फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   56 रुपये कीमत के 400 ग्राम बीज को 9000 में बेचकर मुनाफा कमा रही थी फ्यूचर मेकर

56 रुपये कीमत के 400 ग्राम बीज को 9000 में बेचकर मुनाफा कमा रही थी फ्यूचर मेकर

Tue, 25 Sep 2018 01:28 AM IST
Updated Tue, 25 Sep 2018 01:28 AM IST
विज्ञापन
56 रुपये कीमत के 400 ग्राम बीज को 9000 में बेचकर मुनाफा कमा रही थी फ्यूचर मेकर
56 रुपये कीमत केे 400 ग्राम बीज को 9000 रुपयों में बेच रही थी फ्यूचर मेकर
विज्ञापन

कुल 41 तरह के प्रोडक्ट, जांच में सभी निम्न स्तर के मिले, बाजार से 161 गुणा तक भाव
हिसार। फर्जी चिटफंड कंपनी फ्यूचर मेकर के बारे में साइबराबाद पुलिस ने खुलासा करते हुए कहा कि कंपनी के पास कुल 41 तरह के प्रोडक्ट थे। इन प्रोडक्ट का मुख्य मकसद सिर्फ कंपनी का प्रचार करते हुए ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाना था। जांच के अनुसार कंपनी ने मुनाफा कमाने के लिए शुरुआत से लेकर पकड़े जाने तक खुलासा हुआ है कि मुनाफा लेने के लिए कंपनी ने अपने सामान की कीमतों को 38 बार तक बढ़ाया है।
कंपनी द्वारा बेचे जा रहे सभी प्रोडक्ट की पैकेजिंग बिना गुणवत्ता और जांच के बाजार में बेचे जा रहे थे। किसी भी प्रोडक्ट का कोई प्रमाणीकरण पुलिस को नहीं मिला है। पुलिस के अनुसार ये सिर्फ एक तरह के डम्मी प्रोडक्ट थे, जिनके माध्यम से आम जनता से पैैसे ठगने थे। कंपनी अपने मुनाफे को अपने प्रमोटर्स को बांटती थी, ताकि वह और ज्यादा लोगों को मुनाफे के लालच में ठग सके।
विज्ञापन

सातवीं पास डायरेक्टर बेच रहा था दवाइयां
पुलिस के अनुसार कंपनी का सीएमडी राधेश्याम सिर्फ सातवीं कक्षा तक पढ़ा है। राधेश्याम के पास इस बारे में कोई योग्यता नहीं है। इसके बावजूद वह विभिन्न तरह केे प्रोडक्ट का प्रचार कर रहा था। कंपनी के पास यौन रोग, हर्बल खेती, वजन बढ़ाने, बाल-त्वचा व सांस से जुड़ी दवाइयां भी बेच रही थीं। राधेश्याम प्रचार में कंपनी के प्रोडक्ट को सर्वोत्तम बताकर प्रचार करता था। जब पुलिस ने इस बारे में राधेश्याम से पूछा तो उसने बताया कि उसे प्रोडक्ट की गुणवत्ता के बारे में कोई जानकारी नहीं है, वह सिर्फ ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए ही इनका प्रचार करता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसकी टोपी उसके सिर पर चल रही थी कंपनी
साइबराबाद पुलिस के अनुसार फ्यूचर मेकर कंपनी सिर्फ टोपी पहनाने की रणनीति पर चल रही थी। मुनाफे के चक्कर में डम्मी प्रोडक्ट 161 गुणा भाव तक बेचे जा रहे थे। कंपनी के निवेशक आगे चलकर मिलने वाले फायदे को देखकर इन निम्न स्तर के प्रोडक्ट को खरीद रहे थे। कंपनी संचालकों ने अपने कारोबार में इन उत्पादों को सिर्फ इसलिए शामिल किया गया था, ताकि वह ग्राहकों को दिखा सके कि उनकी कंपनी कई तरह के प्रोडक्ट बेचकर मुनाफा कमा रही है। पुलिस के अनुसार फ्यूचर मेकर एक बुलबुला थी, जिसे एक दिन फूटना ही था। कंपनी के पास थे कुल 41 तरह के प्रोडक्ट, जिनमें मुख्यत: कपड़ा, खेती के हर्बल प्रोडक्ट, सौंदर्य प्रसाधन के आइटम, वजन कम करने व बढ़ाने के प्रोडक्ट व विभिन्न स्वास्थ्य से जुड़ी दवाइयां प्रमुख हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed