{"_id":"571543974f1c1b36358b4654","slug":"prisoner-escape-prisoner-escape-in-hisar-prisoner-escape-in-hisar-hospital-hisar","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिविल हॉस्पिटल की इमरजेंसी से हवालाती फरार, तीन पुलिस कर्मी सस्पेंड","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सिविल हॉस्पिटल की इमरजेंसी से हवालाती फरार, तीन पुलिस कर्मी सस्पेंड
ब्यूरो / अमर उजाला , हिसार
Updated Tue, 19 Apr 2016 01:59 AM IST
विज्ञापन
पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिसार सिविल अस्पताल की इमरजेंसी से हवालाती फरार हो गया। आधी रात एक मरीज के डॉक्टर को बताने पर उसकी सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों को फरारी का पता चला। फतेहाबाद एसपी ने बंदी की सुरक्षा में तैनात तीन पुलिस कर्मियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
विज्ञापन
फतेहाबाद पुलिस ने रविवार को पेट दर्द होने की शिकायत के चलते फतेहाबाद जिले के गांव डांगरा के राजकुमार को हिसार अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में दाखिल कराया था। राजकुमार को फतेहाबाद पुलिस ने 16 अप्रैल को साइकिल चोरी के केस में गिरफ्तार किया था। इमरजेंसी वार्ड में ही भट्टू के प्रहलाद को भी पीलिया के चलते दाखिल कराया गया। इन दोनों बंदियों की सुरक्षा में इमरजेंसी में तीन पुलिस कर्मी तैनात थे। पुलिस कर्मियों ने बंदियों के पैरों में बेड़ी डालकर बेड के पाइप में बांध रखी थी। रात दो बजे एक मरीज ने इमरजेंसी में तैनात डॉ. समीर को एक बंदी के फरार होने की बात बताई। तब पुलिस कर्मियों को बंदी की फरारी का पता चला। जानकारी मिलने के बाद पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस कर्मियों ने बंदी राजकुमार को बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित कई अन्य स्थानों पर तलाश किया, लेकिन उनकी यह तलाश नाकाम रही।
विज्ञापन
ये हुए सस्पेंड
हिसार पुलिस ने फरार बंदी तथा उसकी सुरक्षा में तैनात फतेहाबाद के ईएएसआई देशराज, हनुमान और ईएचसी रमेश कुमार के खिलाफ लापरवाही बरतने का केस दर्ज किया है। फतेहाबाद पुलिस अधीक्षक ने तीनों पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है।
विज्ञापन
सीसीटीवी से खुलेगा राज
सिविल अस्पताल में सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी लगा रखे गए हैं। अस्पताल के मेन गेट और इमरजेंसी के सामने भी कैमरा लगा है। इनकी फुटेज से यह पता चल सकता है कि फरार हुआ बंदी कितने बजे निकला और वहां से फरार होने में किसी ने मदद की या नहीं।