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एसपी के टॉयलेट की लीकेज से डीसी के कमरे की फॉल सीलिंग गिरी
amar ujala/ Hisar
Updated Sat, 01 Apr 2017 12:55 AM IST
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View of Dc Room After incident
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एसपी कार्यालय के टायलेट की लीकेज के कारण डीसी कक्ष में छत की फॉल सीलिंग का हिस्सा जमीन पर आ गिरा। जिस समय यह हुआ उस वक्त डीसी कमरे में मौजूद नहीं थे। जूनियर इंजीनियर ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया। फॉल सीलिंग को दोबारा से सही करने में तीन से चार दिन लगेंगे।
शुक्रवार को कोर्ट डे होने के कारण डीसी निखिल गजराज डीसी कार्यालय की बजाए जिलाधीश के कार्यालय में थे। इस कारण डीसी के कमरे की बाहर से कुंडी लगी हुई थी। दफ्तर के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बाहर तैनात थे। इस बीच डीसी के कक्ष से धड़ाम की आवाज आई। चपरासी ने अंदर जाकर देखा तो पता लगा कि फॉल सीलिंग का हिस्सा नीचे गिरा हुआ था। डीसी की कुर्सी से महज पांच सात फीट आगे यह फाल सीलिंग गिरी थी। कर्मचारियों ने तुरंत पूरे स्टाफ को जानकारी दी। इसके बाद पीडब्ल्यूडी के जूनियर इंजीनियर मुकेश को मौके पर बुलाया गया। उन्होंने जांच के बाद मौके पर ही काम शुरू कराया। जानकारी के अनुसार फॉल सीलिंग को दोबारा से लगाने में कम से कम तीन से चार दिन का समय लगेगा। डीसी कार्यालय के कर्मचारियों ने बताया कि डीसी कक्ष के ठीक ऊपर एसपी का दफ्तर है, जिससे पानी की लीकेज हुई है। इस लीकेज के कारण ही डीसी कमरे की फॉल सीलिंग गिरी। घटना की जानकारी मिलने के सीटीएम सरजीत नैन ने भी मौके का मुआयना किया। जांच के बाद उन्होंने एहतियात के तौर पर कक्ष को बंद करा दिया। फॉल सीलिंग गिरे हिस्से के नीचे से फर्नीचर को हटाने के आदेश दिए। जानकारी के अनुसार इससे पहले भी फॉल सीलिंग का हिस्सा दो बार गिर चुका है।
यह बोले जेई
जूनियर इंजीनियर मुकेश ने बताया कि एसपी कार्यालय के टायलेट में नाली में कचरा फंसने के कारण पानी की पूरी निकासी नहीं हो पा रही थी। इस कारण पानी छत में फैल गया। फॉल सीलिंग पीओपी की बनी होती है। नमी के कारण यह फॉल सीलिंग गिर गई। पानी की निकासी शुरू करा दी है। तीन दिन में इसे दुरुस्त कर देंगे। खतरे की किसी तरह की बात नहीं है।
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शुक्रवार को कोर्ट डे होने के कारण डीसी निखिल गजराज डीसी कार्यालय की बजाए जिलाधीश के कार्यालय में थे। इस कारण डीसी के कमरे की बाहर से कुंडी लगी हुई थी। दफ्तर के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बाहर तैनात थे। इस बीच डीसी के कक्ष से धड़ाम की आवाज आई। चपरासी ने अंदर जाकर देखा तो पता लगा कि फॉल सीलिंग का हिस्सा नीचे गिरा हुआ था। डीसी की कुर्सी से महज पांच सात फीट आगे यह फाल सीलिंग गिरी थी। कर्मचारियों ने तुरंत पूरे स्टाफ को जानकारी दी। इसके बाद पीडब्ल्यूडी के जूनियर इंजीनियर मुकेश को मौके पर बुलाया गया। उन्होंने जांच के बाद मौके पर ही काम शुरू कराया। जानकारी के अनुसार फॉल सीलिंग को दोबारा से लगाने में कम से कम तीन से चार दिन का समय लगेगा। डीसी कार्यालय के कर्मचारियों ने बताया कि डीसी कक्ष के ठीक ऊपर एसपी का दफ्तर है, जिससे पानी की लीकेज हुई है। इस लीकेज के कारण ही डीसी कमरे की फॉल सीलिंग गिरी। घटना की जानकारी मिलने के सीटीएम सरजीत नैन ने भी मौके का मुआयना किया। जांच के बाद उन्होंने एहतियात के तौर पर कक्ष को बंद करा दिया। फॉल सीलिंग गिरे हिस्से के नीचे से फर्नीचर को हटाने के आदेश दिए। जानकारी के अनुसार इससे पहले भी फॉल सीलिंग का हिस्सा दो बार गिर चुका है।
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यह बोले जेई
जूनियर इंजीनियर मुकेश ने बताया कि एसपी कार्यालय के टायलेट में नाली में कचरा फंसने के कारण पानी की पूरी निकासी नहीं हो पा रही थी। इस कारण पानी छत में फैल गया। फॉल सीलिंग पीओपी की बनी होती है। नमी के कारण यह फॉल सीलिंग गिर गई। पानी की निकासी शुरू करा दी है। तीन दिन में इसे दुरुस्त कर देंगे। खतरे की किसी तरह की बात नहीं है।
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