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Hisar News: बस स्टैंड के दोनों गेटों पर हुए गहरे गड्ढे, बस चालकों के साथ आमजन भी परेशान
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हांसी बस स्टैंड के दिल्ली गेट पर हुआ गड्ढा।
- फोटो : 1
हांसी। बस स्टैंड में दोनों गेटों के अंदर बनी सड़क पर गहरे गड्ढों से वाहनों का गुजरना मुश्किल हो गया है। साथ ही यहां पर बसों के पलटने का डर बना रहता है। निजी बस चालकों का कहना है गड्ढों की वजह से बसों की मरम्मत का खर्च भी बढ़ रहा है। वहीं बस स्टैंड के सुधार के लिए आई करीब 33 लाख रुपये की राशि सात वर्षों से लोकनिर्माण विभाग के पास लंबित है। राशि पहले से जमा होने के बाद भी मरम्मत नहीं हो रही है। न ही कोई समाधान निकाला जा रहा है।
इन गड्ढों की वजह से बस चालकों सहित आमजन परेशान हो रहे हैं। आम तौर पर लोकनिर्माण विभाग किसी सरकारी विभाग के भवन की मरम्मत के लिए पहले एस्टीमेट बनाकर संबंधित विभाग से पहले पैसे लेता है। फिर उसके बाद काम शुरू करवाया जाता है, लेकिन बस स्टैंड की मरम्मत के लिए आए पैसे सात वर्ष से लोकनिर्माण विभाग के पास जमा है। इसके बावजूद भी अधिकारी यहां पर संज्ञान नहीं ले रहे हैं। रोडवेज के अधिकारियों की तरफ से गड्ढों की मरम्मत के लिए लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों को कई बार कहा गया है, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्य शुरु नहीं हुआ है।
15 से 20 हजार आते हैं यात्री
बस स्टैंड पर 78 रोडवेज व करीब 150 निजी बसें है। प्रतिदिन बस स्टैंड पर 700 से अधिक बसें रुकती हैं। यहां से प्रतिदिन 15 से 20 हजार यात्री सफर करते हैं। बसों को बस स्टैंड में प्रवेश करते ही गहरे गड्ढे से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार ओवरलोड वाहनों का यहां पलटने का डर भी बना रहता है। साथ ही गड्ढे गहरे होने से बसों को भी नुकसान हो रहा है। बसों की मरम्मत का खर्च भी बढ़ रहा है। लंबे समय से यहां पर ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। इसकी मरम्मत को लेकर प्रशासन संज्ञान नहीं ले रहा है।
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7 साल पहले आए थे 73 लाख रुपये
वहीं बस स्टैंड की मरम्मत के लिए करीब सात वर्ष पहले 73 लाख रुपये की राशि आई थी। मरम्मत का काम लोकनिर्माण विभाग की तरफ से करवाया गया था। इसमें से करीब 40 लाख रुपये की राशि वर्ष 2021 में खर्च हुई थी। तब यहां पर बस स्टैंड के सुधार के लिए कई तरह के काम करवाए गए थे। बची हुई करीब 33 लाख रुपये की राशि से बस स्टैंड पर मरम्मत कार्यों के लिए दस महीने पहले निजी बस संचालक विधायक से भी मिले थे। बाद में लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों ने यहां पर निरीक्षण भी किया था। लेकिन उसके बाद कोई कार्य नहीं हुआ। हालांकि लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बस स्टैंड पर मरम्मत के लिए खर्च ज्यादा लगेगा, इसके लिए अतिरिक्त राशि चाहिए हैं।
1982 में हुआ था उद्घाटन
बस स्टैंड का उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री भजन लाल द्वारा 22 जनवरी 1982 को किया गया था। बस स्टैंड की बिल्डिंग 42 वर्ष पुरानी हो चुकी है। बस स्टैंड पर मरम्मत कार्य करवाए जाने की आवश्यकता है।
वर्जन
बस स्टैंड के दोनों एंट्री गेट पर गहरे गड्ढे हैं। इसको लेकर कई बार मांग कर चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हो रहा है। गड्ढे की वजह से बसों की मरम्मत का खर्च भी बढ़ रहा है। प्रशासन सब कुछ देख भी अंजान बना हुआ है। कोई अधिकारी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। - दिनेश बड़ाला, प्राइवेट बस ऑपरेटर
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इन गड्ढों की वजह से बस चालकों सहित आमजन परेशान हो रहे हैं। आम तौर पर लोकनिर्माण विभाग किसी सरकारी विभाग के भवन की मरम्मत के लिए पहले एस्टीमेट बनाकर संबंधित विभाग से पहले पैसे लेता है। फिर उसके बाद काम शुरू करवाया जाता है, लेकिन बस स्टैंड की मरम्मत के लिए आए पैसे सात वर्ष से लोकनिर्माण विभाग के पास जमा है। इसके बावजूद भी अधिकारी यहां पर संज्ञान नहीं ले रहे हैं। रोडवेज के अधिकारियों की तरफ से गड्ढों की मरम्मत के लिए लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों को कई बार कहा गया है, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्य शुरु नहीं हुआ है।
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15 से 20 हजार आते हैं यात्री
बस स्टैंड पर 78 रोडवेज व करीब 150 निजी बसें है। प्रतिदिन बस स्टैंड पर 700 से अधिक बसें रुकती हैं। यहां से प्रतिदिन 15 से 20 हजार यात्री सफर करते हैं। बसों को बस स्टैंड में प्रवेश करते ही गहरे गड्ढे से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार ओवरलोड वाहनों का यहां पलटने का डर भी बना रहता है। साथ ही गड्ढे गहरे होने से बसों को भी नुकसान हो रहा है। बसों की मरम्मत का खर्च भी बढ़ रहा है। लंबे समय से यहां पर ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। इसकी मरम्मत को लेकर प्रशासन संज्ञान नहीं ले रहा है।
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7 साल पहले आए थे 73 लाख रुपये
वहीं बस स्टैंड की मरम्मत के लिए करीब सात वर्ष पहले 73 लाख रुपये की राशि आई थी। मरम्मत का काम लोकनिर्माण विभाग की तरफ से करवाया गया था। इसमें से करीब 40 लाख रुपये की राशि वर्ष 2021 में खर्च हुई थी। तब यहां पर बस स्टैंड के सुधार के लिए कई तरह के काम करवाए गए थे। बची हुई करीब 33 लाख रुपये की राशि से बस स्टैंड पर मरम्मत कार्यों के लिए दस महीने पहले निजी बस संचालक विधायक से भी मिले थे। बाद में लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों ने यहां पर निरीक्षण भी किया था। लेकिन उसके बाद कोई कार्य नहीं हुआ। हालांकि लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बस स्टैंड पर मरम्मत के लिए खर्च ज्यादा लगेगा, इसके लिए अतिरिक्त राशि चाहिए हैं।
1982 में हुआ था उद्घाटन
बस स्टैंड का उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री भजन लाल द्वारा 22 जनवरी 1982 को किया गया था। बस स्टैंड की बिल्डिंग 42 वर्ष पुरानी हो चुकी है। बस स्टैंड पर मरम्मत कार्य करवाए जाने की आवश्यकता है।
वर्जन
बस स्टैंड के दोनों एंट्री गेट पर गहरे गड्ढे हैं। इसको लेकर कई बार मांग कर चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हो रहा है। गड्ढे की वजह से बसों की मरम्मत का खर्च भी बढ़ रहा है। प्रशासन सब कुछ देख भी अंजान बना हुआ है। कोई अधिकारी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। - दिनेश बड़ाला, प्राइवेट बस ऑपरेटर