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हिसार बैंक डकैती: आरोपियों ने अजमेर शरीफ दरगाह पर चादर और 51 हजार रुपये चढ़ा मांगी थी गिरफ्तारी से बचने की मन्नत
Tue, 26 Apr 2022 02:50 AM IST
भूपेंद्र सिंह
सुरेश सहारण, संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)
सुरेश सहारण, संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 26 Apr 2022 02:50 AM IST
सार
वारदात के बाद सूत्रधान जूडो खिलाड़ी को छोड़ दो आरोपी शिमला, एक गुजरात, एक अजमेर शरीफ गया था। वहीं वारदात के दो दिन तक जूडो खिलाड़ी सोनी अभ्यास करने के लिए स्टेडियम भी नहीं गया।
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एसटीएफ की हिरासत में आरोपी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
हरियाणा के हिसार में सीआरएम लॉ कॉलेज के पास यूनियन बैंक में 16.19 लाख की डकैती डालने के बाद आरोपी आजाद नगर की तरफ भागे। एरिया की जानकारी न होने के कारण कई गलियों में भी फंसे, लेकिन सूत्रधान जूडो खिलाड़ी सोनी ने फोन कर उन्हें रास्ता बताया और वे गंगवा से कैमरी और फिर डाबड़ा होते हुए फरार हो गए। रास्ते के बारे में सोनी से पूछते रहे।
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वहीं, वारदात के दो दिन तक जूडो खिलाड़ी सोनी अभ्यास करने के लिए स्टेडियम भी नहीं गया। जब उसे भरोसा हो गया कि पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा है तो उसने स्टेडियम जाना शुरू कर दिया। उसके दिमाग में ये भी चल रहा था कि अगर, वह स्टेडियम नहीं गया तो अभ्यास करने वाले अन्य खिलाड़ियों को कहीं शक न हो जाए।
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वारदात में शामिल आरोपी भाटला निवासी प्रदीप ने गिरफ्तारी से बचने के लिए सभी की ओर से अजमेर शरीफ जाकर दरगाह पर चादर और 51 हजार रुपये चढ़ाकर मन्नत मांगी थी। लेकिन बुरे कर्म का बुरा ही नतीजा होता है। एसटीएफ ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस आरोपियों की मदद करने वालों की तलाश में जुटी है।
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निरीक्षक बिजेंद्र सिंह ने बताया कि डकैती के सूत्रधार नंगथला निवासी सोनी छाबा को जीजेयू के सामने से गिरफ्तार किया। उसके पास से 60 हजार रुपये और सुरक्षाकर्मी से लूटी बंदूक बरामद हुई। भाटला निवासी प्रदीप से 90 हजार रुपये व एक अवैध पिस्तौल, सोनीपत के नवीन से 20 हजार रुपये और अंबाला से पकड़े गए सोनू और विकास से 80 हजार रुपये बरामद हुए हैं। संवाद
कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी के लिए अवकाश पर था सोनी
एसटीएफ टीम के डीएसपी ललित कुमार और निरीक्षक बिजेंद्र ने बताया कि यूथ कॉमनवेल्थ गेम्स में सोना जीतने वाला जूड़ो खिलाड़ी आईटीबीटी में सिपाही के पद पर कार्यरत है। जुलाई में इंग्लैंड में होने वाले कॉमनवेल्थ की तैयारी के लिए उसने विभाग से अवकाश लिया हुआ था। कॉमनवेल्थ में गोल्ड जीतने पर उसे प्रदेश सरकार की ओर से 50 लाख रुपये की इनामी राशि मिल चुकी है।
सभी आरोपी मोबाइल पर ले रहे थे अपडेट
18 अप्रैल को वारदात के बाद सभी ने रुपये आपस में बराबर बांट लिए। इसके बाद आरोपी भाटला निवासी प्रदीप अजमेर चला गया और वहां पर दरगाह पर 51 हजार रुपये और चादर चढ़ाई ताकि ऊपर वाला उन्हें बुरे काम से बचा ले। जींद जिले का सोनू और सोनीपत का विकास ये दोनों घूमने के लिए शिमला चले गए। सोनीपत का ही नवीन गुजरात चला गया। नवीन बैंकाक में नौकरी कर चुका है। कुछ समय के लिए अहमदाबाद में भी नौकरी की थी। सभी एक-दूसरे से मोबाइल की मदद से संपर्क में थे। हर रोज आपस में बातचीत करते थे और अपडेट ले रहे थे।
नाम और शोहरत कमाने की चाह में रची साजिश
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सोनू, नवीन और विकास आपस में एक-दूसरे को जानते थे। ये तीनों गुरुग्राम में साथ रहकर नौकरी करते थे। प्रदीप और सोनी की मुलाकात स्टेडियम में हुई थी। प्रदीप के संपर्क में सोनू, नवीन और विकास थे। सभी ने मिलकर स्टेडियम में बैठकर नाम, शोहरत, पैसा कमाने के लिए बैंक में डकैती की साजिश रची थी। जींद का रहने वाला सोनू गिरोह का मुखिया बना। सोनू पर 10 आपराधिक मामले और प्रदीप पर दो केस दर्ज हैं। बैंक डकैती से पहले सोनी ने तीन दिन तक रेकी की थी। इसके बाद सोनू, नवीन, विकास और प्रदीप ने वारदात को अंजाम दिया।
जीरकपुर से किराये पर लाए थे गाड़ी
वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपी जीरकपुर की एक कंपनी से ब्रेजा गाड़ी किराये पर लेकर आए थे। जब गाड़ी किराये पर ली तो उस समय आरोपी नवीन ने अपनी फोटो वहां जमा करवाई थी। पुलिस ने गाड़ी का नंबर मिलने से पहले 100 सफेद रंग की ब्रेजा गाड़ियों की जांच की थी। नंबर मिलने के बाद पुलिस की टीम जीरकपुर उस कंपनी में पहुंची थी जहां से गाड़ी किराये पर ली थी। फुटेज और वहां से मिली फोटो के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
बैंक डकैती के मामले में पांच आरोपियों को 8 दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान डकैती की रकम, अवैध हथियार बरामद करने हैं। इनके अलावा बाकी आरोपियों की तलाश करनी है जिन्होंने इनकी मदद की है। - ललित कुमार, डीएसपी, एसटीएफ