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उच्च अधिकारियों के संज्ञान में मामला न सस्पेंशन न तबादला
Updated Sun, 05 Nov 2017 12:34 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
सिटी थाना पुलिस पर मारपीट करने के आरोपियों को संगीन धाराएं जोड़ने का डर दिखाकर उनसे रुपये ऐंठने का आरोप है। मामला सिटी थाने के अंतर्गत आने वाली 12 क्वार्टर चौकी का है। आरोप है कि दोनों पक्षों में समझौता होने के बावजूद पुलिस ने उनसे 20 हजार रुपये ले लिए। जब पीड़ित पक्ष के धीरेंद्र ने एसपी से मामले की शिकायत की तो उसने पैसे वापस फेंक दिए।
एक नवंबर को 12 क्वार्टर चौकी में दुकान में घुसकर मारपीट करने, जान से मारने का केस दर्ज हुआ था। पांच युवकों को तुरंत कार्रवाई करते हुए हिरासत में ले लिया। पुलिस ने मारपीट के दौरान यूज की कार सिटी थाने में खड़ी कर दी। रात को चारों को अवैध हिरासत में भी सिटी थाने में ही रखा गया। सुबह दोनों पार्टियों का समझौता हो गया। गांव के लोग जब रात को भी सिटी थाने पहुंचे तो सिटी एसएचओ ने धारा 392 (लूट) जोड़ने का डर दिखाकर 25 हजार रुपये मांगे। परिजनों से कहा कि अगर 25 हजार रुपये दोगे तो लूट की धारा नहीं जोड़ेंगे और जिस युवक का नाम नहीं, उसे भी छोड़ देंगे। परिजनों ने उस समय रुपये देने से मना कर दिया और कहा कि जब लूट ही नहीं तो धारा कैसे लगेगी।
सुबह हिरासत में लिए गए युवकों को पुलिस ने वापस 12 क्वार्टर चौकी भेज दिया। दोनों पार्टियों में सुबह समझौता हो गया। दोनों पक्ष शपथ-पत्र लेकर चौकी में चले गए। मारपीट करने वाले पक्ष को चौकी के स्टाफ ने कहा कि आपका मामला यहीं रफा-दफा कर केस रद्द करवा देंगे। इन पांचों को कोर्ट में भी पेश नहीं करना पड़ेेगा। परिजनों को गुमराह कर इस नाम पर उनसे चौकी स्टाफ ने 20 हजार रुपये ऐंठ लिए। 20 हजार लेने के बाद उन्होंने पांचों युवकों को छोड़ दिया और कार की चाबी दे दी और कहा कि सिटी थाने से जब वे लोग कार लेने गए तो पुलिस ने उन्हें कार नहीं दी, न ही एसएचओ ने बात की। नीचे का स्टाफ बोला, साहब व्यस्त हैं, दो दिन चक्कर काटने के बाद कार नहीं मिली।
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कार न मिलने पर मामला गरमा गया। मामला एसपी तक पहुंच गया। इसके बाद चौकी इंचार्ज ने आरोपी पक्ष को बुलाकर कहा कि मेरी नौकरी का सवाल है और उनसे लिए रुपये वापस फेंक दिए।
सिटी एसएचओ बोले, गलतफहमी थी
मारपीट करने वाले पक्ष को शनिवार को एसएचओ ने सिटी थाने में बुलाया। उन्होंने पंचायत के समक्ष कहा कि अपनी गाड़ी ले जाओ। जो हुआ, गलत हुआ है। मैंने तो पैसे नहीं मांगे। आप एक लड़के को सोमवार को पेश कर देना। मामला रद्द हो जाएगा।
वर्जन..
मामले के बारे में सोमवार को आकर बता दो। जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई करेंगे। किसी को नहीं बख्शा जाएगा।
-जितेंद्र खटकड़, डीएसपी, सिटी हिसार
एसपी बोलीं, करवाऊंगी मामले की जांच
एसपी मनीषा चौधरी ने कहा कि अगर ऐसा हुआ है तो इस मामले की जांच करवाई जाएगी।
गिरफ्तारी का डर दिखाकर 20 हजार लिए
एसपी को दी शिकायत तो वापस फेंके
दो पक्षों में मारपीट का मामला : शिकायत के बाद ही सिटी थाने में खड़ी कार सौंपी
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हिसार।
सिटी थाना पुलिस पर मारपीट करने के आरोपियों को संगीन धाराएं जोड़ने का डर दिखाकर उनसे रुपये ऐंठने का आरोप है। मामला सिटी थाने के अंतर्गत आने वाली 12 क्वार्टर चौकी का है। आरोप है कि दोनों पक्षों में समझौता होने के बावजूद पुलिस ने उनसे 20 हजार रुपये ले लिए। जब पीड़ित पक्ष के धीरेंद्र ने एसपी से मामले की शिकायत की तो उसने पैसे वापस फेंक दिए।
एक नवंबर को 12 क्वार्टर चौकी में दुकान में घुसकर मारपीट करने, जान से मारने का केस दर्ज हुआ था। पांच युवकों को तुरंत कार्रवाई करते हुए हिरासत में ले लिया। पुलिस ने मारपीट के दौरान यूज की कार सिटी थाने में खड़ी कर दी। रात को चारों को अवैध हिरासत में भी सिटी थाने में ही रखा गया। सुबह दोनों पार्टियों का समझौता हो गया। गांव के लोग जब रात को भी सिटी थाने पहुंचे तो सिटी एसएचओ ने धारा 392 (लूट) जोड़ने का डर दिखाकर 25 हजार रुपये मांगे। परिजनों से कहा कि अगर 25 हजार रुपये दोगे तो लूट की धारा नहीं जोड़ेंगे और जिस युवक का नाम नहीं, उसे भी छोड़ देंगे। परिजनों ने उस समय रुपये देने से मना कर दिया और कहा कि जब लूट ही नहीं तो धारा कैसे लगेगी।
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सुबह हिरासत में लिए गए युवकों को पुलिस ने वापस 12 क्वार्टर चौकी भेज दिया। दोनों पार्टियों में सुबह समझौता हो गया। दोनों पक्ष शपथ-पत्र लेकर चौकी में चले गए। मारपीट करने वाले पक्ष को चौकी के स्टाफ ने कहा कि आपका मामला यहीं रफा-दफा कर केस रद्द करवा देंगे। इन पांचों को कोर्ट में भी पेश नहीं करना पड़ेेगा। परिजनों को गुमराह कर इस नाम पर उनसे चौकी स्टाफ ने 20 हजार रुपये ऐंठ लिए। 20 हजार लेने के बाद उन्होंने पांचों युवकों को छोड़ दिया और कार की चाबी दे दी और कहा कि सिटी थाने से जब वे लोग कार लेने गए तो पुलिस ने उन्हें कार नहीं दी, न ही एसएचओ ने बात की। नीचे का स्टाफ बोला, साहब व्यस्त हैं, दो दिन चक्कर काटने के बाद कार नहीं मिली।
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कार न मिलने पर मामला गरमा गया। मामला एसपी तक पहुंच गया। इसके बाद चौकी इंचार्ज ने आरोपी पक्ष को बुलाकर कहा कि मेरी नौकरी का सवाल है और उनसे लिए रुपये वापस फेंक दिए।
सिटी एसएचओ बोले, गलतफहमी थी
मारपीट करने वाले पक्ष को शनिवार को एसएचओ ने सिटी थाने में बुलाया। उन्होंने पंचायत के समक्ष कहा कि अपनी गाड़ी ले जाओ। जो हुआ, गलत हुआ है। मैंने तो पैसे नहीं मांगे। आप एक लड़के को सोमवार को पेश कर देना। मामला रद्द हो जाएगा।
वर्जन..
मामले के बारे में सोमवार को आकर बता दो। जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई करेंगे। किसी को नहीं बख्शा जाएगा।
-जितेंद्र खटकड़, डीएसपी, सिटी हिसार
एसपी बोलीं, करवाऊंगी मामले की जांच
एसपी मनीषा चौधरी ने कहा कि अगर ऐसा हुआ है तो इस मामले की जांच करवाई जाएगी।
गिरफ्तारी का डर दिखाकर 20 हजार लिए
एसपी को दी शिकायत तो वापस फेंके
दो पक्षों में मारपीट का मामला : शिकायत के बाद ही सिटी थाने में खड़ी कार सौंपी