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हत्या के जुर्म में बाप-बेटे को अंतिम सांस तक की कैद
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
Updated Wed, 01 Feb 2017 01:01 AM IST
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एडीजे परमवीर निज्जर की अदालत ने हत्या के जुर्म में गांव किन्नर के सत्यवान और उसके बेटे मंदीप को उम्रकैद (अंतिम सांस तक) और सात-सात हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर उनको छह-छह महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। कोर्ट ने बाप-बेटे को मंगलवार को दोषी करार दिया था।
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गांव किन्नर में 20 दिसंबर 2015 को जोहड़ के पास राजेश की चाकू से बेरहमी से गोदकर हत्या की गई थी। किन्नर के सतबीर पुत्र धर्मपाल लोहार ने पुलिस को बयान देकर कहा था कि वे चार भाई थे। वह बड़ा है और फिर सत्यवान, सुरेश और राजेश। सुरेश दिमागी परेशानी के चलते लापता हो गया था और फिर सुरेश की पत्नी किताबो को राजेश का लत्ता ओढ़ा दिया गया था। राजेश का एक बेटा है। उनके भाई सत्यवान के बेटे दीपक को पहले मानसिक परेशानी थी और वह अब ठीक है। भाई सत्यवान को शक था कि राजेश ने उसके बेटे दीपक पर जादू-टोना करवा रखा था। इसी रंजिश के चलते पहले सत्यवान और राजेश की कहासुनी हुई थी। घटना वाले दिन उसका भाई राजेश घूमने के लिए जोहड़ की तरफ गया था। वहां सत्यवान और उसके बेटे मंदीप ने उसे पकड़कर चाकू से बेरहमी से वार कर उसकी हत्या कर दी और फरार हो गए। नारनौंद थाना पुलिस ने इस बारे में सत्यवान और मंदीप के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने पूरे मुकदमे की सुनवाई के बाद बाप-बेटे को मंगलवार को दोषी करार दिया था।
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नृशंस तरीके से की थी हत्या
शिकायतकर्ता के अधिवक्ता जितेंद्र कुश ने बताया कि मंदीप ने राजेश को पकड़ा था और उसके पिता सत्यवान ने चाकू से नाभी से सिर तक बेरहमी से 25-30 वार किए थे। इन चोटों से मौत होना लाजमी था। फिर भी वार पर वार कर सत्यवान ने वहशीपन दिखाया था। कुश ने कहा कि हमने कोर्ट से दोषियों की फांसी की मांग की थी। फिर भी हम फैसले से संतुष्ट हैं।
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