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एचएयू के रिटायर्ड प्रोफेसर से डिटेल पूछकर खाते से उड़ाए 80 हजार रुपये
Updated Wed, 31 Oct 2018 12:57 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। एचएयू के रिटायर्ड प्रोफेसर ओंकार सिंह दहिया से बैंक खाते की डिटेल पूछकर 80 हजार रुपये निकालने का मामला सामने आया है। इसमें से 40 हजार रुपये उनके खुद के खाते से और बाकी 40 हजार रुपये उनकी प्रोफेसर पत्नी राजेश दहिया के खाते से निकाले गए हैं। इस बारे में सिविल लाइन थाना पुलिस ने फर्जीवाड़े का केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी शिकायत में रिटायर्ड प्रोफेसर ने बताया कि उनकी पेंशन को लेकर बैंक खाते में कुछ दिक्कत थी। इसकी शिकायत के लिए वह 20 अक्तूबर को बैंक की एचएयू स्थित ब्रांच में गए थे। इस बारे में मैैनेजर से बातचीत के बाद वह घर लौट आए। दोपहर को जब वह आराम कर रहे थे, उसी समय उनके मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि वह बैंक से मैनेजर बोल रहे हैं। प्रोफेसर के अनुसार फोन करने वाले की आवाज बैंक मैनेजर से मिलती-जुलती होने के कारण उन्होंने उस पर विश्वास कर लिया। इसके बाद फोन करने वाले ने उनसे कहा कि उनका एटीएम भी चिप सिस्टम वाला बनाया जा रहा है, इसके लिए आप अपने एटीएम कार्ड का नंबर आदि बता दें। प्रोफेसर के अनुसार उन्होंने फोन करने वाले को खुद के एटीएम कार्ड की जानकारी देने के बाद अपनी प्रोफेसर राजेश दहिया के एटीएम कार्ड की डिटेल भी उनको बता दी। इसके बाद उनके खातों दोनों खातों से 40-40 हजार रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर हो गए। जब उनके पास इस बारे में मैसेज आया तो खाते से पैसे निकाले जाने का पता चला। जब उन्होंने इस बारे में उनके पास फोन करने वाले से संपर्क करने की कोशिश की तो वह नंबर बंद मिला। पुलिस जांच में मोबाइल नंबर बंगाल का मिला है।
बैंक की निगरानी से बच गए लाखों रुपये
प्रोफेसर द्वारा अपने व पत्नी के बैंक खाते की डिटेल आरोपी को बताने के बाद उनके खाते से पैसे दूसरे खाते में ट्रांसफर होने शुरू हो गए। दोनों खातों से दो-दो बार में 20-20 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए। उनके खाते से जब संदिग्ध खाते में पैसे ट्रांसफर किए जा रहे तो बैंक का इस पर ध्यान चला गया। इस पर बैंक की तरफ से उनके दोनों खातों की लेनदेन पर रोक लगा दी। प्रोफेसर के अनुसार बैंक की निगरानी से उनके लाखों रुपये बच गए।
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हिसार। एचएयू के रिटायर्ड प्रोफेसर ओंकार सिंह दहिया से बैंक खाते की डिटेल पूछकर 80 हजार रुपये निकालने का मामला सामने आया है। इसमें से 40 हजार रुपये उनके खुद के खाते से और बाकी 40 हजार रुपये उनकी प्रोफेसर पत्नी राजेश दहिया के खाते से निकाले गए हैं। इस बारे में सिविल लाइन थाना पुलिस ने फर्जीवाड़े का केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी शिकायत में रिटायर्ड प्रोफेसर ने बताया कि उनकी पेंशन को लेकर बैंक खाते में कुछ दिक्कत थी। इसकी शिकायत के लिए वह 20 अक्तूबर को बैंक की एचएयू स्थित ब्रांच में गए थे। इस बारे में मैैनेजर से बातचीत के बाद वह घर लौट आए। दोपहर को जब वह आराम कर रहे थे, उसी समय उनके मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि वह बैंक से मैनेजर बोल रहे हैं। प्रोफेसर के अनुसार फोन करने वाले की आवाज बैंक मैनेजर से मिलती-जुलती होने के कारण उन्होंने उस पर विश्वास कर लिया। इसके बाद फोन करने वाले ने उनसे कहा कि उनका एटीएम भी चिप सिस्टम वाला बनाया जा रहा है, इसके लिए आप अपने एटीएम कार्ड का नंबर आदि बता दें। प्रोफेसर के अनुसार उन्होंने फोन करने वाले को खुद के एटीएम कार्ड की जानकारी देने के बाद अपनी प्रोफेसर राजेश दहिया के एटीएम कार्ड की डिटेल भी उनको बता दी। इसके बाद उनके खातों दोनों खातों से 40-40 हजार रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर हो गए। जब उनके पास इस बारे में मैसेज आया तो खाते से पैसे निकाले जाने का पता चला। जब उन्होंने इस बारे में उनके पास फोन करने वाले से संपर्क करने की कोशिश की तो वह नंबर बंद मिला। पुलिस जांच में मोबाइल नंबर बंगाल का मिला है।
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बैंक की निगरानी से बच गए लाखों रुपये
प्रोफेसर द्वारा अपने व पत्नी के बैंक खाते की डिटेल आरोपी को बताने के बाद उनके खाते से पैसे दूसरे खाते में ट्रांसफर होने शुरू हो गए। दोनों खातों से दो-दो बार में 20-20 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए। उनके खाते से जब संदिग्ध खाते में पैसे ट्रांसफर किए जा रहे तो बैंक का इस पर ध्यान चला गया। इस पर बैंक की तरफ से उनके दोनों खातों की लेनदेन पर रोक लगा दी। प्रोफेसर के अनुसार बैंक की निगरानी से उनके लाखों रुपये बच गए।
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