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फर्जी पोस्टमार्टम के मामले में डॉ. अमित को एसटीएफ ने किया गिरफ्तार
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हिसार। कैंसर पीड़ितों का बीमा कराकर मौत के बाद हादसा दिखा क्लेम लेने के मामले के तार अब हिसार से भी जुड़ गए हैं। इस मामले में एसटीएफ की टीम ने नागरिक अस्पताल के डॉक्टर अमित को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। डॉ. अमित जिले के धर्मखेड़ी गांव का रहने वाला है और फिलहाल मंगाली सीएचसी में कार्यरत है।
मामले के अनुसार अमित दो दिन पहले गिरफ्तार किए गए पदम खर्ब का सहपाठी है। उसके कहने पर ही वह कैंसर पीड़ितों की मौत के बाद उसे हादसा दिखाने के लिए पोस्टमार्टम करता था और इसके लिए वह प्रति पोस्टमार्टम डेढ़ से दो लाख रुपये लेता था। उसे सोमवार को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर हासिल किया है। रिमांड के दौरान डॉ. अमित से अन्य सबूतों व आरोपियों के बारे में सुराग लगाएगी।
यूं पहुंचे डॉ. अमित के गिरेबां तक
एसटीएफ सोनीपत प्रभारी सतीश देशवाल ने बताया कि पदम खर्ब और डॉ. अमित दोनों ही सहपाठी हैं। पदम खर्ब को पता था कि उसका साथी हिसार के नागरिक अस्पताल में कार्यरत है। जब वह गिरोह के सरगना पवन से मिला तो वह भी उनके गिरोह में शामिल हो गया। उसके बाद उसने हिसार क्षेत्र के कैंसर पीड़ितों के शवों का सौदा करना शुरू कर दिया। इसमें उसका मददगार डॉ. अमित बना। अमित से मिलकर पदम खर्ब ने हिसार के नागरिक अस्पताल में करीब 10 कैंसर पीड़ितों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें हादसे में मौत दिखाया है। उसे एक पोस्टमार्टम की एवज में डेढ़ से दो लाख रुपये तक मिलते थे।
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कैंसर पीड़ित की मौत को हादसा दिखाकर क्लेम लेने के मामले में डॉ. अमित को गिरफ्तार किया गया है। उस पर कैंसर पीड़ित की पोस्टमार्टम में हादसे में मौत दिखाने के लिए पैसे लेने का आरोप है। फिलहाल उसे अदालत से रिमांड पर हासिल किया है। पूछताछ में कुछ और खुलासे होने की उम्मीद है।
- शमशेर सिंह, डीएसपी क्राइम ब्रांच।
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मामले के अनुसार अमित दो दिन पहले गिरफ्तार किए गए पदम खर्ब का सहपाठी है। उसके कहने पर ही वह कैंसर पीड़ितों की मौत के बाद उसे हादसा दिखाने के लिए पोस्टमार्टम करता था और इसके लिए वह प्रति पोस्टमार्टम डेढ़ से दो लाख रुपये लेता था। उसे सोमवार को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर हासिल किया है। रिमांड के दौरान डॉ. अमित से अन्य सबूतों व आरोपियों के बारे में सुराग लगाएगी।
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यूं पहुंचे डॉ. अमित के गिरेबां तक
एसटीएफ सोनीपत प्रभारी सतीश देशवाल ने बताया कि पदम खर्ब और डॉ. अमित दोनों ही सहपाठी हैं। पदम खर्ब को पता था कि उसका साथी हिसार के नागरिक अस्पताल में कार्यरत है। जब वह गिरोह के सरगना पवन से मिला तो वह भी उनके गिरोह में शामिल हो गया। उसके बाद उसने हिसार क्षेत्र के कैंसर पीड़ितों के शवों का सौदा करना शुरू कर दिया। इसमें उसका मददगार डॉ. अमित बना। अमित से मिलकर पदम खर्ब ने हिसार के नागरिक अस्पताल में करीब 10 कैंसर पीड़ितों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें हादसे में मौत दिखाया है। उसे एक पोस्टमार्टम की एवज में डेढ़ से दो लाख रुपये तक मिलते थे।
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कैंसर पीड़ित की मौत को हादसा दिखाकर क्लेम लेने के मामले में डॉ. अमित को गिरफ्तार किया गया है। उस पर कैंसर पीड़ित की पोस्टमार्टम में हादसे में मौत दिखाने के लिए पैसे लेने का आरोप है। फिलहाल उसे अदालत से रिमांड पर हासिल किया है। पूछताछ में कुछ और खुलासे होने की उम्मीद है।
- शमशेर सिंह, डीएसपी क्राइम ब्रांच।