via the Janghi app.

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हिसार। जून 2024 में व्यापारी नेता बजरंग गर्ग से मांगी गई रंगदारी के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि साइप्रस से खैरमपुर निवासी दिनेश उर्फ मोहित उर्फ मीतू ने जंगी एप के माध्यम से कॉल कर रंगदारी की मांग की थी। सिटी थाना पुलिस ने आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ की। पुलिस प्रवक्ता मदन लाल ने बताया कि पूछताछ के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
24 जून 2024 को ऑटो मार्केट स्थित महिंद्रा शोरूम पर फायरिंग कर शोरूम मालिक से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। इस घटना के बाद व्यापारी वर्ग में रोष फैल गया था और कई दिनों तक धरना-प्रदर्शन भी हुए। व्यापारी नेता बजरंग गर्ग इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे। इसी दौरान कुछ समय बाद उन्हें भी फोन पर धमकी और रंगदारी की मांग की गई थी। उनकी शिकायत पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था।
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सबूत मिटाने के लिए फोन किया नष्ट

पूछताछ में दिनेश ने बताया कि उसने साइप्रस से ही कॉल की थी। इसके लिए उसने जंगी एप का इस्तेमाल किया था और कॉल करने के बाद सबूत मिटाने के लिए उसने फोन को उसी समय नष्ट कर दिया था। यह कॉल उसने काला खैमरपुरिया का नाम लेकर की थी। पुलिस के अनुसार दिनेश साइप्रस स्टडी वीजा पर गया था। वह काला खैरमपुरिया के परिवार का करीबी था इसलिए दिनेश के परिवार ने उसे साइप्रस भेजा था ताकि वह काला खैरमपुरिया की तरह अपराध की राह पर न चल पड़े लेकिन साइप्रस में भी वह उसके संपर्क में रहा। दिनेश साइप्रस से ही रंगदारी मांगने के कॉल करता था।
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जंगी एप की भूमिका
जांच में यह भी सामने आया है कि जंगी एप एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जिसमें यूजर की पहचान सामान्य माध्यमों से ट्रैक करना कठिन होता है। इसमें मोबाइल नंबर या ई-मेल आईडी की आवश्यकता नहीं होती और बातचीत का डेटा केवल डिवाइस में ही स्टोर रहता है। भारत सरकार इस एप पर प्रतिबंध लगा चुकी है।
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