{"_id":"59160c5c4f1c1bd4338509cc","slug":"murder-case-in-admapur","type":"story","status":"publish","title_hn":"आदमपुर पॉलीटेक्निक के छात्र का नहर में मिला शव, परिजन बोले- की हत्या","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
आदमपुर पॉलीटेक्निक के छात्र का नहर में मिला शव, परिजन बोले- की हत्या
अमर उजाला/ब्यूराो/हिसार
Updated Sat, 13 May 2017 12:58 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंगाली आकलान निवासी 20 वर्षीय देवेंद्र सिंह की डेड बॉडी शुक्रवार को गांव के पास बीएनसी माइनर में मिली। वह आदमपुर पॉलीटेक्निक का छात्र था। परिजनों का आरोप है कि मंगलवार शाम को कुछ पड़ोसियों ने देवेंद्र, उसके भाई हरीश और चचेरे भाई विजय के साथ मारपीट की थी। बाद में वह ताऊ के घर से अपने घर जाते समय लापता हो गया था। पुलिस ने इस संबंध बाप-बेटों समेत नौ लोगों के खिलाफ मारपीट, तोड़फोड़, गुमशुदगी और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मृतक का विसरा जांच के लिए मधुबन भेजा जा रहा है। मौत के कारण का खुलासा रिपोर्ट में होगा और रिपोर्ट के अनुसार अगली कार्रवाई की जाएगी।
मंगाली के रघुबीर सिंह ने बताया कि उनका भतीजा देवेंद्र आदमपुर पॉलीटेक्निक में सिविल इंजीनियरिंग का डिप्लोमा कर रहा था। गांव के नौ लोग मंगलवार शाम को उसके भाई राजकुमार के घर पहुंचे और उसके बेटे हरीश से मारपीट की। तभी बरवाला से बहन पूजा को लेकर पहुंचा देवेंद्र भी मारपीट का शिकार हुआ। रघुबीर सिंह ने बताया कि इसके बाद हमलावर मेरे बेटे विजय की किराना की दुकान में पहुंचे और वहां जमकर तोड़-फोड़ कर डंडों और लाठी से वार कर विजय को घायल कर दिया। फिर हमलावर फरार हो गए। रघुबीर सिंह ने बताया कि मामला शांत हो गया था। देवेंद्र रात 10 बजे उनके घर से अपने घर के लिए निकला था, लेकिन वह घर नहीं पहुंचा। उसका मोबाइल घर में रखा था। उसे रातभर ढूंढा गया, मगर कुछ पता नहीं चला।
बंद बोरे में मिला शव
परिजन गांव के पास गुजरती बीएनसी माइनर की पटरी पर देवेंद्र को तलाशने पहुंचे। वहां किनारे पर उसके कपड़े पड़े थे। इस पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। फिर नहर के पानी में शव ढूंढने का प्रयास होने लगा। बाद में नहर के पुल से करीब 200 मीटर दूूर शव मिल गया। परिजनों का कहना है कि एक बोरे में शव था। उसके बाएं हाथ चोट के निशान थे और माथे के अगले भाग में खून निकल रहा था। मंगाली चौकी इंचार्ज कर्णपाल सिंह और एएसआई ओमप्रकाश की टीम ने शव कब्जे में ले लिया। एएसपी राजेश कुमार ने भी नहर पर जाकर मौका देखा। बाद में सिविल अस्पताल में डॉक्टरों के बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया और मृतक का विसरा लेकर जांच के लिए मधुबन भेजा।
विज्ञापन
विसरा रिपोर्ट का इंतजार
सदर थाना पुलिस ने इस बारे में मंगाली के कालू, उसके बेटे विशाल, मनीष, दीपक, उसके भाई जयपाल, अमन, संजय, उसके भाई राजू और भालू के खिलाफ मारपीट, सामान तोड़ने, जान से मारने की धमकी देने और लापता संबंधी केस दर्ज किया है। सदर थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह नैन का कहना है कि मृतक के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। मृतक का विसरा मधुबन भेजा जा रहा है। उसकी रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी।
रंजिशन किया गया हमला
मंगाली के रघुबीर सिंह ने बताया कि हमलावर पक्ष ने रंजिशन हमला किया है। वे पहले भी दो बार झगड़ा कर चुके हैं, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे उनके हौसले बुलंद हैं और उसका परिणाम यह है कि देवेंद्र की हत्या हो गई। पुलिस सही कार्रवाई करती तो यह नौबत नहीं आती।
विज्ञापन
मंगाली के रघुबीर सिंह ने बताया कि उनका भतीजा देवेंद्र आदमपुर पॉलीटेक्निक में सिविल इंजीनियरिंग का डिप्लोमा कर रहा था। गांव के नौ लोग मंगलवार शाम को उसके भाई राजकुमार के घर पहुंचे और उसके बेटे हरीश से मारपीट की। तभी बरवाला से बहन पूजा को लेकर पहुंचा देवेंद्र भी मारपीट का शिकार हुआ। रघुबीर सिंह ने बताया कि इसके बाद हमलावर मेरे बेटे विजय की किराना की दुकान में पहुंचे और वहां जमकर तोड़-फोड़ कर डंडों और लाठी से वार कर विजय को घायल कर दिया। फिर हमलावर फरार हो गए। रघुबीर सिंह ने बताया कि मामला शांत हो गया था। देवेंद्र रात 10 बजे उनके घर से अपने घर के लिए निकला था, लेकिन वह घर नहीं पहुंचा। उसका मोबाइल घर में रखा था। उसे रातभर ढूंढा गया, मगर कुछ पता नहीं चला।
विज्ञापन
बंद बोरे में मिला शव
परिजन गांव के पास गुजरती बीएनसी माइनर की पटरी पर देवेंद्र को तलाशने पहुंचे। वहां किनारे पर उसके कपड़े पड़े थे। इस पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। फिर नहर के पानी में शव ढूंढने का प्रयास होने लगा। बाद में नहर के पुल से करीब 200 मीटर दूूर शव मिल गया। परिजनों का कहना है कि एक बोरे में शव था। उसके बाएं हाथ चोट के निशान थे और माथे के अगले भाग में खून निकल रहा था। मंगाली चौकी इंचार्ज कर्णपाल सिंह और एएसआई ओमप्रकाश की टीम ने शव कब्जे में ले लिया। एएसपी राजेश कुमार ने भी नहर पर जाकर मौका देखा। बाद में सिविल अस्पताल में डॉक्टरों के बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया और मृतक का विसरा लेकर जांच के लिए मधुबन भेजा।
विज्ञापन
विसरा रिपोर्ट का इंतजार
सदर थाना पुलिस ने इस बारे में मंगाली के कालू, उसके बेटे विशाल, मनीष, दीपक, उसके भाई जयपाल, अमन, संजय, उसके भाई राजू और भालू के खिलाफ मारपीट, सामान तोड़ने, जान से मारने की धमकी देने और लापता संबंधी केस दर्ज किया है। सदर थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह नैन का कहना है कि मृतक के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। मृतक का विसरा मधुबन भेजा जा रहा है। उसकी रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी।
रंजिशन किया गया हमला
मंगाली के रघुबीर सिंह ने बताया कि हमलावर पक्ष ने रंजिशन हमला किया है। वे पहले भी दो बार झगड़ा कर चुके हैं, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे उनके हौसले बुलंद हैं और उसका परिणाम यह है कि देवेंद्र की हत्या हो गई। पुलिस सही कार्रवाई करती तो यह नौबत नहीं आती।