Hisar: जहरीली गैस का असर, जयवीर को बचाने की कोशिश में सुनील मौत के कुएं में समाया
हिसार के गांव सिसाय में जहरीली गैस के असर से दो लोगों की मौत हो गई। सिसाय बोलान पाना के शिव मंदिर में पानी का कुआं बंद पड़ा था। महंत ने गांव के ही जयबीर को कुएं की सफाई करने को कहा। महंत के कहने पर सेवाभाव से जयबीर लोहे की सीढ़ियों के सहारे कुएं में उतर गया।
विस्तार
हिसार के गांव सिसाय में रविवार को शिव मंदिर के कुएं की सफाई करते समय जहरीली गैस के असर से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि युवक अनिल की हालत गंभीर बनी हुई है। मृतकों की पहचान 50 वर्षीय जयबीर व 32 वर्षीय सुनील सिहाग के रूप में हुई है। कुएं में फंसे लोगों को बाहर निकालने के दौरान दमकल कर्मचारी संदीप की भी तबीयत बिगड़ गई। हालांकि प्राथमिक उपचार के बाद दमकलकर्मी की हालत में सुधार हो गया। यह कुआं पिछले 10 वर्षों से बंद पड़ा था। सुनील का 3 साल का बेटा व 5 साल की बेटी है, वहीं जयबीर के दो बेटे और एक बेटी है।
पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार
जानकारी के अनुसार गांव सिसाय बोलान पाना के शिव मंदिर में पानी का कुआं बंद पड़ा था। बंद रहने के कारण कुआं गंदगी से अटा था। रविवार को मंदिर के महंत ने कुएं की सफाई करवाने की सोची। महंत ने गांव के ही जयबीर को कुएं की सफाई करने को कहा। महंत के कहने पर सेवाभाव से जयबीर लोहे की सीढ़ियों के सहारे कुएं में उतर गया। कुएं के बंद रहने के कारण उसमें दलदल व जहरीली गैस बन गई थी। अंदर जाते ही जहरीली गैस के प्रभाव से जयबीर की हालात खराब हो गई।इस पर जयबीर ने खुद को बाहर निकलने के लिए आवाज लगाई।
आवाज सुनकर गांव निवासी सुनील सिहाग अपने शरीर पर रस्सा बांधकर जयबीर को बचाने के लिए कुएं में चला। अंदर जाते ही सुनील भी जहरीली गैस चढ़ने से बेसुध हो गया। दोनों बेसुध होकर कुएं में बने दलदल में फंस गए। जब काफी समय तक कुएं से कोई आवाज नहीं आई तो महंत ने इसकी सूचना अन्य लोगों को दी। सूचना मिलने पर सुनील का छोटा भाई अनिल मौके पर पहुंचा और रस्से के सहारे कुएं में उतरा। अंदर जाकर उसकी भी हालत खराब हो गई और वह भी बेसुध होकर दलदल में फंस गया। बाद में पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी गई। इसके बाद बचाव अभियान शुरू हुआ।
पुलिस ने परिजनों के बयान पर कार्रवाई शुरू की
दमकल विभाग के कर्मचारियों ने ग्रामीणों की मदद से अनिल व सुनील को बाहर निकाला और एंबुलेंस के जरिये दोनों को हांसी के सिविल अस्पताल में भेजा गया, जहां उपचार के दौरान सुनील की मौत हो गई, जबकि अनिल को हिसार रेफर कर दिया। वहीं अभियान शुरू होने के करीब 3 घंटे बाद जयबीर को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर दोनों शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने परिजनों के बयान पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया, परिवार में मचा कोहराम
गांव सिसाय बोलान पाना में कुएं की सफ़ाई करने उतरे जयवीर को बचाने की कोशिश में सुनील खुद मौत के कुएं में समा गया।उसकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया। दो बच्चों के सिर से पिता का साया भी उठ गया। ग्रामीणों ने बताया कि जयवीर पहले कभी भी ऐसे कुएं में नीचे नहीं उतरा था। ग्रामीण मुकेश ने बताया कि सुनील को पता चला की जयवीर कुएं की सफ़ाई करते हुए बेसुध हो गया है। सूचना मिलने पर तुरंत सुनील कुएं में उतर गया। जयवीर को बचाने के दौरान उसे अपनी जिंदगी से हाथ धोना पड़ा।
दो बच्चों का पिता था सुनील
मृतक सुनील का करीब 3 साल का एक बेटा व करीब 5 साल की एक बेटी है। सुनील सिहाग गांव में फोटोग्राफी का काम करता था। सुनील का चचेरा भाई अनिल भी विवाहित है। तीन साल पहले शादी हुई थी और उसका दो साल का लड़का है। अनिल कुमार बागवानी विभाग में कर्मचारी है। अनिल का हिसार के अस्पताल में उपचार चल रहा है।
दमकल कर्मचारियों के पास भी नहीं थी सेफ्टी किट
ग्रामीणों ने कहा कि दमकल विभाग के पास भी किसी प्रकार की सेफ्टी किट नहीं थी। दमकल कर्मचारी राजेंद्र ने कहा कि उनके पास सेफ्टी किट तो थी, लेकिन ऐसे घटनाएं कभी कदार होती है। उनके पास अचानक फोन आया था, जिस कारण सिस्टम काम नहीं कर सका। उनकी टीम ने ढाई घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन कर जयबीर को कुएं से बाहर निकाला।
कुएं के बाहर तक प्रभाव छोड़ रही थी जहरीली गैस
रेस्क्यू ऑपरेशन कर रहे दमकल विभाग के कर्मचारी राजेंद्र सिंह, संदीप सिंह, बलजीत व संजय ने बताया कि गैस इतनी जहरीली व तीखी थी कि कुएं के बाहर तक प्रभाव छोड़ रही थी। रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना बेहद ही जोखिम भरा था। कुएं के नजदीक जाते ही गैस सिर व दिमाग में चढ़ रही थी। ऐसे में कुएं के अंदर जाना खतरे से खाली नहीं था। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान उनके कर्मचारी संदीप सिंह की भी हालत बिगड़ गई थी। संदीप भी बेसुध हो गया गया। संदीप सिंह को नजदीकी अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया। जहरीली गैस के प्रभाव को कम करने के लिए कुएं पर फराटे पंखे रखने पड़े। पंखे रखने के बाद दमकल कर्मी कुएं में प्रवेश कर पाए।